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दावाग्नि की चपेट में अस्कोट मृगविहार के कई जंगल

Sun, 01 May 2016 10:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/धारचूला/कनालीछीना
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/धारचूला/कनालीछीना Updated Sun, 01 May 2016 10:08 PM IST
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Ascott Mrigvihar many forest vulnerable to forest fire
आग बुझाते एसडीआरएफ के जवान - फोटो : अमर उजाला

दावाग्नि की चपेट में आने से अस्कोट कस्तूरा मृग विहार भी नहीं बच सका है। अस्कोट मृग विहार आग की चपेट में आने से राज्य पशु कस्तूरी, राज्य पक्षी मोनाल ही नहीं, राज्य पुष्प बुरांश पर संकट आ गया है। रविवार को जिला मुख्यालय में गैस गोदाम के पास तक जंगल की आग पहुंच गई। मड़मानले गांव में जंगल की आग से पशुपालकों की सूखी घास जल गई है। वन विभाग, एसडीआरएफ, फायरब्रिगेड, आपदा प्रबंधन, सामाजिक संगठनों के लोगों ने कई स्थानों में आग बुझाई। रविवार को 15 नए जंगलों में आग लगने की घटना सामने आई, इसमें करीब 50 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचने का अनुमान है। जिले में अब तक वनाग्नि की 91 घटनाएं सरकारी आंकड़ों में दर्ज हैं। करीब 285 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। 60 हजार से अधिक पेड़ जल चुके हैं।

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रविवार को दावाग्नि की भीषणता और भयावह थी। चंद मीटर की हवाई दूरी में कुछ नहीं दिखाई दे रहा था। दिखाई दे रहा था, तो बस धुआं। धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार अस्कोट कस्तूरा मृगविहार के किमखोला, दूतीबगड़, बलुवाकोट, अस्कोट, पैयापौड़ी, मुनस्यारी के नामिक समेत कई जंगल भीषण आग की चपेट में हैं। अस्कोट मृग विहार क्षेत्र में राज्य पशु कस्तूरा, राज्य पक्षी मोनाल के साथ ही दुर्लभ प्रजाति के जीव, जंतु पाए जाते हैं। आग वन्यजीवों की काल साबित हो रही है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में राज्य पुष्प बुंराश बहुतायत में पाया जाता है। बेशकीमती जड़ीबूटियों का भी हिमालयी क्षेत्र भंडार है। जंगल की आग ने सब कुछ तबाह कर दिया है। कस्तूरा मृगविहार क्षेत्र में आग बुझाने के कोई सरकारी इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।
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मड़मानले में रविवार को जंगल से आबादी में घुसी आग से भीषण तबाही मची है। लोगों के 15 सूखी घास के ढेर आग में जल गए। सामाजिक कार्यकर्ता किशोर धामी ने बताया कि ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत के बाद आबादी क्षेत्र में आग पर काबू पाया। जंगलों की आग अब भी बेकाबू है। रविवार दोपहर जिला मुख्यालय में गैस गोदाम के पास तक जंगल की आग पहुंच गई। फायर कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
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सूचना विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को जिले के वमनगांव, क्वीटी, किल्ल, चंडाक रोड, थलकेदार, पत्थरखानी, जाखनी, सलमोड़ा, धारचूला के गर्ब्यालखेड़ा के जंगलों में लगी आग को वन विभाग, एसडीआरएफ, फायरब्रिगेड, आपदा प्रबंधन, हरेला संस्था के लोगों ने काबू पाया। बताया गया है कि कनालीछीना के सिरोली और मड़मानले के जंगलों में भीषण आग लगी थी, जिस पर नियंत्रण के प्रयास जारी हैं।

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