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टमाटर ‘लाल’, करैला-भिंडी ने भी किया बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 07 Jul 2017 01:29 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
- फोटो : pratapgarah
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पखवारे भर के भीतर ही अचानक टमाटर पर महंगाई छा गई है। दूसरी सब्जियाें के भाव में भी आग लगी हुई है। पखवारे भर पहले तक टमाटर 15 से बीस रुपये प्रति किलो बिक रहा था। अब यही टमाटर बाजार में तीन गुने दाम में बिक रहा है। हालांकि अभी भी मंडी में टमाटर की कीमत चालीस रुपये किलो है, लेकिन वहां से निकलने के बाद टमाटर ‘लाल’ हो जा रहा है। मंडी में आवक पहले के मुकाबले थोड़ा कम जरूर हुई है, लेकिन हालात ऐसे भी नहीं कि भाव 80 रुपये किलो तक पहुंच जाएं। कमी बताकर फुटकर दुकानदारों ने दाम तीन से चार गुना तक बढ़ा दिया है।
20 जून तक टमाटर से लेकर हर हरी सब्जियों के दाम काफी कम थे। इधर कुछ दिनों से सब्जियों के दाम में लगातार इजाफा होता जा रहा है। जून माह के आखिर में टमाटर की आपूर्ति कम हो जाती है। इसी का फायदा आढ़तिये और बड़े व्यापारी उठा रहे हैं। तीन से चार गुना ज्यादा कीमत वसूली जा रही है। महुली मंडी में इन दिनों टमाटर भले ही फुटकर विक्रेता महंगा खरीदने का दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत किसी से छिपी नहीं है। टमाटर के दाम पांच-दस रुपये बढ़ने चाहिए थे, लेकिन रोक टोक न होने के कारण थोक से लेकर फुटकर व्यापारी मनमाना दाम वसूल रहे हैं। मौजूदा समय में बंगलूरू का टमाटर मंडी से फुटकर दुकानदार ला रहे हैं। वह बाजार में बिक रहा है। जिसकी कीमत 80 रुपये प्रति किलो वसूली जा रही है। कुछ दिनों पहले तक यही टमाटर 15 से लेकर बीस रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था। इसके अलावा हरी मिर्च लोगों की जेब खंगाल रही है। भिंडी, करैला, लौकी नेनुआ व तरोई के दाम पर भी महंगाई का असर है।
सब्जियों के दाम में अचानक उछाल आया है। जिसके कारण दुकानदार मनमाने ढंग से दाम वसूल रहे हैं, पूछने पर सब्जियों की आवक बंद होने का दावा करते हैं। हर दूसरे दिन सब्जियों के दामों में इजाफा हो जा रहा है।
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पूजा सिंह गृहणी, करनपुर
महुली मंडी में जिस हिसाब से थोक सब्जियां मिलती हैं, उसी हिसाब से बाजार में सब्जियां बेची जाती हैं। मौजूदा समय में हरी मिर्च, टमाटर समेत अन्य हरी सब्जियां मंडी में महंगी मिल रही हैं। अधिक दाम लेने के लिए पीछे आवक कम होने की बात बताई जाती है।
शमीम, सब्जी विक्रेता।
मंडी में सब्जी की कोई कमी नहीं है। भले ही जुलाई माह में सब्जियों की आवक कम होती है, लेकिन मंडी में सब्जी की कमी नहीं है। जिस हिसाब से थोक में सब्जी मिल रही है, उसी हिसाब से सब्जियां फुटकर दुकानदारों को दी जा रही है।
लल्लू यादव, आढ़ती, महुली मंडी।
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20 जून तक टमाटर से लेकर हर हरी सब्जियों के दाम काफी कम थे। इधर कुछ दिनों से सब्जियों के दाम में लगातार इजाफा होता जा रहा है। जून माह के आखिर में टमाटर की आपूर्ति कम हो जाती है। इसी का फायदा आढ़तिये और बड़े व्यापारी उठा रहे हैं। तीन से चार गुना ज्यादा कीमत वसूली जा रही है। महुली मंडी में इन दिनों टमाटर भले ही फुटकर विक्रेता महंगा खरीदने का दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत किसी से छिपी नहीं है। टमाटर के दाम पांच-दस रुपये बढ़ने चाहिए थे, लेकिन रोक टोक न होने के कारण थोक से लेकर फुटकर व्यापारी मनमाना दाम वसूल रहे हैं। मौजूदा समय में बंगलूरू का टमाटर मंडी से फुटकर दुकानदार ला रहे हैं। वह बाजार में बिक रहा है। जिसकी कीमत 80 रुपये प्रति किलो वसूली जा रही है। कुछ दिनों पहले तक यही टमाटर 15 से लेकर बीस रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था। इसके अलावा हरी मिर्च लोगों की जेब खंगाल रही है। भिंडी, करैला, लौकी नेनुआ व तरोई के दाम पर भी महंगाई का असर है।
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सब्जियों के दाम में अचानक उछाल आया है। जिसके कारण दुकानदार मनमाने ढंग से दाम वसूल रहे हैं, पूछने पर सब्जियों की आवक बंद होने का दावा करते हैं। हर दूसरे दिन सब्जियों के दामों में इजाफा हो जा रहा है।
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पूजा सिंह गृहणी, करनपुर
महुली मंडी में जिस हिसाब से थोक सब्जियां मिलती हैं, उसी हिसाब से बाजार में सब्जियां बेची जाती हैं। मौजूदा समय में हरी मिर्च, टमाटर समेत अन्य हरी सब्जियां मंडी में महंगी मिल रही हैं। अधिक दाम लेने के लिए पीछे आवक कम होने की बात बताई जाती है।
शमीम, सब्जी विक्रेता।
मंडी में सब्जी की कोई कमी नहीं है। भले ही जुलाई माह में सब्जियों की आवक कम होती है, लेकिन मंडी में सब्जी की कमी नहीं है। जिस हिसाब से थोक में सब्जी मिल रही है, उसी हिसाब से सब्जियां फुटकर दुकानदारों को दी जा रही है।
लल्लू यादव, आढ़ती, महुली मंडी।