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जेहादियों की भाषा सुन पिता ने घर से निकाल दिया था सलीम को
फतेहपुर
Updated Thu, 20 Jul 2017 12:26 AM IST
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आतंकी सलीम खान
सलीम के आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के पीछे का सच धीरे-धीरे बाहर आ रहा है। सऊदी से पहली बार लौटने के बाद वह जेहादियों की भाषा बोलने लगा था। इसी वजह से यहां के मुसलमान उससे किनारा करने लगे थे और पिता ने उसे घर से भगा दिया था।
सलीम के गांव और ससुराल पक्ष के करीबी बुजुर्गों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि एटीएस के हत्थे चढ़ा सलीम खान पहली बार वर्ष 2000 में सऊदी अरब गया था। 2004-2005 के बीच लौटा तो घरवालों से ही अपने धर्म के विरोध में बातचीत करता था। इससे नाराज होकर गांव के संभ्रांत व्यक्ति के रूप में जाने जाने वाले उसके पिता मुकीमुद्दीन खान ने उसे घर से भगा दिया था। तब वह कुछ दिनों तक अपनी ससुराल में रहा। लोग उससे दूरी बनाने लगे थे। इसी के बाद उसके लश्कर के ट्रेनिंग कैंप जाने का अनुमान है। कयास लगाया जा रहा है कि सऊदी में ही किसी ने उसका ब्रेन वॉश कर दिया था।
ट्रांजिट रिमांड में फतेहपुर आ सकता है सलीम
फतेहपुर। यूपी एटीएस को सलीम खान की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे जिले में लाए जाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। उससे उसके गुर्गों और आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता पर पूछताछ होगी। प्रदेश में फै ले नेटवर्क के लोगों तक पहुंचने के लिए भी छापेमारी की जा सकती है।
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मुुंबई में पकड़ा गया आतंकी सलीम खान जिले के हथगाम थानांतर्गत के बंदीपुर गांव का रहने वाला है। वह करीब 15 साल से दुबई और सऊदी में रह रहा था। आशंका है कि उसके संपर्क से भी कई गांवों के लोग खाड़ी देशों में कमाने गए होंगे। पूछताछ के दौरान सलीम के जिले में फैले संपर्क सामने आ सकते हैं। टीम 24 से 36 घंटे के भीतर कभी भी आ सकती है। हथगाम, सुल्तानपुर घोष, खागा व शहर के कुछ मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में छापेमारी की अधिक संभावनाएं हैं। आतंकियों को फं डिंग करने वाले खातों की जांच हो सकती है। इन खातों से और भी करीबियों को रकम भेजे जाने की बात भी खुल सकती है।
खाड़ी में हैं सलीम के तीन सगे रिश्तेदार
आतंकी सलीम की गिरफ्तारी के बाद से ही उसके रिश्तेदारों की पड़ताल शुरू हो गई है। दुबई और सऊदी में रहने वाले उसके तीन रिश्तेदारों के नाम सामने आए हैं। सलीम के भाई मुस्तकीम की ससुराल कौशांबी जिले के परास गांव में है। मुस्तकीम का एक साला ताहिर कई साल से सऊदी में है। सलीम के कबरे गांव निवासी सगे साले आफताब आलम और महताब आलम भी दुबई में करीब एक साल पहले गए थे। माना जा रहा है कि सलीम के माध्यम से ही तीनों रिश्तेदार वहां गए होंगे। इनकी सलीम से बातचीत भी होती रही होगी। पुलिस व खुफिया इकाई इनसे भी जुड़े लोगों को खंगाल रही है। इनके सहारे सलीम के बारे में खास जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
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सलीम के गांव और ससुराल पक्ष के करीबी बुजुर्गों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि एटीएस के हत्थे चढ़ा सलीम खान पहली बार वर्ष 2000 में सऊदी अरब गया था। 2004-2005 के बीच लौटा तो घरवालों से ही अपने धर्म के विरोध में बातचीत करता था। इससे नाराज होकर गांव के संभ्रांत व्यक्ति के रूप में जाने जाने वाले उसके पिता मुकीमुद्दीन खान ने उसे घर से भगा दिया था। तब वह कुछ दिनों तक अपनी ससुराल में रहा। लोग उससे दूरी बनाने लगे थे। इसी के बाद उसके लश्कर के ट्रेनिंग कैंप जाने का अनुमान है। कयास लगाया जा रहा है कि सऊदी में ही किसी ने उसका ब्रेन वॉश कर दिया था।
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ट्रांजिट रिमांड में फतेहपुर आ सकता है सलीम
फतेहपुर। यूपी एटीएस को सलीम खान की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे जिले में लाए जाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। उससे उसके गुर्गों और आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता पर पूछताछ होगी। प्रदेश में फै ले नेटवर्क के लोगों तक पहुंचने के लिए भी छापेमारी की जा सकती है।
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मुुंबई में पकड़ा गया आतंकी सलीम खान जिले के हथगाम थानांतर्गत के बंदीपुर गांव का रहने वाला है। वह करीब 15 साल से दुबई और सऊदी में रह रहा था। आशंका है कि उसके संपर्क से भी कई गांवों के लोग खाड़ी देशों में कमाने गए होंगे। पूछताछ के दौरान सलीम के जिले में फैले संपर्क सामने आ सकते हैं। टीम 24 से 36 घंटे के भीतर कभी भी आ सकती है। हथगाम, सुल्तानपुर घोष, खागा व शहर के कुछ मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में छापेमारी की अधिक संभावनाएं हैं। आतंकियों को फं डिंग करने वाले खातों की जांच हो सकती है। इन खातों से और भी करीबियों को रकम भेजे जाने की बात भी खुल सकती है।
खाड़ी में हैं सलीम के तीन सगे रिश्तेदार
आतंकी सलीम की गिरफ्तारी के बाद से ही उसके रिश्तेदारों की पड़ताल शुरू हो गई है। दुबई और सऊदी में रहने वाले उसके तीन रिश्तेदारों के नाम सामने आए हैं। सलीम के भाई मुस्तकीम की ससुराल कौशांबी जिले के परास गांव में है। मुस्तकीम का एक साला ताहिर कई साल से सऊदी में है। सलीम के कबरे गांव निवासी सगे साले आफताब आलम और महताब आलम भी दुबई में करीब एक साल पहले गए थे। माना जा रहा है कि सलीम के माध्यम से ही तीनों रिश्तेदार वहां गए होंगे। इनकी सलीम से बातचीत भी होती रही होगी। पुलिस व खुफिया इकाई इनसे भी जुड़े लोगों को खंगाल रही है। इनके सहारे सलीम के बारे में खास जानकारियां मिलने की उम्मीद है।