आपका शहर Close

रानीखेत को अंग्रेजों ने दिया यह कैसा कलंक

हल्द्वानी/ब्यूरो

Updated Sat, 24 Nov 2012 12:17 PM IST
britishers kept disease name on name of ranikhet
कुदरती रूप से खूबसूरत शहर रानीखेत पर अंग्रेजों ने ऐसा कलंक लगाया जो आजादी के 65 साल बाद भी बरकरार है। दरअसल, ‘रानीखेत’ पक्षियों में खासकर मुर्गियों में वायरस से फैलने वाले रोग का नाम भी है। लेकिन यह बीमारी मोर और बतख में भी फैलती है। इस बीमारी का भारत के शहर से कोई संबंध तक नहीं है, बल्कि अंग्रेजों ने साजिशन इसका नाम न्यू कैसल से बदलकर रानीखेत रख दिया।
ग्रेटर नोएडा के कुछ गांवों में दो माह पहले इसी रोग के फैलने की खबर के बाद आरटीआई कार्यकर्ता ने केंद्र सरकार से इसकी जानकारी मांगते हुए इस माहामारी का नाम बदलने की मांग की है। रानीखेत बीमारी का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है। वर्ष 1938 में ब्रिटेन के न्यू कैसल शहर में मुर्गियों पर जानलेवा वायरस ने हमला किया था और इस वायरस का नाम उसी शहर के नाम पर रख दिया गया।

फिर हिंदुस्तान में जब यह रोग आया तो यहां भी उसे न्यू कैसल ही कहा गया, लेकिन आजादी से पहले एक बार रानीखेत में मुर्गियों के न्यू कैसल रोग की चपेट में आने की सूचना पर इसका नाम बदलकर रानीखेत कर दिया। ताकि दुनिया में न्यू कैसल शहर की बदनामी न हो। दुर्भाग्यवश, अब भी हिंदुस्तान में जहां भी यह वायरस फैलता है, वहां इसे ‘रानीखेत’ ही कहा जाता है। उत्तर भारत में इस रोग का फैलाव तो कभी-कभार ही होता है, लेकिन दक्षिण और पश्चिम भारत में कई बार यह रोग मुर्गियों के लिए महामारी सरीखा होता है।

ग्रेटर नोएडा के गांवों में रानीखेत रोग के फैलने की खबर आने के बाद दिल्ली में पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेड और मूल रूप से उत्तराखंड के मासी गांव निवासी सतीश जोशी ने सूचना का अधिकार के तहत भारत सरकार के पशुपालन, डेयरी और मतस्य पालन विभाग से इसके बारे में जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस विभाग के लोक सूचना अधिकारी ने अब सह सचिव को जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

सतीश जोशी ने उत्तराखंड में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के सामने भी यह मामला रखा है। उनका कहना है कि उत्तराखंड के खूबसूरत स्थान की अस्मिता पर यह बड़ा दाग है। किसी स्थान के नाम से बीमारी का नाम रखना उचित नहीं है। उन्होंने आरटीआई के जरिए प्रश्न पूछने के साथ रानीखेत रोग का नाम बदलने का भी सुझाव दिया है, और मुहिम चलाई है।

पर्यटकों में क्या जाएगा संदेश
रानीखेत सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण ही नहीं बल्कि सेना की कुमाऊं रेजीमेंट का मुख्यालय भी है। इस जगह के दीदार के लिए देश भर से सालभर पर्यटक आते रहते हैं। ऐसे में पक्षियों के रोग का नाम रानीखेत रखने वाले अंग्रेजों की कारस्तानी में अब तक कोई बदलाव नहीं होना आजाद भारत के छोटे और सुंदर शहर का दुर्भाग्य है। ऐसे में पर्यटकों या फिर अन्य लोगों में रानीखेत का क्या संदेश जाएगा, यह समझा जा सकता है।

Comments

स्पॉटलाइट

19 की उम्र में 27 साल बड़े डायरेक्टर से की थी शादी, जानें क्या है सलमान और हेलन के रिश्ते की सच

  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

साप्ताहिक राशिफलः इन 5 राशि वालों के बिजनेस पर पड़ेगा असर

  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

ऐसे करेंगे भाईजान आपका 'स्वैग से स्वागत' तो धड़कनें बढ़ना तय है, देखें वीडियो

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

सलमान खान के शो 'Bigg Boss' का असली चेहरा आया सामने, घर में रहते हैं पर दिखते नहीं

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

आखिर क्यों पश्चिम दिशा की तरफ अदा की जाती है नमाज

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

Most Read

पद्मावती विवाद पर आसाराम ने खोला मुंह, जानिए क्या कहा

Asaram's statement on Padmavati controversy
  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

हिजबुल का दावा- हमने भारतीय सेना से मरवाए पाक आतंकी, कश्मीर की जंग हमारी

HIZBUL TERRORIST VIDEO GOES TO VIRAL ON SOCIAL MEDIA IN SRINAGAR
  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

J&K: हंदवाड़ा में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने घेरकर मार गिराए लश्कर के 3 आतंकी

Three LeT terrorists all Pakistani neutralized in Handwara district of North Kashmir
  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

मध्यप्रदेश: हिन्दू महासभा के दफ्तर से हटाई गई गोडसे की मूर्ति, कमरा सील

Police removed statue of Nathuram Godse from hindu mahasabha gwalior office in madhya pradesh
  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

हनुमान की मूर्ति को एयर लिफ्ट करने पर विचार करें एजेंसियां- हाईकोर्ट

Can Hanuman statue be airlifted to fix traffic, asks Delhi High Court
  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

सपा प्रत्याशी के खिलाफ शिवपाल ने दिया बयान और जनता के सामने निर्दलीय प्रत्याशी का किया समर्थन

shivpal singh yadav staement against samajwadi party candidate
  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!