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भारत का निर्माण नेताओं ने नहीं ऋषियों ने किया : रामाशीष
Updated Tue, 22 Aug 2017 07:51 PM IST
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गोरखपुर। महाराणा पीजी कॉलेज में चल रहे महंत अवेद्यनाथ स्मृति व्याख्यान माला के अंतर्गत प्रज्ञा प्रवाह पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के संयोजक रामाशीष सिंह ने कहा कि भारत का निर्माण नेताओं ने नहीं, ऋषियों ने किया है। राष्ट्र न तो मात्र भूखंड का नाम है, न तो यह कोई राजनीतिक इकाई है, अपितु यह एक सांस्कृतिक इकाई का नाम है। राष्ट्र का निर्माण हजारों वर्षों के जीवन-मूल्य, परंपरा और संस्कृृति के निर्माण से होता है।
उन्होंने कहा कि आजाद भारत में राष्ट्र की भारतीय अवधारणा को जानबूझकर बिगाड़ा गया। सेक्यूलर बनाम हिंदुत्व की अनावश्यक बहस चलाई गई। भारत की पहचान ही भारत की राष्ट्रीयता है। भारत की पहचान वेदों, उपनिषदों, पुराणों से है। इसके अलावा वनस्पति विज्ञान के प्रभारी डॉ. अभय श्रीवास्तव ने ’वनस्पतियों के औषधीय महत्व’ पर अपना शोधपूर्ण व्याख्यान दिया। प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव ने मुख्य वक्ता रामाशीष सिंह को सम्मानित किया। इस मौके पर बागीश राज पांडेय, मुकेश खांडेकर, सुभाष, कौस्तुभ नारायण मिश्र, प्रो. महेश कुमार शरण, डॉ. सुभाष गुप्ता, मनीता सिंह, श्वेता चौबे, डॉ. राजेश शुक्ला, मंजेश्वर, डॉ. अविनाश प्रताप सिंह सहित सभी शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि आजाद भारत में राष्ट्र की भारतीय अवधारणा को जानबूझकर बिगाड़ा गया। सेक्यूलर बनाम हिंदुत्व की अनावश्यक बहस चलाई गई। भारत की पहचान ही भारत की राष्ट्रीयता है। भारत की पहचान वेदों, उपनिषदों, पुराणों से है। इसके अलावा वनस्पति विज्ञान के प्रभारी डॉ. अभय श्रीवास्तव ने ’वनस्पतियों के औषधीय महत्व’ पर अपना शोधपूर्ण व्याख्यान दिया। प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव ने मुख्य वक्ता रामाशीष सिंह को सम्मानित किया। इस मौके पर बागीश राज पांडेय, मुकेश खांडेकर, सुभाष, कौस्तुभ नारायण मिश्र, प्रो. महेश कुमार शरण, डॉ. सुभाष गुप्ता, मनीता सिंह, श्वेता चौबे, डॉ. राजेश शुक्ला, मंजेश्वर, डॉ. अविनाश प्रताप सिंह सहित सभी शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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