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एक और किसान फांसी पर लटका
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:58 AM IST
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किसान अात्महत्याा
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। बुंदेलखंड में फसल की बर्बादी पर किसानों की मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार की रात में फसल की बर्बादी पर एक और किसान ने फांसी पर लटकर जान दे दी। इस मृतक किसान के पिता ने भी डेढ़ साल पहले इन्हीं हालातों में जहर खाकर जान दे दी थी।
ललितपुर कोतवाली अंतर्गत ग्राम खड़ोवरा निवासी अजय सिंह ने पुलिस को बताया कि बुधवार की रात में सभी परिजन खाना खाकर सोने चले गए। इसी दौरान रात साढ़े दस बजे उसका बड़ा भाई गजेंद्र सिंह (25) पुत्र स्व. जंडैल सिंह घर से चला गया। देर रात तक घर वापस नहीं आने पर उससे मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन गजेंद्र ने फोन नहीं उठाया। रात करीब डेढ़ बजे अजय अपने भाई को तलाशने घर से निकला। घर से कुछ दूरी पर चिरौल के पेड़ पर गजेंद्र प्लास्टिक की रस्सी से लटका हुआ मिला।
बृहस्पतिवार की सुबह पुलिस ने पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई अजय सिंह ने पुलिस को यह भी बताया कि गजेंद्र ही उसके घर का मुखिया था। दोनों भाई मिलकर चार एकड़ जमीन पर खेती करते थे। इस बार पानी की कमी के कारण फसल सूख रही है। गजेंद्र काफी दिनों से परेशान था। परिवार पर किसान क्रेडिट कार्ड का चार लाख रुपये व साहूकार का एक लाख रुपये का कर्ज है। पूरे परिवार पर फसल सूखने के कारण संकट खड़ा हो गया है।
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डेढ़ साल पहले पिता भी कर चुका आत्महत्या
बुधवार की रात फांसी पर लटकर जान देने वाले गजेंद्र सिंह के पिता जंडैल सिंह ने भी करीब डेढ़ साल पहले जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। अजय ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने भी आत्मघाती कदम फसल बर्बाद होने और कर्ज में डूबने के कारण उठाया था। पिता पर कर्ज उसकी मौत के बाद परिजनों को चुकाना था, जिसकारण पूरे परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया। जंडैल सिंह की मौत के बाद गजेंद्र व अजय ने किसी तरह परिवार को सहारा देना शुरू किया था, लेकिन अब गजेंद्र सिंह की मौत से पूरा परिवार भारी संकट में आ गया है।
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ललितपुर कोतवाली अंतर्गत ग्राम खड़ोवरा निवासी अजय सिंह ने पुलिस को बताया कि बुधवार की रात में सभी परिजन खाना खाकर सोने चले गए। इसी दौरान रात साढ़े दस बजे उसका बड़ा भाई गजेंद्र सिंह (25) पुत्र स्व. जंडैल सिंह घर से चला गया। देर रात तक घर वापस नहीं आने पर उससे मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन गजेंद्र ने फोन नहीं उठाया। रात करीब डेढ़ बजे अजय अपने भाई को तलाशने घर से निकला। घर से कुछ दूरी पर चिरौल के पेड़ पर गजेंद्र प्लास्टिक की रस्सी से लटका हुआ मिला।
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बृहस्पतिवार की सुबह पुलिस ने पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई अजय सिंह ने पुलिस को यह भी बताया कि गजेंद्र ही उसके घर का मुखिया था। दोनों भाई मिलकर चार एकड़ जमीन पर खेती करते थे। इस बार पानी की कमी के कारण फसल सूख रही है। गजेंद्र काफी दिनों से परेशान था। परिवार पर किसान क्रेडिट कार्ड का चार लाख रुपये व साहूकार का एक लाख रुपये का कर्ज है। पूरे परिवार पर फसल सूखने के कारण संकट खड़ा हो गया है।
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डेढ़ साल पहले पिता भी कर चुका आत्महत्या
बुधवार की रात फांसी पर लटकर जान देने वाले गजेंद्र सिंह के पिता जंडैल सिंह ने भी करीब डेढ़ साल पहले जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। अजय ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने भी आत्मघाती कदम फसल बर्बाद होने और कर्ज में डूबने के कारण उठाया था। पिता पर कर्ज उसकी मौत के बाद परिजनों को चुकाना था, जिसकारण पूरे परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया। जंडैल सिंह की मौत के बाद गजेंद्र व अजय ने किसी तरह परिवार को सहारा देना शुरू किया था, लेकिन अब गजेंद्र सिंह की मौत से पूरा परिवार भारी संकट में आ गया है।