{"_id":"46b14ffed5abec2d20806833204351c0","slug":"10-per-cent-of-the-income-donate-acharyashri-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आय की 10 प्रतिशत राशि दान दें: आचार्यश्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आय की 10 प्रतिशत राशि दान दें: आचार्यश्री
ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाली (ललितपुर)। आचार्यश्री ज्ञानसागर महाराज ने कहा कि प्रभु की अमृतवाणी मृत्यु रूपी रोगों को दूर करने के लिए औषधि का काम करती है। ऐसी जिन वाणी मां का स्याद्वाद अनेकांत शैली से अध्ययन अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कम से कम हर श्रावक को अपनी आय की दस प्रतिशत राशि दान में देना चाहिए।
प्रवचन के उपरांत महामुनि श्रीअरनाथ को पडगाहन कर प्रथम आहार राजा अपराजित की भूमिका में दयाचंद सराफ ने सपरिवार आहार किया और उसके उपरांत श्रावकों ने आहारदान किया।
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भगवान के अभिषेक व पूजन की मांगलिक क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी जयनिशांत भैया ने अपने सहयोगी ब्रह्मचारी अशोक जी लिधौरा, नितिन भैया खुरई, सनतकुमार रजवांस व धीरज भैया राहतगढ के साथ सन्पन्न कराईं।
विज्ञापन
आचार्यश्री ने संघस्थ मुनियों के साथ प्रतिमाओं को सूर्यमंत्रों द्वारा अभिमंत्रित कर प्राण प्रतिष्ठा की। इसके पश्चात केवलज्ञान की उत्पति समवशरण की रचना हुई, जिसमें आचार्यश्री ने गणधर के रूप में श्रावकों को संबोधित कर कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। मध्याह्न में अखिल भारतीय शास्त्री परिषद का नैमितिक अधिवेशन हुआ।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. श्रयांस जैन बडौत ने प्रतिष्ठा पितामह पं. गुलाबचंद पुष्प की स्वाध्याय के प्रति गहन रुचि का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने विद्वानों को संस्कारित कर आगे बढ़ाने में योग दान दिया। इस दौरान पुष्पजी की प्रतिकृति का अनावरण त्रिलोक तीर्थ बड़ागांव धाम के अध्यक्ष गजराज गंगवाल ने किया।
इस मौके पर ट्रस्टी इंद्रेश जैन, गोकुल प्रसाद जैन, प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रमुख पात्र सौधर्म इंद्र योगेंद्र जैन टीकमगढ़, कुबेर गजराज रजनी मिठया तालबेहट, ईशान इंद्र सपन कोठादार, सनत कुमार इंद्र राजकुमार समता जैन इंदौर, महेंद्र डा. प्रदीप जैन- उर्मिला जैन छतरपुर आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार, एसपी बालेंदु भूषण सिंह, एसडीएम मडावरा व तहसीलदार महरौनी ने आचार्यश्री को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
महोत्सव समिति के महेंद्र जैन बड़ागांव, प्रवीण जैन झांसी, सनत जैन, दयाचंद सराफ, सुंदर लाल जैन, वीर चंद जैन व नरेंद्र जैन सर्राफ ने डीएम व एसपी को प्रतीक चिह्न भेंट किया। इसके अलावा अल्पसंख्यक आयोग भारत सरकार के उपसचिव संदीप जैन, तीर्थ क्षेत्र कमेटी उत्तरांचल के अध्यक्ष शैलेंद्र जैन, पूर्व मंत्री मप्र कपूरचंद घुवारा ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
संगीतमय आरती हुई
रात्रि में संगीतमय आरती की प्रस्तुति संगीतकार रामकुमार भोपाल के मार्गदर्शन में हुई, जिसमें इंद्र-इंद्राणि प्रभु की भक्ति में झूम उठे। इसके उपरांत अखिल भारतीय कवि सम्मेलन कमलेश बसंत के संयोजन में हुआ।
इसमें कवि अशोक सुंदरानी, पार्थ नवीन, सिद्धार्थ देवल, योगिता चौहान, राजेंद्र विदुआ आदि की रचनाओं का श्रोताओं ने देर रात तक लाभ लिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गुलशन राय, अनिल कुमार जैन, प्रमोद जैन, कंछेदी लाल जैन, ज्ञान चंद दिल्ली व संतोष जैन सागर वाले प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
