संगीत सोम को मिली बड़ी राहत, दंगा भड़काने के आरोप में क्लीनचिट
चर्चित कवाल कांड की कथित वीडियो वायरल करने के मामले में सरधना के भाजपा विधायक संगीत सोम को क्लीनचिट मिल गई है। इस मुकदमे की जांच कर रही एसआईटी को फेसबुक मुख्यालय ने वायरल हुई कथित वीडियो का डाटा देने से इंकार कर दिया। फेसबुक का कहना है कि एक साल से ज्यादा का डाटा उनके पास सुरक्षित नहीं रहता।
जिले के जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को बाइक टकराने की घटना ने बड़े बवाल का रूप ले लिया था। इस दौरान हुए झगड़े में शाहनवाज की मौत हो गई थी, जिसके बाद भीड़ ने मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की हत्या कर दी थी। कवाल कांड के बाद ही जिले में दंगा भड़का था। इसके बाद फेसबुक पर एक कथित वीडियो वायरल हुई थी, जिसे कवाल कांड से जोड़कर प्रचारित किया गया था।
संगीत सोम पर लगा था वीडियो वायरल करने का आरोप
फेसबुक पर कथित वीडियो वायरल होने से लखनऊ तक तूफान उठ गया था। वीडियो वायरल करने का आरोप भाजपा विधायक संगीत सोम पर लगा था। अधिकारियों के आदेश पर सितंबर 2013 को शहर कोतवाली में तत्कालीन इंस्पेक्टर सतपाल सिंह की ओर से भाजपा विधायक संगीत सोम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था, तभी से यह मुकदमा लंबित चल रहा है। एसआईटी ने कवाल कांड से लेकर दंगे के तमाम मुकदमों की जांच की। एसआईटी संगीत सोम पर दर्ज इस मुकदमे को छोड़कर बाकी में चार्जशीट कोर्ट में पेश चुकी है। जांच के दौरान वीडियो के मैन अकाउंट के बारे में एसआईटी ने सीबीआई से भी मदद ली।
सीबीआई ने इंटरपोल की मदद से अमेरिका स्थित फेसबुक मुख्यालय से इस संबंध में मैन अकाउंट की जानकारी मांगी गई, मगर फेसबुक ने यह कहकर जानकारी देने से इंकार कर दिया कि उनके पास एक साल से ज्यादा रिकार्ड मौजूद नहीं रहता। फेसबुक के मुख्यालय से कोई जानकारी नहीं मिलने से माना जा रहा है कि इस मुकदमे में जल्द ही विधायक संगीत सोम को क्लीनचिट मिल जाएगी। मुकदमे की जांच कर रहे एसआईटी के इंस्पेक्टर डीपी त्यागी ने बताया कि जांच अभी लंबित है। फेसबुक मुख्यालय से भी कोई मदद नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि अभी तक इस संबंध में उन्होंने कोर्ट में कोई पत्रावली दाखिल नहीं की है। जल्द ही इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा।