पिता के इलाज में कर्ज में डूबा पुत्र,पिता के न बचने पर फांसी लगा दी जान
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तंगी से परेशान बेटे ने पिता की मौत के 12 दिन बाद फांसी लगाकर जान दे दी। पिता का इलाज कराने में करीब दो लाख रुपये का कर्जदार हो गया था।
क्षेत्र के गांव डहरियापुर निवासी दिगंबर सिंह काफी दिनों से लीवर और आंतों की बीमारी से पीड़ित थे। उनके दो पुत्र हैं। पांच बीघा खेती से घर का गुजर बसर कर चलता है। बड़े बेटे दीपचंद्र (26) ने कानपुर और लखनऊ में पिता का इलाज कराया। कहीं से फायदा न मिलने पर आगरा से इलाज चल रहा था। इस इलाज में वह करीब दो लाख रुपये का कर्जदार हो गया। इसी बीच 30 सितंबर को दिगंबर सिंह की मौत हो गई। पिता की मौत के बाद बेटा दीप चंद्र उदास रहने लगा। परिजनों का कहना है कि करीब दो लाख रुपये का कर्ज था। उसे कर्ज की चिंता सता रही थी।
पोल में रस्सी से फंदा बनाकर झूल गया
दीपचंद्र की छह माह पूर्व ही मक्का के पुर्वा तिर्वा कन्नौज निवासी सोनिका के साथ शादी हुई थी। ससुर की मौत के बाद करवाचौथ का व्रत भी नहीं रख पाई। उसका रो रो कर बुरा हाल है।