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खसरा रुबेला प्रतिरक्षण अभियान को सफल बनाएं
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:47 PM IST
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पाटी(चंपावत)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटी में खसरा रुबेला प्रतिरक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए एक दिनी गोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास शिक्षा विभाग अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बृहस्पतिवार को आयोजित गोष्ठी में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्विलांस मेडिकल ऑफीसर डॉ. भवानी सिंह ने विभिन्न विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों को बताया कि 11 सितंबर से उत्तराखंड में राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे खसरा रुबेला प्रतिरक्षण अभियान का आरंभ होगा। इसमें नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को एमआर टीके की विशेष खुराक दी जाएगी। गोष्ठी में एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि विश्व में प्रतिवर्ष बाल मृत्यु में खसरा सबसे ज्यादा मारक है।
इसमें करीब 49 हजार 200 मौतें भारत में हुई हैं। उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं में रुबेला वायरस हो, उनके बच्चों में भविष्य में कई जन्मजात बीमारियां पैदा होने का खतरा रहता है। एसीएमओ ने बताया कि मिजिल्स खसरा होने से बच्चों को निमोनिया, डायरिया होने के साथ ही उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
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इससे बच्चों की मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है। इसकी रोकथाम के लिए सभी सरकारी गैर सरकारी स्कूलों में टीकाकरण करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी आशाओं और एनएम से गांवों, स्कूलों का डाटा तैयार करने को कहा। इस मौके व्यापार मंडल अध्यक्ष तेज सिंह बिष्ट, भगीरथ सोराड़ी, ब्लाक समन्वयक श्याम सिंह लडवाल, तनुजा वर्मा आदि थे। ब्यूरो
फोटो 29 एलएचजी 02 पी
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बृहस्पतिवार को आयोजित गोष्ठी में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्विलांस मेडिकल ऑफीसर डॉ. भवानी सिंह ने विभिन्न विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों को बताया कि 11 सितंबर से उत्तराखंड में राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे खसरा रुबेला प्रतिरक्षण अभियान का आरंभ होगा। इसमें नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को एमआर टीके की विशेष खुराक दी जाएगी। गोष्ठी में एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि विश्व में प्रतिवर्ष बाल मृत्यु में खसरा सबसे ज्यादा मारक है।
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इसमें करीब 49 हजार 200 मौतें भारत में हुई हैं। उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं में रुबेला वायरस हो, उनके बच्चों में भविष्य में कई जन्मजात बीमारियां पैदा होने का खतरा रहता है। एसीएमओ ने बताया कि मिजिल्स खसरा होने से बच्चों को निमोनिया, डायरिया होने के साथ ही उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
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इससे बच्चों की मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है। इसकी रोकथाम के लिए सभी सरकारी गैर सरकारी स्कूलों में टीकाकरण करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी आशाओं और एनएम से गांवों, स्कूलों का डाटा तैयार करने को कहा। इस मौके व्यापार मंडल अध्यक्ष तेज सिंह बिष्ट, भगीरथ सोराड़ी, ब्लाक समन्वयक श्याम सिंह लडवाल, तनुजा वर्मा आदि थे। ब्यूरो
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