बराक ओबामा ने कहा, 'अमेरिका के हित में है भारत को तकनीक देना'
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि भारत को तकनीक की पेशकश करना अमेरिका के हित में है। इससे भारत गंदी तकनीकों के इस्तेमाल से उबर सकेगा और पर्यावरण के अनुकूल तरीकों से अपने विकास का लक्ष्य हासिल कर सकेगा।
इस सप्ताह की शुरुआत में सीबीएस न्यूज को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ओबामा की यह टिप्पणी न केवल पेरिस में जलवायु परिवर्तन की चुनौती से जूझने के लिए कई देशों के मंथन के नजरिये से बल्कि भारत के विकास की जरूरतों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
ओबामा ने कहा, ‘यह हमारे हित में है कि हम भारत के विकास में मदद करें। क्योंकि वह यह कहने नहीं आ रहे कि हम गरीब ही रहना चाहते हैं। वह हमारी ही तरह कार, रेफ्रिजरेटर और एयरकंडीशनर चाहते हैं। यह हमारे हित में है कि हम उनसे कहें कि यह वैसी तकनीक है जिससे वह पुरानी और गंदी तकनीकों से निजात पा सकते हैं और वह भी स्वच्छ और स्मार्ट तरीके से।’ उन्होंने कहा कि हम यह धर्मार्थ नहीं करने जा रहे हैं। हम ऐसा इसलिए कर रहे है क्योंकि वातावरण के लिए आप कोई दीवार नहीं बना सकते। कार्बन उत्सर्जन या वैश्विक तापमान या समुद्र की सीमा के लिए दीवार नहीं तैयार कर सकते।
शीर्ष अमेरिकी राजनयिक अगले हफ्ते आएंगे भारत
इंटरव्यू के दौरान ओबामा ने संकेत दिया कि अमेरिका पर्यावरण अनुकूल तकनीकों की भारत की जरूरतों को पूरी करना चाहता है।
पिछले
कुछ महीनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘जलवायु न्याय’ की मांग कर रहे
हैं। उनका तर्क है कि भारत ग्लोबल वार्मिंग से पीड़ित है और जीवाश्म ईंधन
के जरिये विकास और प्रदूषण के लिए जिम्मेदार नहीं है।
एक दूसरे की समृद्धि और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में अमेरिका-भारत सहयोग को रफ्तार देने के लिए एक शीर्ष अमेरिकी राजनयिक अगले हफ्ते भारत आ रहे हैं। विदेश उपमंत्री एंटनी ब्लिनकेन सात और आठ दिसंबर को अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलेंगे।
वह द्विपक्षीय और वैश्विक आर्थिक और सुरक्षा मसलों सहित अमेरिका-भारत की परस्पर समृद्धि और क्षेत्रीय स्थिरता बढ़ाने पर भी चर्चा करेंगे। यहां से ब्लिनकेन पाकिस्तान जाएंगे।