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भाजपाईयों ने शिक्षामित्रों को दिया आश्वसन, लेकिन प्रदर्शन जारी
Updated Sat, 29 Jul 2017 02:46 AM IST
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बीएसए कार्यालय में शिक्षामित्रों ने किया प्रदर्शन
ललितपुर। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में जनपद के समस्त शिक्षामित्र संगठनों द्वारा सामूहिक रूप से संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के तत्वावधान में किया जा रहा विरोध प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के तीसरे दिन समस्त शिक्षामित्रों ने सुबह 10 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि उनका परिवार अंधकार में आ गया है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षामित्रों को आश्वासन देने के लिए भाजपा पार्टी के सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे व जिलाध्यक्ष रमेश सिंह लोधी समेत अन्य भाजपाई पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ व उनकी सरकार शिक्षामित्रों का साथ नहीं छोड़ेगी। इसके बाद शिक्षामित्रों ने सामूहिक जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां पर उन्होंने अपनी मांगो को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम मानवेंद्र सिंह को सौंपा है। इस दौरान मुख्य रूप से भगवत सिंह वैस, सुदामा प्रसाद, वीर दुबे, नीलम रिछारिया, बृजेश टोंटे, बृजेंद्र तिवारी, दयाराम, पूनम, सरोज, रुबीना, उर्मिला, राकेश, आनंद, राजेंद्र आदि उपस्थित रहे।
आज करेंगे अर्धनग्न व मुंडन कराकर प्रदर्शन
शिक्षामित्रों ने यह फैसला दिया है कि विरोध प्रदर्शन के चौथे दिन यानी शनिवार को पुरुष शिक्षामित्र अर्द्धनग्न प्रदर्शन करेंगे और महिला शिक्षामित्र संभवत: काले कपड़े पहनकर अपना विरोध दर्ज करेंगे। इसके अलावा सामूहिक रूप से मुंडन कराकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करेंगे।
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विद्यालय हुए शिक्षक विहीन
शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद हो जाने के बाद जनपद के ऐसे कई विद्यालय ऐसे हैं, जो पूरी तरह से शिक्षक विहीन हो गए हैं। कई विद्यालयों में केवल सहायक अध्यापक पद पर यही शिक्षामित्र तैनात थे और कईयों के पास तो प्रधानाध्यापक का भी चार्ज था। अब समायोजन रद हो जाने के बाद जनपद के परिषदीय विद्यालयों में लगभग 1,200 सहायक अध्यापकों के पद रिक्त हो गए हैं, इससे विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था पटरी से उतर गई है। इसको संज्ञान में लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिए हैं। उन्होंने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र के ऐसे विद्यालयों की सूची मांगी है, जहां पर अब कोई शिक्षक तैनात नहीं है। बीएसए ने बताया कि अब ऐसे विद्यालयों में अस्थाई विकल्प के रूप में अनुदेशकों व सहायक अध्यापकों की तैनाती की जाएगी, ताकि शैक्षिक व्यवस्था प्रभावित न हो।
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ललितपुर। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में जनपद के समस्त शिक्षामित्र संगठनों द्वारा सामूहिक रूप से संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के तत्वावधान में किया जा रहा विरोध प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के तीसरे दिन समस्त शिक्षामित्रों ने सुबह 10 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि उनका परिवार अंधकार में आ गया है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षामित्रों को आश्वासन देने के लिए भाजपा पार्टी के सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे व जिलाध्यक्ष रमेश सिंह लोधी समेत अन्य भाजपाई पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ व उनकी सरकार शिक्षामित्रों का साथ नहीं छोड़ेगी। इसके बाद शिक्षामित्रों ने सामूहिक जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां पर उन्होंने अपनी मांगो को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम मानवेंद्र सिंह को सौंपा है। इस दौरान मुख्य रूप से भगवत सिंह वैस, सुदामा प्रसाद, वीर दुबे, नीलम रिछारिया, बृजेश टोंटे, बृजेंद्र तिवारी, दयाराम, पूनम, सरोज, रुबीना, उर्मिला, राकेश, आनंद, राजेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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आज करेंगे अर्धनग्न व मुंडन कराकर प्रदर्शन
शिक्षामित्रों ने यह फैसला दिया है कि विरोध प्रदर्शन के चौथे दिन यानी शनिवार को पुरुष शिक्षामित्र अर्द्धनग्न प्रदर्शन करेंगे और महिला शिक्षामित्र संभवत: काले कपड़े पहनकर अपना विरोध दर्ज करेंगे। इसके अलावा सामूहिक रूप से मुंडन कराकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करेंगे।
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विद्यालय हुए शिक्षक विहीन
शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद हो जाने के बाद जनपद के ऐसे कई विद्यालय ऐसे हैं, जो पूरी तरह से शिक्षक विहीन हो गए हैं। कई विद्यालयों में केवल सहायक अध्यापक पद पर यही शिक्षामित्र तैनात थे और कईयों के पास तो प्रधानाध्यापक का भी चार्ज था। अब समायोजन रद हो जाने के बाद जनपद के परिषदीय विद्यालयों में लगभग 1,200 सहायक अध्यापकों के पद रिक्त हो गए हैं, इससे विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था पटरी से उतर गई है। इसको संज्ञान में लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिए हैं। उन्होंने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र के ऐसे विद्यालयों की सूची मांगी है, जहां पर अब कोई शिक्षक तैनात नहीं है। बीएसए ने बताया कि अब ऐसे विद्यालयों में अस्थाई विकल्प के रूप में अनुदेशकों व सहायक अध्यापकों की तैनाती की जाएगी, ताकि शैक्षिक व्यवस्था प्रभावित न हो।