फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   mob was ready to fire in hotel

होटल में आग लगाने को आमादा थी भीड़

Sat, 15 Oct 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला वृंदावन
अमर उजाला वृंदावन Updated Sat, 15 Oct 2016 12:29 AM IST
विज्ञापन
mob was ready to fire in hotel
पत्थर मारकर तोड़ा अम्माजी होटल का शीशा - फोटो : अमर उजाला वृंदावन
नास्तिक सम्मेलन का विरोध करने आए लोग एक बार को पुलिस के काबू से बाहर हो चले थे। भीड़ आयोजन स्थल को आग लगाने पर आमादा थी। पुलिस के बीचबचाव और बालेंदू के लिखित माफीनामे पर लोग माने।  
विज्ञापन


शुक्रवार को सुबह मोहनानंद लाल बाबा, रालोद नेता ताराचंद गोस्वामी, ऋषिकुमार शर्मा और रमेश पुजारी सहयोगियों के साथ हाथ में तिरंगा और धर्मध्वजा लेकर अम्माजी होटल पहुंचे। उनके साथ आए सैकड़ों लोगों ने आयोजकों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए बालेंदू का पुतला दहन किया। तभी जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर नवल गिरि, चतु: संप्रदाय विरक्त परिषद के महंत फूलडोल बिहारीदास, स्वामी गोविंदानंद तीर्थ, महंत सच्चिदानंद दास, महंत राधिकाशरण दास, मोहिनी शरणदास, संत जयकृष्णदास, मृदुलकांत शास्त्री, अनुभूति कृष्ण गोस्वामी आदि भी पहुंच गए। 
विज्ञापन


सपा नेता राजू द्विवेदी, भाजपा नेता एसके शर्मा, कांग्रेस नगर अध्यक्ष नूतन बिहारी पारीक, सपा नेता राजकिशोर भारती, मुस्लिम नेता भैये लाल, असगर अब्बासी, फारुख, राजुद्दीन सहित आदि लोगों ने आयोजकों को ललकारते हुए गेट खोलकर अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया। सिटी मजिस्ट्रेट राम अरज यादव और सीओ सदर आलोक दुबे आक्रोशित लोगों को समझा ही रही थीं कि गोधूलिपुरम निवासी एक युवक ने पत्थर मारकर अम्मजी होटल का शीशा तोड़ दिया। कुछ लोगों ने पेट्रोल छिड़कर होटल के सामान में आग लगाने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने इन्हें रोक दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मामला बढ़ता देख पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने संतों को साथ लेकर बालेंदू से वार्ता की। बालेंदू ने सम्मेलन के लिए आए लोगों को वापस भेजने की बात कही और लिखित माफीनामा देते हुए भविष्य में नास्तिक सम्मेलन न आयोजित करने का आश्वासन दिया। दोपहर बाद करीब तीन बजे मौके पर एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी पहुंचे। उन्होंने बालेंदू से बात की। इसके बाद एसपी सिटी ने बाहर आकर लोगों और मीडिया को सम्मेलन के रद्द होने की जानकारी दी। जब जाकर आक्रोशित भीड़ वहां से हटी।

सम्मेलन में आए लोगों ने झेला आक्रोश
दो दिवसीय नास्तिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार को सुबह से ही लोगों के आने का क्रम शुरू हो गया था। एलआईयू के अधिकारियों के अनुसार करीब 250 लोग आए। प्रत्यक्षदर्शियों ने इनकी संख्या करीब 500 बताई। इन लोगों को भी अम्माजी होटल पर विरोध कर रहे लोगाें का आक्रोश झेलना पड़ा। देशभर से आए लोग स्थानीय लोगाें के आक्रोश को भांपकर लौटने लगे।

इस दौरान कुछ लोगों ने सम्मेलन में आए लोगों की पिटाई भी कर दी। माफी मांगने पर छोड़ दिया गया। दिल्ली से आईं महिला पत्रकार दयावती ने आयोजकों के समर्थन में बातें कीं तो संतों और लोगों ने उनका कैमरा छीनने का प्रयास करते हुए मारपीट की। पुलिस ने उन्हें बचाया। इसे देख आयोजकों ने होटल की शटर गिराने के साथ मुख्य दरवाजे को बंद लिया। सुरक्षा की दृष्टि से निजी सुरक्षाकर्मी भी बुला लिए। 


दार्शनिक सम्मेलन के नाम पर आयोजन की अनुमति मांगी गई थी। इसके बाद आयोजकों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दिए बगैर उच्चाधिकारियों से नास्तिक सम्मेलन की अनुमति मांगी। आयोजक के विवादित बयान की जांच की जा रही है। जांच में आरोप सही पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  
- आलोक प्रियदर्शी 
एसपी सिटी  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed