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डेनमार्क के पेर बन गए परमानंद नाथ

Wed, 11 Oct 2017 01:43 AM IST
Updated Wed, 11 Oct 2017 01:43 AM IST
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डेनमार्क के पेर बन गए परमानंद नाथ
वाराणसी। डेनमार्क के सेवानिवृत्त शिक्षक पेर मंगलवार को सनातन धर्म का हिस्सा बन गए। धर्म परिवर्तन के साथ ही उनका नए सिरे से नामकरण किया गया। वह पेर से परमानंद नाथ हो गए। संस्कृत और तंत्र के विद्वान प्रो. वागीश शास्त्री से उन्होंने शिवाला स्थित वाग्योग चेतना पीठम में मां काली की तांत्रिक दीक्षा प्राप्त करने के साथ सनातन धर्म स्वीकार कर लिया।
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दीक्षा ग्रहण संस्कार के दौरान पेर अपनी पत्नी और कुछ मित्रों के साथ पहुंचे। भगवान गणेश, अंबिका पूजन, नवग्रह, षोडश मातृका और गुरु पूजन के बाद पेर को दीक्षा दी गई। इसके बाद हवन किया गया। पेर ने बताया कि तीन वर्षों से वह मानसिक रूप से परेशान थे। इलाज के बाद भी समस्या बढ़ती गई। इसी दौरान वह काशी आए प्रो. वागीश शास्त्री के सानिध्य में 10 दिनों तक कुंडलिनी जागृत करने का अभ्यास किया। इससे उन्हें मानसिक शांति मिली और दवाइयां भी छूट गईं। इसके बाद तंत्र दीक्षा ग्रहण करने की इच्छा जताई, जिसे प्रो. शास्त्री ने स्वीकार कर लिया। मंत्र दीक्षा के साथ उन्होंने सनातन धर्म भी ग्रहण कर लिया। प्रो. शास्त्री अब तक 1200 से अधिक लोगों को तंत्र दीक्षा प्रदान कर चुके हैं।
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शक्ति उपासना से मिलती है शांति : प्रो. शास्त्री
वाराणसी। प्रो. वागीश ने बताया कि पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के कारण लोग मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। ध्यान, प्राणायाम और कुंडलिनी जागृत होने से ऐसे लोगों को राहत मिलती है। जिस देवी-देवता में उनकी आस्था होती है, उनकी तंत्र दीक्षा उन्हें दी जाती है।
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