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ईवीएम मामले में हाईकोर्ट के दो सप्ताह में आपति पेश करने के निर्देश
Updated Sat, 29 Jul 2017 02:26 AM IST
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नैनीताल। हाइकोर्ट ने विधानसभा के चुनाव में ईवीएम के साथ छेड़छाड़, हैकिंग और जोड़-तोड़ से संबंधित मामलों में याचिकाकर्र्ताओं से दो सप्ताह के अंदर आपत्ति पेश करने को कहा है ।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एसके गुप्ता के समक्ष हुई। विधायक मुन्ना सिंह चौहान ,खजान दास, आदेश कुमार चौहान, उमेश शर्मा काऊ, गणेश जोशी, विजय सिंह पंवार, यतीश्वरानंद, त्रिवेंद्र सिंह रावत और हरभजन सिंह चीमा के खिलाफ याचिकाएं दायर की गई थीं। इनमें याचिकाकर्र्ताओं ने मतदाता सूची नामांकन में जन्म तिथि और वोटिंग मशीनों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था।
पूर्व में कोर्ट ने इन वोटिंग मशीनों को सील करने के आदेश दिए थे। चुनाव आयोग ने कोर्ट में शपथपत्र देकर कोर्ट से प्रार्थना की थी कि चुनाव आयोग और रिटर्निंग आफिसर को इन याचिकाओं में गलत तरीके से पक्षकार बनाया गया है, लिहाजा उनको इससे हटा दिया जाए। उन्होंने मांग थी कि आरपी एक्ट की धारा 82 के आधार पर चुनाव आयोग और रिटर्निंग आफिसर को पार्टी नहीं बनाया जा सकता है। इस संबंध में कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से दो सप्ताह में अपना पक्ष कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए। मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी।
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शुक्रवार को मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एसके गुप्ता के समक्ष हुई। विधायक मुन्ना सिंह चौहान ,खजान दास, आदेश कुमार चौहान, उमेश शर्मा काऊ, गणेश जोशी, विजय सिंह पंवार, यतीश्वरानंद, त्रिवेंद्र सिंह रावत और हरभजन सिंह चीमा के खिलाफ याचिकाएं दायर की गई थीं। इनमें याचिकाकर्र्ताओं ने मतदाता सूची नामांकन में जन्म तिथि और वोटिंग मशीनों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था।
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पूर्व में कोर्ट ने इन वोटिंग मशीनों को सील करने के आदेश दिए थे। चुनाव आयोग ने कोर्ट में शपथपत्र देकर कोर्ट से प्रार्थना की थी कि चुनाव आयोग और रिटर्निंग आफिसर को इन याचिकाओं में गलत तरीके से पक्षकार बनाया गया है, लिहाजा उनको इससे हटा दिया जाए। उन्होंने मांग थी कि आरपी एक्ट की धारा 82 के आधार पर चुनाव आयोग और रिटर्निंग आफिसर को पार्टी नहीं बनाया जा सकता है। इस संबंध में कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से दो सप्ताह में अपना पक्ष कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए। मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी।
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