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फ्रांस की मदद से दयारा बनेगा स्कीईंग डेस्टिनेशन
Updated Sat, 19 Aug 2017 10:03 PM IST
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उत्तरकाशी। दयारा को उत्तराखंड के उन तीन पर्यटन स्थलों में शामिल किया गया है, जिनको फ्रांस की मदद से स्कीइंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाना है। इसके लिए अक्तूबर तक फ्रांस के साथ करार हो जाएगा। इसके बाद फ्रांस उत्तराखंड को स्कीइंग डेस्टिनेशन तैयार करने के लिए वित्तीय व तकनीकी मदद करेगा। इसको लेकर 13 सितंबर को फ्रांस के एंबेसडर मुख्यमंत्री से मुलाकात भी करेंगे।
अभी तक उत्तराखंड में औली ही एक मात्र जगह है, जो स्कीइंग के लिए उपयुक्त मानी जाती है। लेकिन प्रदेश सरकार अब औली के अलावा दयारा पर भी अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। दयारा में दिसंबर-जनवरी में तीन से चार फीट तक बर्फ पड़ी रहती है। यहां कई हेक्टेयर तक बर्फ जमी रहती है, जो स्कीइंग के लिए सही मानी जाती है। सरकार उत्तराखंड के तीन ऐसे पर्यटन स्थलों को स्कीइंग के लिए तैयार कर रही है, जहां आने वाले समय में स्कीइंग प्रतियोगिताएं कराई जा सके। इनमें दयारा के अलावा चमोली के गोरसों व वेदनी बुग्याल का नाम भी शामिल है। इसके लिए उत्तराखंड सरकार फ्रांस की मदद लेगी। पर्यटन सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की माने तो अक्तूबर तक फ्रांस के साथ करार होने की संभावनाएं हैं। इस करार के तहत फ्रांस स्कीइंग डेस्टिनेेशन तैयार करने के लिए उत्तराखंड सरकार को तकनीकी व वित्तीय सहयोग करेगी।
रैथल से सात किमी का पैदल ट्रैक है दयारा
जिला मुख्यालय से करीब 48 किमी दूर स्थित दयारा बुग्याल अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। हर साल यहां देश-विदेश से पर्यटक ट्रैकिंग करने पहुंचते हैं। दयारा जाने के लिए सैलानियों व ट्रैकर्स को रैथल गांव से करीब सात किमी की पैदल खड़ी चढ़ाई नापनी पड़ती है। दयारा से डोडीताल और बकराटॉप आदि पर्यटक स्थलों को जाने के लिए भी पैदल रास्ता है। करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दयारा में हरे मखमली बुग्याल के अलावा कई प्रकार के पुष्प, औषधियां पादप हैं।
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अभी तक उत्तराखंड में औली ही एक मात्र जगह है, जो स्कीइंग के लिए उपयुक्त मानी जाती है। लेकिन प्रदेश सरकार अब औली के अलावा दयारा पर भी अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। दयारा में दिसंबर-जनवरी में तीन से चार फीट तक बर्फ पड़ी रहती है। यहां कई हेक्टेयर तक बर्फ जमी रहती है, जो स्कीइंग के लिए सही मानी जाती है। सरकार उत्तराखंड के तीन ऐसे पर्यटन स्थलों को स्कीइंग के लिए तैयार कर रही है, जहां आने वाले समय में स्कीइंग प्रतियोगिताएं कराई जा सके। इनमें दयारा के अलावा चमोली के गोरसों व वेदनी बुग्याल का नाम भी शामिल है। इसके लिए उत्तराखंड सरकार फ्रांस की मदद लेगी। पर्यटन सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की माने तो अक्तूबर तक फ्रांस के साथ करार होने की संभावनाएं हैं। इस करार के तहत फ्रांस स्कीइंग डेस्टिनेेशन तैयार करने के लिए उत्तराखंड सरकार को तकनीकी व वित्तीय सहयोग करेगी।
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रैथल से सात किमी का पैदल ट्रैक है दयारा
जिला मुख्यालय से करीब 48 किमी दूर स्थित दयारा बुग्याल अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। हर साल यहां देश-विदेश से पर्यटक ट्रैकिंग करने पहुंचते हैं। दयारा जाने के लिए सैलानियों व ट्रैकर्स को रैथल गांव से करीब सात किमी की पैदल खड़ी चढ़ाई नापनी पड़ती है। दयारा से डोडीताल और बकराटॉप आदि पर्यटक स्थलों को जाने के लिए भी पैदल रास्ता है। करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दयारा में हरे मखमली बुग्याल के अलावा कई प्रकार के पुष्प, औषधियां पादप हैं।
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