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केरल तक पहुंचा मानसून, 21 जून से देगा दस्तक
Updated Sun, 11 Jun 2017 11:52 PM IST
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21 से झमाझम बारिश के आसार
इससे पहले गर्मी में राहत दे सकती प्री-मानसूनी बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। लगातार हो रही उमस भरी गर्मी से जल्द ही प्री मानसूनी बारिश राहत देगी। हालांकि मानसून आने में अभी 10 दिन लग सकते हैं। बदले विंड पैटर्न और मौसमी उठापटक के बीच अगले एक सप्ताह के भीतर सीजन की पहली प्री-मानसूनी बौछारें पड़ सकती हैं। वायुमंडल में बढ़े आर्द्रता स्तर के चलते सीजन की पहली प्री-मानसूनी बौछारों की सौगात के कयास लगाए जा रहे हैं।
नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र के मुताबिक केरल में मानसून पहुंच चुका है। केरल से जिले में मानसून पहुंचने में अमूमन दो सप्ताह समय लगता है। ऐसे में आगामी 21, 22 जून तक जिले में मानसून आने की उम्मीद है। मानसून से पूर्व होने वाली बारिश अगले एक सप्ताह में होने की उम्मीद है। फिलहाल बादलों की आवाजाही लगी है, इस बीच छिटपुट वर्षा हो सकती है।
41 डिग्री पहुंचा तापमान
तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बीच रविवार को तापमान बढ़कर 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। लगातार हो रही भीषण गर्मी में लोग दिनभर घरों में दुबके रहने को विवश हैं। हालांकि रविवार सुबह कुछ समय के लिए बादल छाए रहे, कहीं-कहीं हल्की बूंदे भी पड़ीं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिले में छिटफुट बरसात होने के आसार हैं, लेकिन मानसूनी बरसात के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
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एक मास ऋतु आगै धावै, आधा जेठ आषाढ़ कहावै
फैजाबाद। जै दिन जेठ बहे पुरवाई, तै दिन सावन धूरिज उड़ाई...। खटिया पर लेटे-लेटे ठेठ गंवई अंदाज में मौसम का सटीक अनुमान बता देने वाले घाघ भड्डरी भी अपनी कहावतों से बरखा का इशारा करते हैं। एक मास ऋतु आगै धावै, आधा जेठ आषाढ़ कहावै... कहावत के मुताबिक आधे जेठ को आधा आषाढ़ भी कहा जाता है, इस समय तक आसमान में बादल भी दिखने लगते हैं। वर्षा कब तक होगी, इसका पता चलने लगता है। इस बार भी गुजरते जेठ महीने के आखिरी दिनों में बादलों की काफी आवाजाही हुई। करिया बादर जीउ डरवावै, भूरा बादर पानी लावै... के मुताबिक आसमान में छाए काले बादल से तेज बारिश का डर ही होता है लेकिन अगर बादल भूर हैं तो समझो पानी जरूर आएगा।
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इससे पहले गर्मी में राहत दे सकती प्री-मानसूनी बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। लगातार हो रही उमस भरी गर्मी से जल्द ही प्री मानसूनी बारिश राहत देगी। हालांकि मानसून आने में अभी 10 दिन लग सकते हैं। बदले विंड पैटर्न और मौसमी उठापटक के बीच अगले एक सप्ताह के भीतर सीजन की पहली प्री-मानसूनी बौछारें पड़ सकती हैं। वायुमंडल में बढ़े आर्द्रता स्तर के चलते सीजन की पहली प्री-मानसूनी बौछारों की सौगात के कयास लगाए जा रहे हैं।
नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र के मुताबिक केरल में मानसून पहुंच चुका है। केरल से जिले में मानसून पहुंचने में अमूमन दो सप्ताह समय लगता है। ऐसे में आगामी 21, 22 जून तक जिले में मानसून आने की उम्मीद है। मानसून से पूर्व होने वाली बारिश अगले एक सप्ताह में होने की उम्मीद है। फिलहाल बादलों की आवाजाही लगी है, इस बीच छिटपुट वर्षा हो सकती है।
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41 डिग्री पहुंचा तापमान
तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बीच रविवार को तापमान बढ़कर 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। लगातार हो रही भीषण गर्मी में लोग दिनभर घरों में दुबके रहने को विवश हैं। हालांकि रविवार सुबह कुछ समय के लिए बादल छाए रहे, कहीं-कहीं हल्की बूंदे भी पड़ीं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिले में छिटफुट बरसात होने के आसार हैं, लेकिन मानसूनी बरसात के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
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एक मास ऋतु आगै धावै, आधा जेठ आषाढ़ कहावै
फैजाबाद। जै दिन जेठ बहे पुरवाई, तै दिन सावन धूरिज उड़ाई...। खटिया पर लेटे-लेटे ठेठ गंवई अंदाज में मौसम का सटीक अनुमान बता देने वाले घाघ भड्डरी भी अपनी कहावतों से बरखा का इशारा करते हैं। एक मास ऋतु आगै धावै, आधा जेठ आषाढ़ कहावै... कहावत के मुताबिक आधे जेठ को आधा आषाढ़ भी कहा जाता है, इस समय तक आसमान में बादल भी दिखने लगते हैं। वर्षा कब तक होगी, इसका पता चलने लगता है। इस बार भी गुजरते जेठ महीने के आखिरी दिनों में बादलों की काफी आवाजाही हुई। करिया बादर जीउ डरवावै, भूरा बादर पानी लावै... के मुताबिक आसमान में छाए काले बादल से तेज बारिश का डर ही होता है लेकिन अगर बादल भूर हैं तो समझो पानी जरूर आएगा।