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धोखाधड़ी में रजत गुप्ता को दो साल की कैद
Updated Sat, 27 Oct 2012 03:44 PM IST
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अमरीका में गोल्डमैन सैक्स के पूर्व निदेशक भारतीय मूल के रजत गुप्ता को
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शेयर निवेश मामलों में धोखाधड़ी करने और षड़यंत्र रचने के जुर्म में दो
वर्ष की कैद की सज़ा सुनाई गई है।
न्यूयॉर्क में केंद्रीय अदालत के जज जेड रकॉफ़ ने उन पर 50 लाख डॉलर का जुर्माना भी लगाया है। जज का कहना था, "रजत गुप्ता के खिलाफ़ सबूत सिर्फ़ काफ़ी ही नही, बल्कि शर्मनाक भी थे।"
रजत गुप्ता पिछले कई वर्षों से कॉरपोरेट जगत में सबसे उच्च स्तरीय अधिकारी हैं जिन्हें निवेश मामलों में धोखाधड़ी करने का दोषी पाए जाने के बाद सज़ा सुनाई गई है। इस साल 15 जून को रजत गुप्ता को अदालती ज्यूरी ने कुल 6 में से 4 आरोपों में मुजरिम करार दे दिया था।
धोखाधड़ी अब उन्हे 8 जनवरी 2013 को जेल भेजा जाएगा। रजत गुप्ता ने सज़ा सुनाए जाने के बाद एक बयान पढ़ते हुए कहा, “बचपन में अनाथ हो जाने के बाद पिछले 18 महीने मेरे जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण समय था। इस मामले का जो असर मेरे परिवार, मेरे दोस्तों और मुझे प्रिय संस्थाओं पर पड़ा है, उसके लिए मुझे बेहद खेद है। मैं अपनी छवि खो चुका हूं, जो मैंने जीवन भर के लिए बनाई थी। यह फ़ैसला नाशकारी है।”
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रजत गुप्ता पर ये आरोप साबित हो गए थे कि उन्होंने श्रीलंकाई मूल के अरबपति हेज फ़ंड मैनेजर राज राजारत्नम को ग़ैर क़ानूनी तौर पर गोल्डमैन सैक्स और बर्कशेयर जैसी कंपनियों की ख़ुफ़िया जानकारी दे दी थी, जिसके आधार पर शेयर बाज़ार में अवैध रूप से शेयरों की खरीद फ़रोख्त की गई थी। राज राजारत्नम पहले ही भेदिया कारोबार के दोषी क़रार दिए जा चुके हैं और वह 11 साल क़ैद की सज़ा काट रहे हैं।
'सबक लेंगे घपलेबाज' न्यूयॉर्क में अमरीकी अटर्नी जरनल प्रीत भरारा ने रजत गुप्ता को सज़ा सुनाए जाने के बाद कहा, “रजत गुप्ता की हरकतों ने उनकी कई वर्षों में बनाई गई बेहतरीन छवि को हमेशा के लिए दाग़दार बना दिया है। हमें उम्मीद है कि जो लोग निवेश में घपला करने की सोच रहें हों वह इस दुखद मौके से सीख लेंगे और रजत गुप्ता के नक्शे कदम पर चलने से गुरेज़ करेंगे।”
रजत गुप्ता को तीन मामलों में धोखाधड़ी करने और एक मामले में साज़िश रचने का मुजरिम करार दिया गया था जिनके लिए 20 साल तक की सज़ा हो सकती थी। धोखाधड़ी के ही अन्य दो आरोपों में रजत गुप्ता को बरी कर दिया गया था, जिसमें से एक में प्रोक्टर एंड गैंबल कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स रहते हुए गुप्त जानकारी लीक करने का आरोप था।
रजत गुप्ता उस समय गोल्डमैन सैक्स और प्रोक्टर एंड गैंबल कंपनियों के निदेशक बोर्ड में शामिल थे, जिसके कारण उन्हें इन कंपनियों के बारे में महत्वपूर्ण व्यापारिक जानकारियां दी जाती थीं लेकिन नियमानुसार उन्हें गुप्त रखना होता था।
