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भारतीय धरोहरों के संरक्षण का संकल्प
Chitrakoot
Updated Wed, 08 Oct 2014 05:32 AM IST
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चित्रकूट। राष्ट्रऋषि नानाजी को समर्पित संस्थान के केन्द्रीय मुख्यालय दिल्ली से शुरू हुई चलो चित्रकूट साइकिल यात्रा का समापन उद्यमिता विद्यापीठ चित्रकूट के दीनदयाल परिसर में संपन्न हुआ। जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया गया। इस दौरान भारतीय धरोहरों के संरक्षण का संकल्प लिया गया।
यात्रा के संयोजक रोहित सिंह नेगी ने इस 12 दिवसीय लगभग 800 किमी की साइकिल यात्रा के दौरान जगह-जगह पं. दीनदयाल जी एवं नानाजी से जुड़े लोगों के विचारों के साथ डाक्यूमेन्ट्री भी तैयार की। यात्रा के समापन पर प्रधान सचिव डा. भरत पाठक ने कहा कि पं. दीनदयाल जी कहते थे कि विदेशी को स्वदेशानुकूल और स्वदेशी को युगानुकूल बनाना होगा। आयोजन का संचालन कर रहीं उद्यमिता विद्यापीठ की निदेशक डॉ. नंदिता पाठक ने कहा कि पूर्ण रूप से भय मुक्त जीवन जीना एवं भय को छोड़ सत्य को साथ लेकर चलने वाले युवा की आज जरूरत है, ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है यही पं. दीनदयाल जी एवं नानाजी का स्वप्न है।
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यात्रा के संयोजक रोहित सिंह नेगी ने इस 12 दिवसीय लगभग 800 किमी की साइकिल यात्रा के दौरान जगह-जगह पं. दीनदयाल जी एवं नानाजी से जुड़े लोगों के विचारों के साथ डाक्यूमेन्ट्री भी तैयार की। यात्रा के समापन पर प्रधान सचिव डा. भरत पाठक ने कहा कि पं. दीनदयाल जी कहते थे कि विदेशी को स्वदेशानुकूल और स्वदेशी को युगानुकूल बनाना होगा। आयोजन का संचालन कर रहीं उद्यमिता विद्यापीठ की निदेशक डॉ. नंदिता पाठक ने कहा कि पूर्ण रूप से भय मुक्त जीवन जीना एवं भय को छोड़ सत्य को साथ लेकर चलने वाले युवा की आज जरूरत है, ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है यही पं. दीनदयाल जी एवं नानाजी का स्वप्न है।
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