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मंडलायुक्त का तहसील में छापा, नायब नाजिर समेत छह गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Fri, 04 Aug 2017 11:11 AM IST
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पुलिस हिरासत में छह दलाल
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मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार और भंग हो रही गोपनीयता पर खुद मैदान में उतर आए हैं। सदर तहसील की जिस शिकायत को जिला प्रशासन ने जांच में झूठा बताया, वही शिकायत मंडलायुक्त ने बृहस्पतिवार सुबह तहसील में छापा मारकर सही पाई। जिस पर उन्होंने नायब नाजिर सहित अपर तहसीलदार कोर्ट में काम कर रहे पांच प्राइवेट व्यक्तियों को गिरफ्तार करा दिया। इन सभी आरोपियों के खिलाफ कोतवाली थाने में शासकीय कार्यों की गोपनीयता भंग करने संबंधी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही थी।
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डलायुक्त ने बताया कि शिकायतकर्ता राजकुमार द्वारा उनके पास नायब नाजिर की कारगुजारियों व अन्य कर्मचारियों द्वारा प्राईवेट लोग रखकर उनसे शासकीय कार्य कराने की शिकायत प्राप्त हुई थी। जिसकी जांच उन्होंने एडीएम प्रशासन, एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार से करवाई। सभी की जांच रिपोर्ट में शिकायत को झूठा बताया गया। उन्होंने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस से जांच करायी तो शिकायत सही मिली। इस पर मंडलायुक्त स्वयं ही औचक जांच करने बृहस्पतिवार सुबह सदर तहसील पहुंच गए। जहां उन्हें पांच प्राईवेट लोग संजय, नितिन, रिजवान, आशु व मुकेश कुमार सरकारी कार्य करते मिले। मंडलायुक्त के निर्देश पर नायब नाजिर रण सिंह सहित सभी आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जिसके बाद कमिश्नरी में मंडलायुक्त के समक्ष पेशी के दौरान इन आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल किया। मंडलायुक्त के अनुसार नायब नाजिर रण सिंह सहित आरोपियों के बयान दर्ज कराकर कोतवाली थाने भेज दिया गया।
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काम सरकारी, प्राइवेट मातहत
मंडलायुक्त के सामने आरोपी संजय ने बताया कि वह पेशकार आकाश के लिए, नितिन नायब नाजिर के लिए, रिजवान तहसीलदार न्यायिक के पेशकार के लिए और मुकेश आरसी बाबू के सरकारी काम करता था।
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बड़ी गाड़ी में आते हो...
मौके से आशु को तहसील में सरकारी कुर्सी पर बैठकर काम करते पकड़ा गया। उसने खुद को नायब नाजिर का ड्राइवर बताया तो मंडलायुक्त चौंक पड़े। उन्होंने आशु से पूछा कौन सी गाड़ी है? नाम जानने के बाद उन्होंने नायब नाजिर से कहा कि बड़ी वाली गाड़ी में आते हो। तुम्हारी अभी और भी जांच होगी कि क्या-क्या गुल खिलाए हैं।
तहसील की करा दी थी घेराबंदी
मंडलायुक्त ने तहसील पहुंचते ही मुख्य द्वार बंद कराकर पुलिसकर्मी तैनात करा दिए थे। इसके बाद वह सीधे अपर तहसीलदार कोर्ट में पहुंचे। उन्होंने सभी कार्यालय कक्षों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद प्रत्येक कर्मचारी का परिचय लिया। जो भी प्राइवेट व्यक्ति काम करता मिला, उसे ही पकड़ लिया गया।
अभी लेखपालों की सीडी भी मौजूद है
मंडलायुक्त ने तहसील सदर में छापामारी के दौरान कहा कि भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। तीन लेखपालों की रिश्वत लेते हुए वीडियो भी उनके पास है। देखते हैं, अधिकारी कब तक उन्हें बचाते हैं। सरकारी कार्यालयों में गोपनीयता भंग नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश पटेल भी मौजूद रहे।
संघ पहुंचा बचाव में
नायब नाजिर रण सिंह के बचाव में कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश शर्मा के नेतृत्व में कर्मचारी मंडलायुक्त से मिलने पहुंचे। लेकिन मंडलायुक्त ने इस मामले में कोई भी सुनवाई से साफ इंकार कर दिया।
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