अकेली रहने वाली महिलाओं का राज्य स्तरीय सम्मेलन शुरू
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महिला हाट की ओर से अकेली रहने वाली महिलाओं के लिए आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में वक्ताओं ने पेंशन, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं की समस्याओं को उठाया और केंद्र और राज्य सरकार से महिलाओं की समस्याओं के निदान के लिए कदम उठाने की मांग की। उन्होंने ऐसी महिलाओं की पेंशन तीन हजार करने और आवास योजनाओं में भी महिलाओं को प्राथमिकता देने को कहा।
आस्था संस्थान उदयपुर के सहयोग से चल रहे दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन वक्ताओं ने कहा कि अकेली महिलाओं को सरकार द्वारा देय मासिक पेंशन नियमित रूप से नहीं मिलती है जिससे उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बमन तिलाड़ी गांव से पहुंचीं हेमा भट्ट और कैंची नैनीताल से पहुंची मंजु देवी ने अकेली महिलाओं की न्यूनतम पेंशन तीन हजार करने की मांग की। बागेश्वर से पहुंचीं दीपा सनवाल ने विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं की चयन प्रक्रिया ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर सरल कर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की मांग की।
बेतालघाट से पहुंचीं ऊषा देवी ने मनरेगा का कार्य अकेली महिलाओं को नहीं मिलने की शिकायत की। महिलाओं ने सरकार से आवास योजना में ऐसी महिलाओं को प्राथमिकता देने और आवास योजना का सही तरीके से चयन करने के लिए योजना बनाने की मांग की। कार्यक्रम में पहुंचे सीडीओ जेएस नागन्याल ने एकल महिलाओं की समस्याओं के निदान का आश्वासन देते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। सम्मेलन में अल्मोड़ा के अलावा नैनीताल, बागेश्वर से भी काफी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। कार्यक्रम में अश्विनी पालीवाल, पवन, महिला हाट की कृष्णा बिष्ट, श्वेता अग्रवाल, राजू कांडपाल, गीता टम्टा, संजय कुमार, कमल सिंह, आशा पाल, शोभा, गीता आदि ने भाग लिया।