गजरथ परिक्रमा आज
प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतिम दिन मोक्षकल्याणक महोत्सव आज चार फरवरी को प्रात:काल पूजन व अभिषेक के उपरांत मोक्ष कल्याणक पूजन संस्कारोपण आचार्यश्री के प्रवचन, मध्याह्न डेढ़ बजे से गजरथ परिक्रमा होगी। यह जानकारी मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने दी।
विज्ञापन
प्रवचन के उपरांत महामुनि श्रीअरनाथ को पडगाहन कर प्रथम आहार राजा अपराजित की भूमिका में दयाचंद सराफ ने सपरिवार आहार किया और उसके उपरांत श्रावकों ने आहारदान किया।
विज्ञापन
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भगवान के अभिषेक व पूजन की मांगलिक क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी जयनिशांत भैया ने अपने सहयोगी ब्रह्मचारी अशोक जी लिधौरा, नितिन भैया खुरई, सनतकुमार रजवांस व धीरज भैया राहतगढ के साथ सन्पन्न कराईं।
विज्ञापन
आचार्यश्री ने संघस्थ मुनियों के साथ प्रतिमाओं को सूर्यमंत्रों द्वारा अभिमंत्रित कर प्राण प्रतिष्ठा की। इसके पश्चात केवलज्ञान की उत्पति समवशरण की रचना हुई, जिसमें आचार्यश्री ने गणधर के रूप में श्रावकों को संबोधित कर कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। मध्याह्न में अखिल भारतीय शास्त्री परिषद का नैमितिक अधिवेशन हुआ।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. श्रयांस जैन बडौत ने प्रतिष्ठा पितामह पं. गुलाबचंद पुष्प की स्वाध्याय के प्रति गहन रुचि का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने विद्वानों को संस्कारित कर आगे बढ़ाने में योग दान दिया। इस दौरान पुष्पजी की प्रतिकृति का अनावरण त्रिलोक तीर्थ बड़ागांव धाम के अध्यक्ष गजराज गंगवाल ने किया।
इस मौके पर ट्रस्टी इंद्रेश जैन, गोकुल प्रसाद जैन, प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रमुख पात्र सौधर्म इंद्र योगेंद्र जैन टीकमगढ़, कुबेर गजराज रजनी मिठया तालबेहट, ईशान इंद्र सपन कोठादार, सनत कुमार इंद्र राजकुमार समता जैन इंदौर, महेंद्र डा. प्रदीप जैन- उर्मिला जैन छतरपुर आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार, एसपी बालेंदु भूषण सिंह, एसडीएम मडावरा व तहसीलदार महरौनी ने आचार्यश्री को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
महोत्सव समिति के महेंद्र जैन बड़ागांव, प्रवीण जैन झांसी, सनत जैन, दयाचंद सराफ, सुंदर लाल जैन, वीर चंद जैन व नरेंद्र जैन सर्राफ ने डीएम व एसपी को प्रतीक चिह्न भेंट किया। इसके अलावा अल्पसंख्यक आयोग भारत सरकार के उपसचिव संदीप जैन, तीर्थ क्षेत्र कमेटी उत्तरांचल के अध्यक्ष शैलेंद्र जैन, पूर्व मंत्री मप्र कपूरचंद घुवारा ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
संगीतमय आरती हुई
रात्रि में संगीतमय आरती की प्रस्तुति संगीतकार रामकुमार भोपाल के मार्गदर्शन में हुई, जिसमें इंद्र-इंद्राणि प्रभु की भक्ति में झूम उठे। इसके उपरांत अखिल भारतीय कवि सम्मेलन कमलेश बसंत के संयोजन में हुआ।
इसमें कवि अशोक सुंदरानी, पार्थ नवीन, सिद्धार्थ देवल, योगिता चौहान, राजेंद्र विदुआ आदि की रचनाओं का श्रोताओं ने देर रात तक लाभ लिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गुलशन राय, अनिल कुमार जैन, प्रमोद जैन, कंछेदी लाल जैन, ज्ञान चंद दिल्ली व संतोष जैन सागर वाले प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
गजरथ परिक्रमा आज
प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतिम दिन मोक्षकल्याणक महोत्सव आज चार फरवरी को प्रात:काल पूजन व अभिषेक के उपरांत मोक्ष कल्याणक पूजन संस्कारोपण आचार्यश्री के प्रवचन, मध्याह्न डेढ़ बजे से गजरथ परिक्रमा होगी। यह जानकारी मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने दी।