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BHU में बवालः क्राइम ब्रांच को सौंपी गई सभी मुकदमों की जांच

Wed, 27 Sep 2017 01:37 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 27 Sep 2017 01:37 PM IST
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BHU protest crime branch will investigate this case
बीएचयू में मंगलवार को भी तैनात रही पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू बवाल से संबंधित सारे मुकदमों की विवेचना क्राइम ब्रांच करेगी। मंगलवार को वाराणसी एसएसपी के निर्देश पर बवाल से जुड़े चारों मुकदमों से संबंधित कागजात क्राइम ब्रांच की विवेचना सेल के प्रभारी निरीक्षक को लंका थानाध्यक्ष ने सुपुर्द कर दिए।
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एसएसपी ने एसपी क्राइम की मॉनीटरिंग में विवेचना जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

 23 सितंबर की रात बीएचयू परिसर में हुए बवाल के मामले में एक हजार अज्ञात छात्र-छात्राओं के खिलाफ लंका थाने में थानाध्यक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसी संबंध में बीएचयू प्रशासन द्वारा दी गई तहरीर को भी दर्ज मुकदमे में शामिल कर लिया गया है।
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वहीं, 22 सितंबर की रात लंका स्थित मालवीय प्रतिमा पर कालिख पोतने के प्रयास सहित अन्य आरोपों में बीएचयू के सुरक्षा अधिकारी की तहरीर पर अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है। 
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तीसरा मुकदमा लंका थाने पर थानाध्यक्ष ने ‘बीएचयू बज’ फेसबुक पेज के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत दर्ज कराया है। आरोप है कि इसके जरिए भड़काऊ वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कर माहौल बिगाड़ा गया। एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज ने बताया कि चारों मुकदमों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

एक हजार अज्ञात छात्र-छात्राओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है मगर कार्रवाई सिर्फ उन्हीं के खिलाफ होगी जिन्होंने उपद्रव किया था और इसकी साजिश में शामिल थे। किसी भी निर्दोष छात्र के साथ अन्याय नहीं होगा।

छात्राओं की मांग पर बीएचयू परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए मंगलवार को सीनियर रेडियो अफसर ने मुआयना किया।
एसएसपी ने बताया कि जब तक परिसर में स्थायी तौर पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं हो जाती, पुलिस अपनी ओर से कैमरे लगाएगी।
पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स का चक्रमण बीएचयू परिसर में जारी रहेगा।

मजिस्ट्रेटी जांच शुरू , पहले दिन बयान देने कोई नहीं पहुंचा

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पहले दिन नहीं पहुंचा कोई बयान देने, तीन अक्तूबर तक दर्ज किए जाएंगे बयान - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू में 23 सितंबर को हुए लाठीचार्ज के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच मंगलवार से शुरू हो गई है। एडीएम प्रशासन मुनींद्रनाथ उपाध्याय जांच प्रक्रिया शुरू कर कर्मचारियों के साथ न्यायालय में बैठे रहे लेकिन शाम तक बयान दर्ज कराने कोई नहीं पहुंचा।

घटना के संबंध में तीन अक्तूबर तक एडीएम कोर्ट में सुबह दस से पांच बजे तक बयान दर्ज कराए जा सकते हैं। लंका थाना, ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट और बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, सीओ भेलूपुर, एसपी सिटी, एडीएम सिटी से घटनाक्रम की पूरी जानकारी मांगी गई है।

इन तथ्यों को जांच में शामिल किया जाएगा। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने बीएचयू में छात्रों एवं पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज की घटना की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया था। जांच अधिकारी एडीएम प्रशासन को बनाया गया था।

एडीएम ने मंगलवार से जांच प्रक्रिया शुरू करते हुए पुलिस और मजिस्ट्रेटों से जानकारी मांगी है। एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय और एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह से भी जानकारी मांगी गई है।

घायल छात्राें के इलाज के संबंध में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर से जानकारी मांगी गई है। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को कुछ सामाजिक संगठनों के लोग बयान दर्ज करा सकते हैं।

..और जब बीएचयू सुरक्षाकर्मियों से उतरवाई खाकी वर्दी

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बीएचयू के सुरक्षाकर्मी नई वर्दी मिलने तक सिविल ड्रेस में करेंगे ड्यूटी - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के सुरक्षाकर्मी अब कभी खाकी वर्दी में नहीं दिखेंगे। पुलिस-प्रशासन की सख्ती के बाद आखिरकार मंगलवार की शाम पांच बजे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षा कर्मियों ने खाकी वर्दी उतार दी। एसएसपी आरके भारद्वाज ने शाम पांच बजे तक का अल्टीमेटम दिया था।

बाकायदा एनाउंस कराया गया कि सुरक्षाकर्मी खाकी वर्दी नहीं पहनेंगे। जब तक उनके लिए नई वर्दी का निर्धारण नहीं हो जाता तब तक वे सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में ड्यूटी करेंगे। बीएचयू के सुरक्षा कर्मियों के पुलिस जैसी खाकी वर्दी पहनने पर पुलिस-प्रशासन पहले भी कई बार आपत्ति जता चुका था।

सोमवार को एसएसपी ने कुलसचिव को बाकायदा पत्र भेजकर इसका अल्टीमेटम दिया था कि मंगलवार की शाम पांच बजे तक खाकी वर्दी न पहनने के आदेश का अनुपालन नहीं कराया गया तो पुलिस-प्रशासन की ओर से विधिक कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, खाकी वर्दी में होने के नाते बीएचयू के सुरक्षा कर्मियाें को तमाम लोग पुलिस समझ लेते थे। आए दिन प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षा कर्मियों पर आम जन और छात्र-छात्राओं से दुर्व्यवहार के आरोप लगते रहते हैं।

एसएसपी का कहना है कि शुक्रवार की रात बीएचयू के सुरक्षा कर्मियों के लाठीचार्ज से ही माहौल भड़का था। उनके चलते पुलिस की छवि धूमिल हुई और छात्र-छात्राओं में भी पुलिस के प्रति अविश्वास का माहौल बना।

बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओएन सिंह ने बताया कि एसएसपी के निर्देशानुसार शाम पांच बजे सभी सिक्योरिटी गार्ड्स ने खाकी वर्दी उतार दी।  उधर, एसएसपी ने नियमों के अनुपालन में विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग पर संतुष्टि जाहिर की है। 
 
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