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पापुलर की खेती का रास्ता हुआ साफ
पीलीभीत।
Updated Mon, 09 Feb 2015 12:08 AM IST
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क्राप डायवर्सीफिकेशन प्रोग्राम के तहत जिले में पापुलर की खेती का रास्ता साफ हो गया है। लखनऊ में पौध सप्लाई के टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। पौध सप्लाई की जिम्मेदारी मलिहाबाद (लखनऊ) की संस्था को मिली है। संस्था की ओर से आने वाली पौध सामाजिक वानिकी विभाग के नामित अधिकारी से जांच कराने के बाद किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।
घटते जलस्तर पर अंकुश लगाने के लिए धान एवं अधिक पानी चाहने वाली अन्य फसलों की खेती कम करने के लिए सरकार ने क्राप डायवर्सीफिकेशन प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत जिले में धान की खेती का क्षेत्रफल घटाकर पापुलर की खेती को बढ़ावा दिया जाना है। शासन ने इसके लिए लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है।
डास्प के सहयोग से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम के बारे में जिला समन्वयक डॉ. विवेकानंद ने बताया कि गांव में इच्छुक किसानों की सूची तैयार कर सभी ब्लाकों में नौ से 11 हेक्टेअर तक के क्लस्टर तैयार किए जा रहे हैं। इन्हें पौध उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही पेड़ों के बीच सहफसली के तौर पर गेहूं एवं अन्य फसलों उगाने के लिए भी विभाग से मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इच्छुक किसान ब्लाक मुख्यालयों पर संपर्क कर रजिस्ट्रेशन कराकर योजना का लाभ ले सकते हैं।
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घटते जलस्तर पर अंकुश लगाने के लिए धान एवं अधिक पानी चाहने वाली अन्य फसलों की खेती कम करने के लिए सरकार ने क्राप डायवर्सीफिकेशन प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत जिले में धान की खेती का क्षेत्रफल घटाकर पापुलर की खेती को बढ़ावा दिया जाना है। शासन ने इसके लिए लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है।
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डास्प के सहयोग से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम के बारे में जिला समन्वयक डॉ. विवेकानंद ने बताया कि गांव में इच्छुक किसानों की सूची तैयार कर सभी ब्लाकों में नौ से 11 हेक्टेअर तक के क्लस्टर तैयार किए जा रहे हैं। इन्हें पौध उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही पेड़ों के बीच सहफसली के तौर पर गेहूं एवं अन्य फसलों उगाने के लिए भी विभाग से मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इच्छुक किसान ब्लाक मुख्यालयों पर संपर्क कर रजिस्ट्रेशन कराकर योजना का लाभ ले सकते हैं।
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