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फल मंडी में सिपाही के पास बैठे प्रधान की गोली मारकर हत्या, सिपाही भागा

Tue, 17 Oct 2017 07:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Tue, 17 Oct 2017 07:03 PM IST
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The killing of the head of the fruit market, delhi road jam
फल मंडी के प्रधान की हत्या के बाद पहुंचे एसपी सिटी - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली रोड स्थित नवीन फल मंडी में सोमवार सुबह सनसनीखेज वारदात हो गई। बाइक से आए दो बदमाशों ने आढ़त पर सिपाही के साथ बैठे फल मंडी के प्रधान की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के विरोध में व्यापारियों ने नवीन सब्जी, दाल और फल मंडी बंद कराते हुए दिल्ली रोड जाम कर दी। पीड़ित पक्ष ने पुरानी रंजिश बताकर छह लोगों को नामजद किया है।
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पुलिस के अनुसार सुबह करीब 10 बजे फल मंडी के प्रधान रहीसुद्दीन कुरैशी (42) पुत्र हाजी नवाब निवासी पिलोखड़ी, लिसाड़ी गेट अपनी आढ़त पर सिपाही बलराज सिंह के साथ बैठे थे। प्रधान का बेटा सलमान और मुंशी शादाब कर्मचारियों से फलों की पेटियां लगवा रहे थे। तभी वहां दो बदमाश पैशन बाइक से पहुंचे। आढ़त से करीब दस कदम की दूरी पर एक बदमाश हेलमेट लगाए खड़ा रहा जबकि कैप लगाए दूसरा बदमाश रहीसुद्दीन के पास पहुंचा। जिसने बिना कोई मौका दिए रहीसुद्दीन की कनपटी से सटाकर दो गोलियां मारीं। गोली चलते ही बगल में कुर्सी पर बैठा सिपाही बलराज वहां से भाग गया। दोनों बदमाश आराम से फरार हो गए। रहीसुद्दीन को केएमसी अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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एसपी सिटी के अनुसार वारदात रंजिशन और शूटरों द्वारा करनी लग रही है। 2004 में फल मंडी में व्यापारियों के दो गुटों में गोलियां चली थीं, जिसमें जब्बार की मौत हो गई थी। इस मामले में रहीसुद्दीन व उसके भाई नौशाद आदि नामजद हुए थे। दोनों पक्षों में समझौता हो गया था, लेकिन अंदरूनी विवाद चल रहा था। मंडी में जमीन पर कब्जे को लेकर 20 दिन पहले सलीम व रियाजुद्दीन ने प्रधान को धमकी दी थी। हत्या में सलीम और रियाजुद्दीन के अलावा उनके बेटों साकिब, आहत, इलियास व मुस्तकीम को टीपी नगर थाने में नामजद किया गया है। हत्यारोपी जल्द गिरफ्तार होंगे।
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जेल में बंद कुख्यात सारिक ने ली प्रधान की सुपारी   
नवीन फल मंडी के प्रधान रहीसुद्दीन कुरैशी की हत्या के तार जेल से जुड़े हैं। हत्या की पटकथा करीब 15 दिन पहले जेल में रची गई थी। पुलिस के अनुसार जेल में बंद कुख्यात सारिक ने प्रधान की हत्या की सुपारी ली और फिर जेल से अपने शूटर नदीम से हत्या की वारदात करा दी। पुलिस नदीम की तलाश कर रही है। 
पुलिस के अनुसार प्रधान रहीसुद्दीन का सलीम व रियाजुद्दीन से विवाद चल रहा था। सलीम और रियाजुद्दीन भी मंडी में ही आढ़ती हैं। इन दोनों के अलावा भी रहीसुद्दीन की कई लोगों से दुश्मनी बताई गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुख्यात सारिक से 15 दिन पहले कुछ लोग जेल में मुलाकात करने गए थे। इस दौरान रहीसुद्दीन की हत्या की योजना बनी। नदीम सारिक और कासिफ उर्फ चीता का शार्प शूटर है, जो भाड़े पर ही हत्या की वारदात करता है। दो महीने पहले नदीम ने ही सारिक के कहने पर कोतवाली में पार्षद आरिफ व उसके भतीजे शादाब की हत्या की थी। इसकी जानकारी पुलिस को हुई थी। लेकिन शूटर अभी तक हत्थे नहीं चढ़ पाया।

रिपोर्ट में दर्ज नहीं होते शूटर
पुरानी अदावत या रंजिश में हत्या की घटनाएं सुपारी देकर कराई जा रही हैं। पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश करती है। लेकिन शूटरों की नहीं। इस बार भी पुलिस ने यही गलती दोहराई कि शूटरों को नामजद नहीं कराया। पीड़ित परिजन बार-बार कहते हैं कि हत्या शूटरों द्वारा की गई, इसके बावजूद पुलिस मुकदमे में शूटर को दर्ज नहीं करती। यही वजह है कि शूटर आसानी से बच जाते हैं। कोतवाली में भी पुलिस ने नामजद आरोपी जेल भेज दिए, लेकिन शूटरों को नहीं पकड़ा।

