जेल से रिहा हुआ पाकिस्तानी इदरीश, बिना वीजा के फिर हिन्दुस्तान की सड़कों पर
कानपुर जेल में बंद पाक नागरिक इदरीश की रिहाई सोमवार को हो गई। इदरीश साढ़े चार साल की सजा पूरी करने के बाद रिहा हुआ। इदरीश को एलआईयू गाजियाबाद शेल्टर होम में रखने की तैयारी कर रही थी लेकिन अब ऐसा नहीं हो पा रहा है। जिसकी वजह से इदरीश सड़कों पर बिना वीजा के घूम रहा है। ‘अमर उजाला’ के खुलासे पर पुलिस ने मार्च 2013 में इदरीश ने गिरफ्तार किया था। वह फर्जी आईडी से सिम लेकर पाकिस्तान बात करता था।
एमसी 480 ग्रीन टाउन कराची पाकिस्तान निवासी इदरीश आलम 1999 में अपने पिता अहमद जान के बीमार होने पर 15 दिन का वीजा लेकर पाकिस्तान से मिश्रीबाजार मूलगंज कानपुर आया था। पिता की मौत के बाद वह यहीं रुक गया था। पुलिस ने उसे बिना वीजा यहां रहने पर गिरफ्तार किया था। सजा पूरी करने पर अगस्त 2010 में पुलिस उसे बाघा बार्डर पर छोड़ने गई लेकिन पाकिस्तान ने वापस नहीं लिया। इसके बाद से वह पुलिस लाइन में रह रहा था। उसने फर्जीवाड़ा कर सिम ले लिया था। इससे वह पाकिस्तान बात करता था। ‘अमर उजाला’ के खुलासे पर उसे मार्च 2013 में गिरफ्तार किया गया था। करीब साढ़े चार साल की सजा काटने के बाद वह सोमवार को रिहा होने वाला था। पुलिस ने इदरीश को अभी जेल में रखने को कहा है। वहीं जेल प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि सजा पूरी होने के बाद कैदी को नहीं रख सकते हैं। इन सबके बाद पाकिस्तानी इदरीश फिर से हिन्दुस्तान की सड़कों पर खुलेआम बीमा वीजा के घूमने लगा है।