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किस साहब की शह दे रही नियमों को मात

Fri, 07 Apr 2017 12:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Fri, 07 Apr 2017 12:04 PM IST
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which officer rule make cheque and mate
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को भी शहर में अवैध पार्किंग बंद नहीं हुई, लेकिन निगम ने वैध पार्किंग की नीलामी जरूर स्थगित कर दी। पुलिस कप्तान ने साफ कहा कि अवैध पार्किंग निगम की जगह पर है तो निगम ने कभी अवैध पार्किंग का मुद्दा नहीं उठाया। निगम अवैध पार्किंग के बारे में शिकायत दे तो पुलिस हर हाल में एक्शन लेगी। जबकि बुधवार को निगम के संपत्ति अधिकारी दिनेश यादव ने लोगों को अवैध पार्किंग के खिलाफ पुलिस के पास जाने की सलाह दी थी। लेकिन निगम अधिकारी खुद अपनी तरफ से न तो अवैध पार्किंग बंद कराने की पहल कर रहै हैं और न पुलिस का सहयोग ले रहे हैं। जिस तरह शहर में बिना डरे अवैध पार्किंग कराई जा रही है, उससे साफ है कि इनको किसी ना किसी साहब की शह है।
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कौन है अवैध पार्किंग का मास्टर माइंड
बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने कई अवैध पार्किंग वाली जगह जाकर पड़ताल की तो पार्किंग कराने वाले बस पांच हजार मासिक पाने वाले नौकर हैं। असली मालिक शाम को उनसे वसूली करके चला जाता है। पार्किंग के मालिक का नाम बताने को कोई तैयार नहीं हुआ। इतना जरूर कहा कि निगम वाले साहब उनको जानते हैं। जाहिर है एक ही व्यक्ति कई कई अवैध पार्किंग चला रहा है।
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खबर प्रकाशित होते ही क्यों स्थगित की नीलामी
अमर उजाला द्वारा पार्किंग की गुंडई का मुद्दा प्रमुखता से उठाते ही नगर निगम बैकफुट पर आ गया और बृहस्पतिवार को होने वाली चार पार्किंग ठेकों की नीलामी स्थगित कर दी। इससे पहले नगर निगम ने अवैध पार्किंग को वैध बनाने के लिए गत 30 मार्च को 16 जगह पर पार्किंग का ठेका छोड़ने की तैयारी की थी। इसमें कैलाशी अस्पताल कंकरखेड़ा, पीवीएस मॉल, एपेक्स टावर मंगल पांडे नगर, मिमहेंस अस्पताल मंगलपांडेनगर, शॉपरिक्श मॉल बिजली बंबा बाईपास, वोडाफोन मंगलपांडेनगर, एचडीएफसी बैंक मंगलपांडेनगर, एक्सिस बैंक यूनिवर्सिटी के सामने, सनराइज टावर यूनिवर्सिटी के सामने, मेरठ किडनी अस्पताल साकेत, स्टेट बैंक आफ इंडिया जेल चुंगी, डॉ भूपेंद्र चौधरी सिविल लाइन, सूजरकुंड पार्क, टाउन हाल घंटाघर, मूलचंद शर्बतीदेवी अस्पताल ईव्ज चौराहा, पश्चिमी व पूर्वी कचहरी गेट आदि पार्किंग ठेके छोड़े जाने थे। बाद में निगम ने बिना कोई कारण बताए केवल चार ठेकों की नीलामी के लिए टेंडर जारी किया था। निगम ने 4 अप्रैल को सूरजकुंड पार्क, टाउन हाल, मूलचंद शर्बती देवी अस्पताल और पश्चिमी कचहरी के पूर्वी भाग पुराना रजिस्ट्री गेट की पार्किंग ठेके का टेंडर जारी किया था। इसकी नीलामी बृहस्पतिवार को होनी थी।  
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निगम शिकायत नहीं करेगा और पुलिस बिना शिकायत कार्रवाई नहीं
पार्किंग पर मचे हल्ले और अपनी गर्दन फंसती देख अधिकारी अपने को बचाते हुए एक दूसरे के पाले में गेंद डालने लगे हैं। एसएसपी जे रवींद्र गौड़ का कहना है कि अवैध पार्किंग को हटाने के संबंध में नगर निगम की तरफ से कोई पत्र नहीं मिला। उधर अपर नगर आयुक्त राम भरत तिवारी ने इस संबंध में अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि नगर आयुक्त लखनऊ गए हैं। उनके आते ही अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
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