पुलिस नहीं कसती शिकंजा
जेल में बैठे कुख्यात सुपारी पर हत्या करा रहे हैं। लेकिन पुलिस खामोश बैठी है। पुलिस आरोपियों को जेल भेजने में जल्दबाजी करती है, मगर हत्या के पीछे के कारणों को नहीं तलाशती। जिसके चलते फिर हत्या जैसी घटना हो जाती है। जेल में बंद कुख्यात पर पुलिस कोई शिकंजा नहीं कस पाती। जेल में पैसे लेकर हत्या की प्लानिंग होती है। सुपारी देने और लेने वालों के बीच मुलाकात होती है। शूटरों को फोन पर या मुलाकात पर टारगेट दिया जाता है। लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती।

बदले की भावना भी पहलू
पुलिस के अनुसार प्रधान की हत्या वर्ष 2004 में जब्बार की हत्या होने का बदला बताया जा रहा है। गैंगवार में दोनों पक्ष शूटरों के हाथों वारदात करा रहे हैं। पैसा पानी की तरह बहाकर एक-दूसरे पक्ष के लोगों की सुपारी दी जा रही है। सवाल कि पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं लगती। प्रधान की नवीन मंडी में सरेआम हत्या कर शूटर फरार हो गए और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। गैंगवार में लगातार हत्याएं रोकने में पुलिस पूरी तरह से फेल साबित हो रही है। 

बेटे सलमान के सामने मार डाला पिता  

The killing of the head of the fruit market, delhi road jam
हत्या के बाद दिल्ली रोड पर जाम - फोटो : अमर उजाला

नवीन फल मंडी के प्रधान की हत्या उसके बेटे सलमान की आंखों के सामने हुई। बताया गया कि शूटर के हाथ में पिस्टल थी, जिसको देखकर वह हिम्मत नहीं जुटा सका। प्रधान का दूसरा बेटा शाहबाज भी आढ़त पर था। लेकिन घटना के वक्त वह दूसरी आढ़त पर फल लेने गया था। उधर, हत्या की खबर मंडी में आग की तरह फैली, जिसके बाद जनाक्रोश भड़कना शुरू हो गया। सैकड़ों लोग नारेबाजी करते हुए मंडी के मुख्य गेट पर पहुंच गए। मंडी के सामने दिल्ली रोड जाम होते ही ट्रैफिक व्यवस्था भी बिगड़नी शुरू हो गई। स्थिति को काबू में करने के लिए आरआरएफ बुलानी पड़ी। पुलिस अफसरों ने किसी तरह स्थिति को कंट्रोल में किया। 

स्थिति को संभालती रही पुलिस 
भीड़ को संभालने और जाम लगाने से रोकने में पुलिस हांफ गई। दोपहर तक ऐसा ही माहौल मंडी में देखने को मिला। शाम को फल मंडी में सन्नाटा पसरा रहा। शव को शाम को सुपुर्द-ए-खाक किया गया, तब तक पुलिस अफसर माहौल को नियंत्रित करने के प्रयास में लगे रहे।

शहर में उड़ीं अफवाहें
प्रधान की हत्या के बाद शहर में तरह-तरह की अफवाहें उड़नी शुरू हो गईं। लोग एक-दूसरे को फोन कर मामले की जानकारी लेने में जुटे रहे। दोपहर तीन बजे तक दिल्ली रोड पर यातायात प्रभावित रहा। हालांकि पुलिस अफसरों ने मंडी में फोर्स लगाकर स्थिति को कंट्रोल में रखा। 

सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले 
हत्यारोपियों की तलाश में टीपी नगर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले। पुलिस का दावा है कि मंडी में एक आढ़त पर लगे कैमरे में दोनों आरोपी बाइक पर जाते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन उनकी पहचान नहीं हुई। पुलिस दिल्ली रोड पर दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी देख रही है। 

बदमाश से भिड़ने की बजाय भागा सिपाही  
नवीन फल मंडी में दिनदहाड़े प्रधान रहीसुद्दीन की हत्या के मामले में सिपाही बलराज बदमाशों से भिड़ने के बजाय जान बचाकर वहां से भाग गया। गोली चलते ही प्रधान के बगल की कुर्सी पर बैठा सिपाही वहां से भाग निकला। वहीं, प्रधान के बेटे सलमान और मुनीम को बदमाश ने धमकी दी कि अगर कोई आगे बढ़ा तो उसे भी गोली मार देंगे। बाइक पर पीछे बैठकर भी बदमाश हवा में असलहा लहराता रहा। सिपाही बलराज तत्कालीन सीओ कोतवाली का गनर था। फिलहाल उसकी पोस्टिंग गाजियाबाद में है। वह फल खरीदने के लिए मंडी में आया था।

चुप नहीं बैठेंगे व्यापारी 
व्यापारी सुरक्षा फोरम के महानगर अध्यक्ष बाल किशन राय ने फल मंडी व्यापार संघ के अध्यक्ष रहीसुद्दीन कुरैशी की हत्या पर आक्रोश जताते हुए कहा कि यह पुलिस का गिरता इकबाल और प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था का नतीजा है। कहा कि इस वारदात के बाद संयुक्त व्यापार संघ का चुप बैठना भी आश्चर्यजनक है। लेकिन व्यापारी फोरम चुप नहीं बैठेगा। व्यापारी फोरम इस मामले में लड़ाई लड़ेगा। 


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