{"_id":"59d2ce314f1c1bac538b575f","slug":"148th-gandhi-jayanti-celebrated-in-china-with-pompousness","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन में धूमधाम से मनाई गई 148वीं गांधी जयंती ","category":{"title":"China","title_hn":"चीन","slug":"china"}}
चीन में धूमधाम से मनाई गई 148वीं गांधी जयंती
एजेंसी,बीजिंग
Updated Tue, 03 Oct 2017 05:12 AM IST
विज्ञापन
148वीं गांधी जयंती
- फोटो : FILE PHOTO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन की राजधानी बीजिंग के मध्य में विशाल शाओयांग पार्क में सोमवार को महात्मा गांधी के पसंदीदा भजन एवं सूत्र वाक्यों की गूंज सुनाई दी। यहां हर वर्ग के लोग भारत के राष्ट्रपिता बापू की 148वीं जयंती मनाने के लिए एकत्रित हुए थे।
भारतीय दूतावास के एक सांस्कृतिक दल ने यहां गांधी की दैनिक प्रार्थना में गाया जाने वाला प्रसिद्ध भजन वैष्णव जन सुनाया। एक चीनी विद्यालय के लाल स्कार्फ के साथ हरे और सफेद कपड़े पहने बच्चों के दल ने अपने विद्यालय द्वारा संकलित गांधी के सबसे लोकप्रिय सूत्र वाक्यों का वर्णन किया।
चीनी विद्यालय के बच्चों द्वारा वर्णित गांधीवादी सूत्र वाक्यों में, ‘कमजोर कभी भी क्षमा नहीं करते, ‘क्षमाशीलता मजबूत व्यक्तियों की विशेषता है’ और ‘शक्ति आपके शारीरिक बल से नहीं, बल्कि अदम्य इच्छा से आती है’, और किसी राष्ट्र की महानता एवं उसकी नैतिक प्रगति का मूल्यांकन उसके यहां जानवरों पर किए गये सलूक से किया जा सकता है’, शामिल हैं।
विज्ञापन
गांधी के प्रशंसकों ने यहां पार्क में स्थापित बापू की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। चीन के प्रशंसित मूर्तिकार और कलाकार युआन शिकुन ने वर्ष 2005 में यहां पार्क में गांधी की प्रतिमा स्थापित की थी।
विज्ञापन
भारतीय दूतावास के एक सांस्कृतिक दल ने यहां गांधी की दैनिक प्रार्थना में गाया जाने वाला प्रसिद्ध भजन वैष्णव जन सुनाया। एक चीनी विद्यालय के लाल स्कार्फ के साथ हरे और सफेद कपड़े पहने बच्चों के दल ने अपने विद्यालय द्वारा संकलित गांधी के सबसे लोकप्रिय सूत्र वाक्यों का वर्णन किया।
विज्ञापन
चीनी विद्यालय के बच्चों द्वारा वर्णित गांधीवादी सूत्र वाक्यों में, ‘कमजोर कभी भी क्षमा नहीं करते, ‘क्षमाशीलता मजबूत व्यक्तियों की विशेषता है’ और ‘शक्ति आपके शारीरिक बल से नहीं, बल्कि अदम्य इच्छा से आती है’, और किसी राष्ट्र की महानता एवं उसकी नैतिक प्रगति का मूल्यांकन उसके यहां जानवरों पर किए गये सलूक से किया जा सकता है’, शामिल हैं।
विज्ञापन
गांधी के प्रशंसकों ने यहां पार्क में स्थापित बापू की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। चीन के प्रशंसित मूर्तिकार और कलाकार युआन शिकुन ने वर्ष 2005 में यहां पार्क में गांधी की प्रतिमा स्थापित की थी।