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बंद का आदेश पर खुली रहीं दूकानें
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 02 Apr 2017 01:28 AM IST
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wine shop in ballia
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत शनिवार से राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर शराब और बीयर की दुकानें बंद करनी थीं लेकिन आदेश की के बाद भी दूकानें बंद नहीं हुईं।। पड़ाव, पांडेयपुर, रेमा समेत जनपद में तीस से अधिक दुकानें खुली रहीं। कई दुकानें लोगों के विरोध करने पर बंद प्रशासन द्वारा बंद कराई गईं। जबकि जिला आबकारी अधिकारी मुबारक अली ने बताया कि आदेश के अनुपालन में सभी चिह्नित दुकानें बंद करा दी गईं। किसी भी दुकान को नहीं खुलने दिया गया।
जनपद में चिह्नित दुकानों की संख्या 68 है।चंदौली और मुगलसराय में अंग्रेजी, देशी और बीयर की दुकानें बंद रहीं लेकिन जरूरतमंदों को अंदर के रास्ते दिया गया। पड़ाव चौराहे पर सुबह से शाम तक दुकान खुली रहीं। पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मी दुकानें बंद कराने की जगह तमाशबीन बने रहे। जनपद में अवैध कच्ची शराब बनाने और बेचने के लिए कुख्यात रेमा में भी जमकर शराब बेची गई लेकिन अलीनगर पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
बंद कराना तो दूर उन्होंने मौके पर पहुंचना भी उचित नहीं समझा। बबुरी थाना क्षेत्र के पांडेयपुर बाजार में भी पूरे दिन शराब की बिक्री हुई और पुलिस जांच करने तक नहीं पहुंची। चकिया में कई स्थानों पर भी शराब की दूकानें खुलीं लेकिन लोगों के पुरजोर के विरोध के बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय के सामने की दूकान बंद कराई गई।
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कंदवा में तीन और बरहनी की एक दूकान प्रशासन ने बंद करा दी थी। नियामताबाद के लाखापुर में शराब की दूकान खुली रही लेकिन उसे बंद कराने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। नौगढ़ में भी चिह्नित शराब की दूकानों को बंद करा दिया गया था। जिला आबकारी अधिकारी मुबारक अली ने बताया कि 68 दूकानों को 2017-18 के लिए 41 करोड़ 50 लाख रुपये का राजस्व निर्धारित किया गया है। लेकिन न्यायालय के आदेश के अनुपालन के तहत सभी दूकानों को सख्ती के साथ बंद करा दिया गया। बताया कि दूकान खुली होने की दशा में धारा 60 के तहत कार्रवाई की जाएगी और दूकान संचालक को विभाग के गोदाम शराब नहीं दी जाएगी।
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जनपद में चिह्नित दुकानों की संख्या 68 है।चंदौली और मुगलसराय में अंग्रेजी, देशी और बीयर की दुकानें बंद रहीं लेकिन जरूरतमंदों को अंदर के रास्ते दिया गया। पड़ाव चौराहे पर सुबह से शाम तक दुकान खुली रहीं। पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मी दुकानें बंद कराने की जगह तमाशबीन बने रहे। जनपद में अवैध कच्ची शराब बनाने और बेचने के लिए कुख्यात रेमा में भी जमकर शराब बेची गई लेकिन अलीनगर पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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बंद कराना तो दूर उन्होंने मौके पर पहुंचना भी उचित नहीं समझा। बबुरी थाना क्षेत्र के पांडेयपुर बाजार में भी पूरे दिन शराब की बिक्री हुई और पुलिस जांच करने तक नहीं पहुंची। चकिया में कई स्थानों पर भी शराब की दूकानें खुलीं लेकिन लोगों के पुरजोर के विरोध के बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय के सामने की दूकान बंद कराई गई।
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कंदवा में तीन और बरहनी की एक दूकान प्रशासन ने बंद करा दी थी। नियामताबाद के लाखापुर में शराब की दूकान खुली रही लेकिन उसे बंद कराने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। नौगढ़ में भी चिह्नित शराब की दूकानों को बंद करा दिया गया था। जिला आबकारी अधिकारी मुबारक अली ने बताया कि 68 दूकानों को 2017-18 के लिए 41 करोड़ 50 लाख रुपये का राजस्व निर्धारित किया गया है। लेकिन न्यायालय के आदेश के अनुपालन के तहत सभी दूकानों को सख्ती के साथ बंद करा दिया गया। बताया कि दूकान खुली होने की दशा में धारा 60 के तहत कार्रवाई की जाएगी और दूकान संचालक को विभाग के गोदाम शराब नहीं दी जाएगी।