फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   ई-वे बिल का ट्रायल शुरू, 16 अगस्त से होगा लागू

ई-वे बिल का ट्रायल शुरू, 16 अगस्त से होगा लागू

Thu, 10 Aug 2017 09:07 PM IST
Updated Thu, 10 Aug 2017 09:07 PM IST
विज्ञापन
ई-वे बिल का ट्रायल शुरू, 16 अगस्त से होगा लागू
मेरठ। ई-वे बिल व्यवस्था 16 अगस्त से लागू होने जा रही है। राज्य वस्तु एवं सेवा कर में इसका ट्रायल शुरू हो गया है। सॉफ्टवेयर और नेटवर्किंग को दुरुस्त किया जा रहा है।
विज्ञापन

पहले व्यवस्था 26 जुलाई से लागू होनी थी। लेकिन व्यापारियों और उद्यमियों के विरोध के कारण इसे 15 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। अगले पांच दिन ई-वे बिल के लिए सॉफ्टवयेर की कार्यप्रणाली और नेटवर्किंग को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। दरअसल, जीएसटी को प्रदेश में ठीक तरह से लागू करने और टैक्स चोरी वाले माल के परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक-वे बिल (ई-वे) व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। व्यावसायिक उपयोग के लिए प्रदेश के बाहर से पांच हजार रुपये से अधिक का माल मंगवाने पर हर किसी को ई-वे बिल रखना होगा। माल के लोड किए जाने वाले स्थान से उतारने वाले स्थान के बीच की दूरी के हिसाब से परिवहन का समय निर्धारित रहेगा।
विज्ञापन

माना जा रहा है कि ई-वे बिल लागू होने के बाद करीब एक सप्ताह की मोहलत रहेगी। इसके बाद विभागीय अफसर इसे सख्ती से लागू करवाएंगे। राज्य वस्तु एवं सेवा कर के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा ने बताया कि ई-वे बिल की तैयारी की जा रही है। धांधली रोकने के लिए इसे लागू किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वेबसाइट से डाउनलोड होगा आवेदन
अब प्रदेश से बाहर से माल मंगाने पर राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग की वेबसाइट से आवेदन डाउनलोड करना होगा। जो व्यापारी वैट में पंजीकृत थे, उनके लिए जीएसटीएन द्वारा प्राप्त प्रोविजनल आईडी के माध्यम से जीएसटी कॉमन पोर्टल पर माइग्रेट किया गया है। इसमें व्यापारी जीएसटीएन अंकित करने पर फर्म का नाम, पंजीयन तिथि तथा व्यापार स्थल का पता खुद अंकित हो जाएगा। अनुमोदन की सूचना ई-वे बिल एक से संबंधित एसएमएस या ई-मेल के माध्यम से व्यापारी के पंजीकृत ई-मेल तथा मोबाइल नंबर पर चली जाएगी। ऐसे समस्त व्यापारी जिनके द्वारा पूर्व से संभागीय ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है, वे अपने पूर्ववर्ती यूजर आईडी तथा पासवर्ड के माध्यम से ई-वे बिल डाउनलोड कर सकते हैं तथा उन्हें पुन: रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक नहीं है। अंपजीकृत व्यापारियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
खास बात
- सॉफ्टवेयर और नेटवर्किंग को किया जा रहा दुरुस्त
- ई-वे बिल लागू होने केएक सप्ताह बाद प्रवर्तन दल होगा सक्रिय
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed