{"_id":"58fa4ca94f1c1bff568b4d26","slug":"progressive-farmer","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंजर भूमि में जैविक खाद से बेमौसम पैदा की लौकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंजर भूमि में जैविक खाद से बेमौसम पैदा की लौकी
महेंद्र जंगपांगी/अमर उजाला, थल (पिथौरागढ़)।
Updated Fri, 21 Apr 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
प्रगतिशील किसान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थल (पिथौरागढ़)। विपरीत परिस्थितियों में भी हौसला बरकरार रखकर यदि कुछ अलग करने का जुनून पैदा कर लिया जाए तो किस्मत बदली जा सकती है। ऐसा ही कुछ साबित कर दिखाया है धारगांव के बलवंत सिंह मेहता ने। होटल कारोबार में घाटा होने पर उन्होंने ने केवल अपनी बंजर जमीन को आबाद किया बल्कि जैविक खाद से सब्जियां पैदा कर माली हालत भी सुधार ली।
विज्ञापन
इस साल जैविक खाद का उपयोग कर उन्होंने मार्च में ही लौकी का उत्पादन करने में सफलता पा ली जबकि पहाड़ों पर आम तौर पर जुलाई के बाद ही लौकी की फसल ली जाती है। बलवंत अपनी मेहनत के बूते आज इलाके के सफल किसानों की श्रेणी में हैं।
विज्ञापन
44 वर्षीय बलवंत पहले थल बाजार में होटल चलाते थे लेकिन उससे आमदनी न होने के कारण उन्होंने 2010 में अपने घर से 500 मीटर की दूरी पर स्थित बंजर जमीन में सब्जी लगाने का फैसला लिया। सबसे पहले तो उन्होंने बेमौसमी सब्जी उत्पादन के बारे में गहनता से अध्ययन किया।
विज्ञापन
इसके बाद बंजर जमीन को आबाद किया। इस जमीन पर 2011 में खीरा, 2012 में तोरई, 2013 में बंदगोभी और इस बार लौकी का उत्पादन किया है। वह खेतों में रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं करते। हरड़, आंवला, बांज, फल्यांट, मेहल, केले की पत्तियों, जामुन, शीशम, चीड़ की खाल से तैयार खाद का ही प्रयोग कर रहे हैं।
इस बार उन्होंने 22 मार्च से लौकी की बिक्री शुरू की। उनके घर से ही लोग सब्जी खरीदने को आते हैं। बलवंत ने बताया कि पिछले साल उन्होंने 20 क्विंटल गोभी बेची थी। इस बार वह अब तक डेढ़ क्विंटल लौकी बाजार में बेच चुके हैं। उनका यह भी कहना है कि यदि पहाड़ के लोग इसी तरह सब्जी का उत्पादन करें तो मैदान पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी लेकिन यह ध्यान देना होगा कि वह रासायनिक खाद का मोह छोड़ दें। अपने काम से बेहद संतुष्ट बलवंत ने बताया कि वह अपने प्रयोग की जानकारी अन्य लोगों को भी देंगे।