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साहसी बेटे ने मौत के मुंह से पिता को बचाया
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Sat, 17 Jun 2017 07:22 PM IST
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घ्ाायल िककिसान
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थाना न्यूरिया क्षेत्र की मझोला चौकी क्षेत्र के कई गांवों में काफी दिनों से चली आ रही भी बाघ की दहशत कम नहीं हो सकी है। शनिवार को गन्ने के खेत में खाद डाल रहे मजदूर पर खेत में ही छिपे बाघ ने हमला कर दिया। इस पर वहां मौजूद कई अन्य मजदूर भाग खड़े हुए लेकिन मजदूर के साथ खाद डाल रहे उसके पुत्र ने साहस दिखाते हुए अपने पिता को मौत के मुंह से निकाल लिया। घायल मजदूर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल ग्रामीण के परिवार वालों को वन विभाग ने हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
अमरिया क्षेत्र से सटे सूरजपुर गांव के निवासी परमवीर सिंह किसान हैं। उनके खेत पर शनिवार सुबह जोशी कालोनी निवासी गोपाल अपने पुत्र वीरू और आठ अन्य मजदूरों के साथ खाद डालने गया था। खेत पर खाद डालते वक्त अचानक बाघ ने गोपाल पर हमला कर दिया। यह देखकर वहां मौजूद अन्य लोग चीखते चिल्लाते हुए भाग खड़े हुए, लेकिन गोपाल का पुत्र वीरू खाद की बोरी से ही बाघ पर हमला करते हुए जोर-जोर से चीखने लगा। वीरू तब तक बाघ के मुंह से अपने पिता को छुड़ाने के लिए खाद की बोरी से हमला करता रहा जब तक वह गोपाल को छोड़कर चला नहीं गया। बाघ के कुछ दूर जाने के बाद साथी मजदूरों ने भी हौसला दिखाया और घायल गोपाल को लेकर पहले एक निजी चिकित्सक की क्लीनिक पर दिखाया फिर उसे जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया है। गोपाल के सिर, गर्दन और कंधे पर घाव हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने घायल की हालत खतरे से बाहर बताई है। घटना के बाद से इलाके के लोगों में दहशत व्याप्त है। किसान और मजदूर खेत पर काम करने जाने तक से कतराने लगे हैं।
इधर बाघ के हमले की जानकारी मिलने पर वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी गजेंद्र यादव ने मौके पर जाकर जानकारी जुटाई। डीएफओ सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार ने टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के साथ जिला अस्पताल पहुंचकर घायल मजदूर के उपचार की व्यवस्था का जायजा लिया। डीएफओ ने बताया कि घायल को आर्थिक सहायता के रूप में पांच हजार रुपये दे दिये गए हैं। शासन को इसकी सूचना भेजी जाएगी। वहां से जो भी आर्थिक सहायता मंजूर होगी दी जाएगी।
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अमरिया क्षेत्र से सटे सूरजपुर गांव के निवासी परमवीर सिंह किसान हैं। उनके खेत पर शनिवार सुबह जोशी कालोनी निवासी गोपाल अपने पुत्र वीरू और आठ अन्य मजदूरों के साथ खाद डालने गया था। खेत पर खाद डालते वक्त अचानक बाघ ने गोपाल पर हमला कर दिया। यह देखकर वहां मौजूद अन्य लोग चीखते चिल्लाते हुए भाग खड़े हुए, लेकिन गोपाल का पुत्र वीरू खाद की बोरी से ही बाघ पर हमला करते हुए जोर-जोर से चीखने लगा। वीरू तब तक बाघ के मुंह से अपने पिता को छुड़ाने के लिए खाद की बोरी से हमला करता रहा जब तक वह गोपाल को छोड़कर चला नहीं गया। बाघ के कुछ दूर जाने के बाद साथी मजदूरों ने भी हौसला दिखाया और घायल गोपाल को लेकर पहले एक निजी चिकित्सक की क्लीनिक पर दिखाया फिर उसे जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया है। गोपाल के सिर, गर्दन और कंधे पर घाव हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने घायल की हालत खतरे से बाहर बताई है। घटना के बाद से इलाके के लोगों में दहशत व्याप्त है। किसान और मजदूर खेत पर काम करने जाने तक से कतराने लगे हैं।
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इधर बाघ के हमले की जानकारी मिलने पर वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी गजेंद्र यादव ने मौके पर जाकर जानकारी जुटाई। डीएफओ सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार ने टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के साथ जिला अस्पताल पहुंचकर घायल मजदूर के उपचार की व्यवस्था का जायजा लिया। डीएफओ ने बताया कि घायल को आर्थिक सहायता के रूप में पांच हजार रुपये दे दिये गए हैं। शासन को इसकी सूचना भेजी जाएगी। वहां से जो भी आर्थिक सहायता मंजूर होगी दी जाएगी।
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