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अय्याशी के चक्कर में बजरंग दल नेता की हत्या, मरने से पहले 'बयान का वीडियो' बना पुख्ता सबूत

Sun, 26 Nov 2017 09:35 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 26 Nov 2017 09:35 PM IST
सार

-महिला पर बना रहा था साथ रहने का दवाब
-महिला ने बहाने से बुलाया, परिवार संग मिलकर रेत दिया था गला
-महिला और उसका पति समेत चार लोग गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
 

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Bajrang Dal leader murder mystery solve
महिला पर बना रहा था साथ रहने का दवाब, महिला ने परिजनों संग रेत दिया गला

विस्तार

कानपुर के अर्मापुर में अय्याशी के चलते बजरंग दल के पूर्व नगर संयोजक इंद्र बहादुर उर्फ विजय यादव की हत्या हुई थी। वह महिला मित्र पर साथ रहने का दवाब बना रहा था। इसके लिए महिला के परिवार को भी ठिकाने लगाने को तैयार था, लेकिन महिला राजी नहीं थी। इंद्र बहादुर की हरकतों से परेशान होकर महिला परिजनों के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी। वारदात केदिन महिला ने ही उसे बहाने से अर्मापुर थाने के पीछे बुलाया था। वहीं, परिजनों के साथ इंद्र बहादुर का महिला ने गला रेत दिया था। पुलिस ने महिला और उसकेपति समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर रविवार को वारदात का खुलासा किया है। पुलिस मामले में दो लोगों की तलाश कर रही है।

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पुलिस लाइन सभागारमें एसएसपी अखिलेश कुमार मीडिया को बताया कि इंद्रपुरी कालोनी शारदा नगर निवासी विनय झा होजरी कपड़ों का व्यापार करते हैं। विनय ने पांच साल पहले बजरंग दल नेता इंद्र बहादुर से घर का फर्नीचर बनवाया था। उसी दौरान विनय की पत्नी पूनम और इंद्र बहादुर संबंध हो गए थे। दोनों में काफी करीबियां हो गई थीं। इसके बाद पूनम पर इंद्र बहादुर साथ रहने का दबाव बना रहा था। पूनम ने पति, बच्चों और इज्जत का हवाला देकर उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन इंद्र बहादुर ने उसकी नहीं सुनी। एसएसपी के मुताबिक पूछताछ में पूनम ने बताया कि इंद्र बहादुर ने उसे धमकी दी थी कि अगर वह साथ रहने वाली राजी नहीं हुई, तो वह उसके परिवार को ठिकाने लगा देगा। पिछले साल इंद्र बहादुर ने छपेड़ा पुलिया काकादेव इलाके में उसके पति को गोली मार दी थी, लेकिन पति की जान बच गई थी। इस मामले में इंद्र बहादुर जेल भी गया था। 10 महीने बाद अक्टूबर में वह जेल से छूटकर आया था। तब से उसे ब्लैक मेल और परेशान कर रहा था। इंद्र बहादुर दिन में कई बार उसे फोन करके परिवार को छोड़ने का दबाव बना रहा था। इससे वह तंग आ गई थी। इसके बाद उसने परिजनों के साथ मिलकर इंद्र बहादुर की हत्या की साजिश रची थी। पूनम  ने बताया कि उसने पति, जेठ विनोद झा, भतीजे (विनोद के बेटे) सत्यम उर्फ विक्की, उसके मामा के साले के लड़केअनुपम और उसके एक साथी इंद्र बहादुर की हत्या के लिए राजी किया था। इसके बाद शुक्रवार देर शाम उसी ने इंद्र बहादुर को बहाने से अर्मापुर थाने के पीछे बताया था। इंद्र बहादुर से उसने कहा था कि तुम स्मैक और चरस लेकर आ जाओ। यह नशीले पदार्थ वह पति और भतीजे सत्यम की बाइक में रखवा देगी और फिर पुलिस को सूचना दे देगी। इसके बाद पुलिस पति को गिरफ्तार करके जेल भेज देगी। फिर वह उसकेसाथ रहने लगेगी। इंद्र बहादुर उसकी बातों में फंस गया। वह बुलेरो से नशीले पदार्थ लेकर आ गया। साजिश के तहत मौके पर पहले मौजूद उसके पति, जेठ, भतीजे, उसके मामा के साले के लड़केअनुपम और उसके एक साथी के साथ मिलकर चापड़ और रिंच से इंद्र बहादुर की हत्या कर दी थी। वारदात के बाद वह सत्यम केसाथ घर चली गई थी। जबकि अन्य आरोपी मौके से भाग निकले थे। एसएसपी ने बताया कि रविवार को सटीक सूचना पर अर्मापुर थानाप्रभारी समीर कुमार सिंह ने टीम के साथ इलाके से ही पूनम, विनय, विनोद और सत्यम को गिरफ्तार किया गया था। गाजियाबाद निवासी अनुपम और उसके साथी की तलाश की जा रही है। पकड़े गए अभियुक्तों की निशादेही पर अर्मापुर की झाड़ियों वारदात में प्रयुक्त चापड़ और पूनम की साड़ी बरामद की गई है। यह साड़ी पूनम ने इंद्र बहादुर की हत्या के वक्त पहन रखी थी। सोमवार को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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यह था मामला

