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चीन ने आबादी को लेकर कई दशकों तक बोला इतना बड़ा झूठ, दुनिया सकते में
amarujala.com- Presented by: अकरम
Updated Thu, 25 May 2017 06:33 PM IST
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पिछले कई दशकों से लोग यही जानते हैं कि चीन दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाले देश है। लेकिन अब सामने आया है कि चीन ने अपनी आबादी के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया है। अगर नए आंकडों पर यकीन किया जाए तो अब दुनिया का सबसे बड़ा आबादी वाला देश चीन नहीं बल्कि भारत है।
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चाइना बैंकिंग न्यूज के मुताबिक, एक अमेरिकी एकेडमिक ने कहा है कि चीन तेजी से बूढ़ी होती आबादी और काम करने वाले लोगों की घटती संख्या के बीच कई दशकों से जनसंख्या के आंकड़ों को लेकर झूठ बोलता रहा है।
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विस्कॉन्सिन-मैडिसन विश्वविद्यालय के शोधकर्ता यी फुक्सियान द्वारा संकलित डेटा के अनुसार चीन ने अपनी आबादी वास्तविक आबादी से 9 करोड़ ज्यादा बताई है। चीन में एक कॉन्फ्रेंस में यी ने कहा कि सरकार द्वारा जनसंख्या को छुपाने का काम चल रहा है।
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अगर आंकड़ों को सही मानें तो इस वक्त दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश चीन नहीं भारत है। इससे एक बात स्पष्ट है कि चीन को बूढ़ी हो रही जनसंख्या से मुकाबला करने में और परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
यी ने कहा कि चीन 1990 से 2016 तक अपने देश में जन्म संख्या को लगातार बढ़ा चढ़ाकर बताता रहा है। यी की रिसर्च के मुताबिक, चीन में 1991 से 2016 तक 377.6 मिलियन बच्चे जन्मे थे, जबकि आधिकारिक आंकड़ा 464.8 मिलियन था।
अगर यी की मानें तो 2016 के आखिर तक चीन की आबादी 1.29 अरब थी, न कि 1.38 अरब। हालांकि, भारत की पिछले साल ही आबादी 1.33 अरब के पार हो गई थी।
चीन की पीकिंग यूनिवर्सिटी में इस कॉन्फ्रेंस में अन्य शोधकर्ताओं ने भी यी के आंकड़ों के साथ सहमति जताई। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, चीन की परिवार नियोजन नीति के मुखर विरोधी रहे पीकिंग यूनिवर्सिटी के जनसांख्यिक ली जियानक्सिन ने कहा कि सरकार ने जन्म दर को बढ़ा चढ़ाकर बताया जबकि जनसांख्यिकीय परिवर्तन की गति को कम करके आंका।