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Hindi News ›   World ›   China ›   China: Chinese media protests against unfurling of Tibetan flag in Ladakh 

लद्दाख में तिब्बती झंडा फहराने पर चीनी मीडिया ने बनाया भारत को निशाना

Mon, 10 Jul 2017 11:29 AM IST
amarujala.com- Presented By- अभिषेक तिवारी
amarujala.com- Presented By- अभिषेक तिवारी Updated Mon, 10 Jul 2017 11:29 AM IST
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China: Chinese media protests against unfurling of Tibetan flag in Ladakh 
भारत-चीन संबंध (प्रतीकात्मक) - फोटो : InShorts

चीनी मीडिया इन दिनों लद्दाख में तिब्बती झंडा फहराए जाने के खिलाफ जोरशोर से अपनी  विरोध की आवाज बुलंद किए हुए है। मामले में चीनी मीडिया भारतीय अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ऐसा करने के लिए उकसाया है। तिब्बती सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीनी मीडिया लद्दाख में तिब्बती झंडा फहराने की आलोचना कर रहा है।

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लद्दाख के इस इलाके को भारत में पांगोंग झील कहा जाता है। यह झील चीन और भारत की सीमा रेखा के बेहद करीब है। यह टिप्पणी बीजिंग की ग्लोबल टाइम्स की ओर से की गयी है। लोबल टाइम्स के एख लेख ने कहा गया है कि तिब्बत की ओर से जहां झंडा फहराया गया है वह क्षेत्र चीन की सीमा में आता है। ऐसा करके तिब्बत ने ठीक नहीं किया है।
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लेख में यह भी दावा किया गया है कि भारतीय अधिकारियों ने तिब्बती अलगाववादियों को ऐसा दुस्साहस करने के लिए उकसाया है। हालांकि लेख के लेखक यू निंग ने यह भी स्पष्ट करते हुए कहा कि नई दिल्ली की भागीदारी कोई स्पष्ट सबूत नहीं है। लेकिन लेख में भारत पर  तिब्बत कार्ड का इस्तेमाल करने के लिए भारत पर आरोप लगाया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि भारत चीन राजनीतिक गतिविधियों से निपटने के लिए लंबे समय से तिब्बत का राजनयिक कार्ड के रूप इस्तेमाल करता रहा है। 
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 लेख ने यह भी कहा है कि सिक्किम सीमा पर चल रही तकरार को देखते हुए भारत सरकार को तनावपूर्ण माहौल से बचने के लिए विवेकपूर्ण ढंग से कार्य करना चाहिए। तिब्बत के लोगों को चीन विरोधी गतिविधियों से नियंत्रित करने की जिम्मेदारी भारत की है।भारत को सिक्किम सीमा से अपनी सेना को हटा लेना चाहिए नहीं तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। 


लेख में तर्क दिया कि भारत को इस समय सीमा पार से उतार-चढ़ाव करने के तरीकों पर विचार करना चाहिए। चीन-भारत द्विपक्षीय संबंधों को गड़बड़ नहीं कर सकती। इसके साथ ही लेख ने यह भी बताया कि चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।

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