Bajrang Dal leader murder mystery solve
अस्पताल में लगी मृतक के परिजनों की भीड़ (पुरानी फोटो)
कानपुर रावतपुर गांव केशव नगर निवासी फील्ड गन फैक्ट्री कर्मचारी रामकरन यादव का मंझला बेटा इंद्र बहादुर फर्नीचर और प्रापर्टी का व्यापार करता था। शुक्रवार देर शाम अर्मापुर थाने के पीछे इंद्र बहादुर लहूलुहान हालत में मिला था। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में इंद्र बहादुर की महिला मित्र पूनम, उसके पति, जेठ और भतीजे व कुछ अज्ञात पर हत्या, बलवा और साजिश रचने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

फर्जी नाम से बना रखी थी फेसबुक आईडी
पूनम ने पुलिस को बताया कि इंद्र बहादुर के साथ रहने को वह राजी नहीं हुई थी। इस पर इंद्र बहादुर ने राधे झा और रिचा झा नाम की फर्जी आईडी से फेसबुक अकाउंट बना लिया था। इसके बाद इंद्र बहादुर ने अपने साथ उसकी फोटो फेसबुक पर अपलोड कर उसके रिश्तेदारों व अन्य लोगों को भेजकर बदनाम किया था।  इसलिए भी वह और उसकेपरिजन इंद्र बहादुर से अपना पीछा छुड़ाना चाहते थे।
 

पूनम को खुद दिया था सिम

Bajrang Dal leader murder mystery solve
पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी
एसएसपी ने बताया कि जेल से छूटने के बाद इंद्र बहादुर ने पूनम से बातचीत करना शुरू कर दिया था। इंद्र बहादुर ने अपने नाम का सिम भी पूनम को दिया था। इसी फोन से वह पूनम से बातचीत करता था, ताकि पूनम पर किसी का शक नहीं जाए।

शातिर है हत्यारोपी
एसएसपी ने बताया कि हत्यारोपी काफी शातिर हैं। आरोपी अनुपम और उसके साथी ने अपना मोबाइल गाजियाबाद स्थित अपने घर पर छोड़ दिया था। वहीं, पूनम और उसके परिजन भी घर पर मोबाइल छोड़कर घटनास्थल पर आए थे। ताकि अगर पुलिस सर्विलांस की मदद से उन तक पहुंचना चाहे तो न पहुंच सके।
 
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पूर्वांचल के एक माफिया का करीबी रहा है अनुपम

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मृतक के दोस्त
एसएसपी ने बताया कि अनुपम झा और उसका साथी पूर्वांचल के एक माफिया के करीबी रहे हैं। दोनों को अपराध करने और पुलिस ने बचने का तरीका पता है। इसलिए हत्यारोपी अपना-अपना मोबाइल घर पर छोड़कर दो बाइकों से छहों आरोपी मौके पर आए थे। पुलिस ने इंद्र बहादुर के मोबाइल की कॉल डिटेल में पूनम के मोबाइल का नंबर मिला था। इस नंबर के आधार पर पुलिस पूनम और उसके परिजनों तक पहुंची। इस काम में इंद्र बहादुर द्वारा मरने से पहले दिया गया बयान भी काफी कारगर साबित हुआ है।

वीडियो रिकार्डिंग बनेगा पुख्ता सबूत
एसएसपी ने बताया कि मरने से पहले इंद्र बहादुर को भाई वीर बहादुर को बताया था कि पूनम, विनय, विनोद, सत्यम और अन्य लोगों ने मिलकर उसकी यह हालत की है। इंद्र बहादुर के इस बयान की वीर बहादुर ने मोबाइल पर वीडियो रिकार्डिंग कर ली थी। एसएसपी ने बताया कि इंद्र बहादुर का यह बयान सीआरपीसी के 164 का माना जाएगा। इसे चार्जशीट के साथ कोर्ट में दाखिल कियाजाएगा।

गुडवर्क वाली टीम
अर्मापुर थानाप्रभारी समीर कुमार सिंह, सिपाही चंदन कुमार गौड़, देवेंद्र कुमार, भूपेंद्र कुमार, महिला सिपाही पूजा, सर्विलांस सेल प्रभारी देवी सिंह, सिपाही राहुल कुमार, आईजी की क्राइम ब्रांच प्रभारी बिनोद मिश्रा, सिपाही ललित व धर्मेंद्र।

 
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