काशी विद्यापीठ: यूजी-पीजी के छात्रों को रोजगार से जोड़ेगा मैनेजमेंट सर्टिफिकेट कोर्स, ऑनलाइन चलेंगी कक्षाएं
नई शिक्षा नीति के तहत महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में मैनेजमेंट सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। अर्थशास्त्र विभाग ने इसके लिए एडटेक कंपनी यंग स्किल्ड इंडिया से करार किया है।
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वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए मैनेजमेंट सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग व एडटेक कंपनी यंग स्किल्ड इंडिया सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ गुरुवार को समझौता किया गया। कोर्स की अवधि छह माह की होगी।
अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश पाल ने बताया कि पाठ्यक्रम की कक्षाएं ऑनलाइन संचालित की जाएंगी। इसमें मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स और इंडस्ट्री विशेषज्ञों की टीम छात्रों को पढ़ाएगी। इसमें सेल्स, मार्केटिंग, एचआर और फाइनेंस के विशेषज्ञ शामिल होंगे। पाठ्यक्रम 90 फीसदी प्रैक्टिकल, केस स्टडी बेस्ड पर आधारित होंगे।
75 प्रतिशत युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना लक्ष्य
प्रो. पाल ने कहा कि यह पाठ्यक्रम छात्रों को रोजगार से जोड़ने में सहायक होगा। यंग स्किल्ड इंडिया के प्रोग्राम मैनेजमेंट कोर्स को विश्वविद्यालय के सभी विभागों में वर्कशाप व वेबिनार साहित्य अन्य शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इस कोर्स को स्नातक और परास्नातक कोर्स में जोड़ने से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ जाएगी। नैक और यूजीसी की अपेक्षा के अनुसार 75 प्रतिशत युवाओं को रोजगार के लिए तैयार किया जा सकता है।
प्रबंधन कौशल सीखने के बाद युवाओं और महिलाओं में आत्मविश्वास का संचार होगा और वो स्वयं को रोजगार पाने और स्टार्टअप के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने मे सहायता कर पाएंगे। स्टार्टअप या छोटे व्यवसायों को शुरू करने और उनकी सफलता के लिए जरूरी, मैनेजमेंट की शिक्षा भारत समेत पूरे विश्व में बहुत महंगी हैं, इस कारण ये अधिकतर लोगों के लिए कठिन हो जाती है। अनेक कंपनियां उन्हीं स्नातक और परास्नातक को नौकरी ऑफर करना पसंद करती हैं जो मैनेजमेंट स्किल्स में पारंगत हैं।