नरमी की अपील अदालत में उनका उनका जुर्म साबित करने के लिए एफ़बीआई द्वारा गुप्त रूप से रिकॉर्ड की गई रजत गुप्ता की फ़ोन कॉलों को भी सुनवाया गया था। उनके शेयरों की खरीद फ़रोख्त समेत निवेश के रिकॉर्ड भी अदालत में पेश किए गए थे।
उनके खिलाफ़ संघीय अदालत में कार्रवाई के दौरान कई निजी कंपनियों के उच्च अधिकारियों और कर्मचारियों की गवाही भी सुनी गई थी।
रजत गुप्ता भारत और अफ़्रीका में कई परोपकारी योजनाओं से भी जुड़े रहे हैं। उनकी परोपकारी सेवाओं का हवाला देकर उनके वकीलों ने अदालत में अर्ज़ी देकर रजत गुप्ता को जेल में बंद करने की सज़ा दिए जाने के बजाए सामाजिक कार्य करने के लिए कहे जाने की गुज़ारिश की थी।
इसके अलावा उनके कई मशहूर समर्थकों जैसे माईक्रोसॉफ़्ट के बिल गेट्स और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफ़ा अन्नान ने भी इस मामले में अदालत के जज को खत लिखकर रजत गुप्ता के साथ नर्मी बरतने की अपील की थी।
अर्श से फर्श पर 63 वर्षीय रजत गुप्ता कोलकाता में पैदा हुए थे। उसके बाद उन्होंने आई सूचना प्रोद्योगिकी की पढ़ाई करने के बाद अमरीका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री ली।
अमरीकी कॉरपोरेट जगत में वह धीरे धीरे जाना माना नाम बन गए। रजत गुप्ता, 1993 से 2003 तक मशहूर अमरीकी कंपनी मैकेंज़ी के मुखिया भी रहे।
निवेश मामलों में धोखाधड़ी करने के आरोप में सज़ा सुनाए जाने के बाद रजत गुप्ता अब वॉल स्ट्रीट के उन 60 व्यापारियों और कॉर्परेट अधिकारियों में शामिल हो गए हैं, जिन पर निवेश मामलों में धोखाधड़ी करने के आरोप साबित हुए हैं।
न्यूयॉर्क में केंद्रीय अदालत के जज जेड रकॉफ़ ने उन पर 50 लाख डॉलर का जुर्माना भी लगाया है। जज का कहना था, "रजत गुप्ता के खिलाफ़ सबूत सिर्फ़ काफ़ी ही नही, बल्कि शर्मनाक भी थे।"
रजत गुप्ता पिछले कई वर्षों से कॉरपोरेट जगत में सबसे उच्च स्तरीय अधिकारी हैं जिन्हें निवेश मामलों में धोखाधड़ी करने का दोषी पाए जाने के बाद सज़ा सुनाई गई है। इस साल 15 जून को रजत गुप्ता को अदालती ज्यूरी ने कुल 6 में से 4 आरोपों में मुजरिम करार दे दिया था।
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धोखाधड़ी अब उन्हे 8 जनवरी 2013 को जेल भेजा जाएगा। रजत गुप्ता ने सज़ा सुनाए जाने के बाद एक बयान पढ़ते हुए कहा, “बचपन में अनाथ हो जाने के बाद पिछले 18 महीने मेरे जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण समय था। इस मामले का जो असर मेरे परिवार, मेरे दोस्तों और मुझे प्रिय संस्थाओं पर पड़ा है, उसके लिए मुझे बेहद खेद है। मैं अपनी छवि खो चुका हूं, जो मैंने जीवन भर के लिए बनाई थी। यह फ़ैसला नाशकारी है।”
