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पेरिस समझौते में भारत, चीन कार्बन उत्सर्जन के लिए उत्तरदायी नहीं: वाइट हाउस
एजेंसी/ वाशिंगटन
Updated Sun, 04 Jun 2017 05:52 AM IST
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डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : Africa Times
वाइट हाउस ने पेरिस जलवायु समझौते से अलग होने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इस समझौते में भारत और चीन जैसे देशों को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लिए उत्तरदायी नहीं बनाया गया है।
पर्यावरणीय रक्षा एजेंसी (ईपीए) के प्रशासक स्कॉट प्रुएट ने वाइट हाउस में कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं कि चीन को वर्ष 2030 तक इस समझौते के कार्यान्वयन के लिए कदम नहीं उठाने हैं। भारत को जब तक 2500 अरब डॉलर की मदद नहीं मिल जाती तब तक उसका कोई दायित्व नहीं है।’
ट्रंप ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते से अलग होने की बृहस्पतिवार को घोषणा की थी और उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस पर फिर से बातचीत करेगा जिसके एक दिन बाद वाइट हाउस की यह प्रतिक्रिया है।
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प्रुएट ने कहा, ‘जब रूस अपने लक्ष्य तय करता हैं तो वे अपनी बेसलाइन के तौर पर 1990 तय करते हैं जो उन्हें और अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन जारी रखने की अनुमति देता है। पेरिस समझौता चीन और भारत जैसे देशों की जवाबदेही तय नहीं करता।’ इस समझौते पर 150 से अधिक देशों ने अपनी सहमति जताई है।
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पर्यावरणीय रक्षा एजेंसी (ईपीए) के प्रशासक स्कॉट प्रुएट ने वाइट हाउस में कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं कि चीन को वर्ष 2030 तक इस समझौते के कार्यान्वयन के लिए कदम नहीं उठाने हैं। भारत को जब तक 2500 अरब डॉलर की मदद नहीं मिल जाती तब तक उसका कोई दायित्व नहीं है।’
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ट्रंप ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते से अलग होने की बृहस्पतिवार को घोषणा की थी और उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस पर फिर से बातचीत करेगा जिसके एक दिन बाद वाइट हाउस की यह प्रतिक्रिया है।
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प्रुएट ने कहा, ‘जब रूस अपने लक्ष्य तय करता हैं तो वे अपनी बेसलाइन के तौर पर 1990 तय करते हैं जो उन्हें और अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन जारी रखने की अनुमति देता है। पेरिस समझौता चीन और भारत जैसे देशों की जवाबदेही तय नहीं करता।’ इस समझौते पर 150 से अधिक देशों ने अपनी सहमति जताई है।