कमिश्नर प्रभात कुमार ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, पटाखों पर लगेगी रोक
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मेरठ में चारों तरफ प्रदूषण छाया है। दिल्ली से लेकर मेरठ और आसपास के जिलों में भी स्मॉग का असर है। इससे निपटना होगा। मंडल में पटाखों पर 31 जनवरी 2018 तक प्रतिबंध लगाया जाए। नए साल पर भी पटाखों की बिक्री पर रोक रहेगी। एनजीटी के आदेशों का पालन करते हुए डीजल के 10 साल और पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहनों का संचालन हर हाल में रोका जाए। यह निर्देश आयुक्त सभागार में कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को दिए।
बैठक में कमिश्नर ने 07 बिंदुओं पर कार्य करने को कहा। मुख्य रूप से पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाने, मिट्टी खनन रोकने, अपंजीकृत और बिना पीयूसी व बिना परमिट के वाहनों को तत्काल रोकने, ईंट भट्ठों की उलझी हुई तकनीक को दूर कर सही करने और प्रदूषण विभाग की एनओसी के बाद ही संचालित कराने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान कार्यक्रम में डीएम मेरठ समीर वर्मा, गौतमबुद्धनगर बीएन सिंह, गाजियाबाद रितु माहेश्वरी, हापुड़ कृष्ण करुणेश, बागपत भवानी सिंह, सीडीओ बुलंदशहर जसजीत कौर, क्षेत्रीय अधिकारी यूपी पीसीबी नोएडा बीबी अवस्थी, एके तिवारी, मेरठ डॉ. वाई कुमार, आरके त्यागी, एसए यूपीपीसीबी मुजफ्फरनगर एनएम त्रिपाठी, बुलंदशहर अनिल कुमार, एईईयूपीपीसीबी गाजियाबाद अंकित सिंह आदि उपस्थित रहे।
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बैठक में सामने आया कि वाहनों से तो प्रदूषण हो रही रहा है। साथ ही कृषि, नगरीय अपशिष्ट को जलाया जा रहा है। इसे रोका जाए। ईंट भट्ठों को एनजीटी के आदेशों के अनुक्रम में ही चलाया जाए। हॉट मिक्स प्लांट पर नजर रहे। निर्माण की जा रही जगह पर खुले में बिना ढके निर्माण सामग्री रखने पर जुर्माने का प्रावधान है जिसको प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
आयुक्त न कहा कि नो पार्किंग एरिया में पार्किंग नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं सड़क पर वाहन गलत खड़ा है तो निश्चित रूप से ट्रैफिक पुलिस की टोइंग वैन उसे ले जाए। उन्होंने शीत ऋतु में प्राइमरी स्कूलों के समय में परिवर्तन करने को भी कहा।
अखबारों की एडवाइजरी जरूर पढे़ं
कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि आमजन को बढ़ते प्रदूषण व उसके प्रभाव के संबंध में जागरूक होने के लिए समाचार पत्रों की एडवाइजरी को जरूर पढ़ना चाहिए। अधिकारियों से कहा कि वे भी अखबारों में इस बाबत एडवाइजरी जारी कराएं। उन्होंने प्रदूषण को जानने के लिए पीएम 10 के साथ-साथ पीएम 2.5 का स्तर भी जानने के लिए कहा। प्रदूषण की जांच के लिए उपकरण खरीदने के लिए धनराशि अवमुक्त करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को उनकी ओर से पत्र प्रेषित करने के लिए निर्देशित किया।
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