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रजत गुप्ता पर ये आरोप साबित हो गए थे कि उन्होंने श्रीलंकाई मूल के अरबपति हेज फ़ंड मैनेजर राज राजारत्नम को ग़ैर क़ानूनी तौर पर गोल्डमैन सैक्स और बर्कशेयर जैसी कंपनियों की ख़ुफ़िया जानकारी दे दी थी, जिसके आधार पर शेयर बाज़ार में अवैध रूप से शेयरों की खरीद फ़रोख्त की गई थी। राज राजारत्नम पहले ही भेदिया कारोबार के दोषी क़रार दिए जा चुके हैं और वह 11 साल क़ैद की सज़ा काट रहे हैं।
'सबक लेंगे घपलेबाज' न्यूयॉर्क में अमरीकी अटर्नी जरनल प्रीत भरारा ने रजत गुप्ता को सज़ा सुनाए जाने के बाद कहा, “रजत गुप्ता की हरकतों ने उनकी कई वर्षों में बनाई गई बेहतरीन छवि को हमेशा के लिए दाग़दार बना दिया है। हमें उम्मीद है कि जो लोग निवेश में घपला करने की सोच रहें हों वह इस दुखद मौके से सीख लेंगे और रजत गुप्ता के नक्शे कदम पर चलने से गुरेज़ करेंगे।”
रजत गुप्ता को तीन मामलों में धोखाधड़ी करने और एक मामले में साज़िश रचने का मुजरिम करार दिया गया था जिनके लिए 20 साल तक की सज़ा हो सकती थी। धोखाधड़ी के ही अन्य दो आरोपों में रजत गुप्ता को बरी कर दिया गया था, जिसमें से एक में प्रोक्टर एंड गैंबल कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स रहते हुए गुप्त जानकारी लीक करने का आरोप था।
रजत गुप्ता उस समय गोल्डमैन सैक्स और प्रोक्टर एंड गैंबल कंपनियों के निदेशक बोर्ड में शामिल थे, जिसके कारण उन्हें इन कंपनियों के बारे में महत्वपूर्ण व्यापारिक जानकारियां दी जाती थीं लेकिन नियमानुसार उन्हें गुप्त रखना होता था।
नरमी की अपील अदालत में उनका उनका जुर्म साबित करने के लिए एफ़बीआई द्वारा गुप्त रूप से रिकॉर्ड की गई रजत गुप्ता की फ़ोन कॉलों को भी सुनवाया गया था। उनके शेयरों की खरीद फ़रोख्त समेत निवेश के रिकॉर्ड भी अदालत में पेश किए गए थे।
उनके खिलाफ़ संघीय अदालत में कार्रवाई के दौरान कई निजी कंपनियों के उच्च अधिकारियों और कर्मचारियों की गवाही भी सुनी गई थी।
रजत गुप्ता भारत और अफ़्रीका में कई परोपकारी योजनाओं से भी जुड़े रहे हैं। उनकी परोपकारी सेवाओं का हवाला देकर उनके वकीलों ने अदालत में अर्ज़ी देकर रजत गुप्ता को जेल में बंद करने की सज़ा दिए जाने के बजाए सामाजिक कार्य करने के लिए कहे जाने की गुज़ारिश की थी।
इसके अलावा उनके कई मशहूर समर्थकों जैसे माईक्रोसॉफ़्ट के बिल गेट्स और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफ़ा अन्नान ने भी इस मामले में अदालत के जज को खत लिखकर रजत गुप्ता के साथ नर्मी बरतने की अपील की थी।
अर्श से फर्श पर 63 वर्षीय रजत गुप्ता कोलकाता में पैदा हुए थे। उसके बाद उन्होंने आई सूचना प्रोद्योगिकी की पढ़ाई करने के बाद अमरीका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री ली।
अमरीकी कॉरपोरेट जगत में वह धीरे धीरे जाना माना नाम बन गए। रजत गुप्ता, 1993 से 2003 तक मशहूर अमरीकी कंपनी मैकेंज़ी के मुखिया भी रहे।
निवेश मामलों में धोखाधड़ी करने के आरोप में सज़ा सुनाए जाने के बाद रजत गुप्ता अब वॉल स्ट्रीट के उन 60 व्यापारियों और कॉर्परेट अधिकारियों में शामिल हो गए हैं, जिन पर निवेश मामलों में धोखाधड़ी करने के आरोप साबित हुए हैं।