बीएचयू बवालः छात्राओं से कुलपति ने कहा कुछ ऐसा, मचा घमासान, वीडियो वायरल
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बाद में मामला एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में प्रमुखता से उठा और पीएमओ से लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्रो. त्रिपाठी को माहौल को शांत करने की सलाह दी।
प्रो. त्रिपाठी ने महिला छात्रावासों का दौरा शुरू कर दिया है। हालांकि माहौल खराब होने के बाद तमाम छात्राओं को जबरन अपने-अपने घर भेज दिया गया है तो कई छात्राएं त्योहार होने के कारण खुद ही घर चली गई हैं।
इस कारण छात्रावासों में चंद छात्राएं रह गई हैं। गुरुवार की रात उन्होंने महिला महाविद्यालय के छात्रावास में अंत:वासी छात्राओं से बातचीत की।
इससे पहले बुधवार की रात प्रो. त्रिपाठी करीब 1200 छात्राओं की क्षमता वाले त्रिवेणी हॉस्टल पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर उस समय वहां मौजूद लगभग 150 छात्राओं की ओर से उठाई गई समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
त्रिवेणी हॉस्टल में छात्राओं और कुलपति की बातचीत का वीडियो वायरल हो गया है। 2 मिनट 39 सेकेंड वाले इस वीडियो में एक छात्रा ने कुलपति से ताबड़तोड़ कई सवाल पूछ डाले। इस छात्रा का चेहरा नहीं नहीं दिख रहा है।
वीडियो में वीसी छात्राओं को डांटते हुए कह रहे हैं-‘एक लड़की की अस्मिता को लेकर बाजार में पहुंच गई’। गुरुवार रात 12 बजे तक 100 से अधिक लोग रिट्वीट कर चुके थे, जबकि 75 के करीब लोगों ने इसे लाइक किया।
वहीं 50 से अधिक लोगों ने प्रतिक्रिया में विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति को उन्हीं के जवाबों में घेरने की कोशिश की है। वीडियो से यह भी खुलासा हो रहा है कि आंदोलनकारी छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया था।
गौरतलब है कि इससे पहले कुलपति लाठीचार्ज की घटना से इंकार कर चुके हैं। वीडियो में कुलपति के पहले ही जवाब के बीच एक छात्रा बीच-बीच में तीन बार ‘झूठ बोल रहे हैं...’ कह रही है। इस दौरान एक शिक्षिका हस्तक्षेप करते हुए कहती हैं-‘सर गेट तक आए थे’।
वायरल हुए वीडियो के अंश
छात्रा: आप बुलाए, आप ने कहा भी था कि हम आ रहे हैं फिर भी आप नहीं आए।
कुलपति: क्या यह सही बात है। तुम क्यों नहीं आई, यह नहीं कह रही हो। अच्छा आए, वहां तक क्यों। गेट तक नहीं पहुंच पाए। आते ही स्थितियां खराब हो गईं। मैंने कहा कि हाथापाई हो जाएगी तो यह बेवजह एक न्यूज बन जाएगी।
छात्रा: अच्छा ठीक है। छात्राओं पर लाठीचार्ज हुई थी, आप बताइए?
कुलपति: वो लड़की लेकर आओ, जिसे लाठी लगी थी। ईमानदारी से लाना लेकिन इसलिए नहीं क्योंकि तुम अपनी गलती नहीं मानती हो। तुमने क्यों नहीं समझाया, क्यों इनको-इनको रोक रही हो आने को। क्यों नहीं आने देती। मैंने पहले ही आकर बातचीत की। गलतियां सबसे होती हैं। ठीक है। बैठ जाओ। बहुत देर से खड़ी हो।
छात्रा: धर्म से बताइए, न्याय से बताइए, क्या लड़कियों पर लाठीचार्ज होना चाहिए?
जवाब: एक मिनट...धर्म की बात कहने का अधिकार उसी को है जो खुद धर्म पथिक हो। ये बताओ कि लड़कियों ने धर्म का पालन किया कि एक लड़की की अस्मिता को लेकर बाजार में पहुंच गईं। (छात्रा बीच में ही कहती है-हम बाजार में क्यों पहुंचे) प्रो. त्रिपाठी उसकी बात को सुनने के बाद कहते है-ये तुम बताओ। दरअसल तुम वही चीजें शुरू करोगी। 20 बार तुम्हारी सीनियर टीचर गई कि लौट के चलो, क्यों नहीं आई लौट के वापस।
छात्रा: इससे पहले हर बार यही होता है। दवाब दिया जाता है?
कुलपति: बताओ कै बार हुआ हमारे समय में। बताओ मेरे समय में मुझे कै बार बुलाया गया जब हॉस्टल में नहीं आया हूं। एक इंसीडेंट बताओ। क्या नाम है आपका। किस क्लास में पढ़ती हो। (लड़की अपना नाम...और क्लास... बताती है।) कभी ऐसे मना किया है कि बातचीत न करो। मैं एक बच्ची से पूछना चाहता हूं।
वायरल वीडियो के अंत में कुलपति के पीछे बैठी एक महिला उंगली दिखाती है। इसके बाद एक शिक्षिका छात्रा को लेकर जाती है।