{"_id":"58d80aab4f1c1ba6091a162d","slug":"police-warned-those-running-illegal-shop","type":"story","status":"publish","title_hn":"मीट की अवैध दुकान चलाने वालों को पुलिस ने चेताया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मीट की अवैध दुकान चलाने वालों को पुलिस ने चेताया
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Mon, 27 Mar 2017 12:21 AM IST
विज्ञापन
मांस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- दूसरे दिन भी बूचड़खानों और मांस की दुकानों पर छापामारी
- मीट मार्केट, खंडसारी मोहल्ले में चलाया गया अभियान
प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के आदेश पर पुलिस-प्रशासन मांस के अवैध कारोबार पर पूरी तरह से शिकंजा कसने में जुटा हुआ है। हालांकि, पुलिस-प्रशासन के यह वही अधिकारी हैं, जिनका ध्यान पिछली सरकार में कभी मांस के अवैध कारोबार की ओर नहीं गया। शनिवार को शहर समेत पूरे जिले में अवैध बूचड़खानों और मांस की दुकानों पर छापामारी करने के बाद रविवार को भी अधिकारियों ने छापामारी की। इस दौरान कहीं भी मांस की दुकानें खुली हुई नहीं मिलीं। कुछ स्थानों पर चिकन की दुकानें खुली थीं, उनको बंद करा दिया गया। मांस कारोबारियों को बिना लाइसेंस मांस का व्यापार करने पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने के लिए पुलिस ने चेताया है।
पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने शनिवार को शहर में मांस के कारोबार के लिए बदनाम मोहल्लों में छापामारी कर मांस की अवैध 95 दुकानों को बंद कराया था। नेहरू चौक स्थित मीट मार्केट को भी सील कर दिया गया। रविवार को सिटी मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव, सीओ सिटी अभिषेक यादव, इंस्पेक्टर कोतवाली लोकेंद्र सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ फिर से मीट मार्केट समेत मांस के कारोबार के लिए बदमनाम मोहल्लों में छापामारी की। इस दौरान कहीं पर भी मांस की दुकानें खुली हुई नहीं मिलीं। कुछ स्थानों पर चिकन की दुकानों को भी बंद करा दिया गया। मांस कारोबारियों को चेतावनी दी गई कि अगर बिना लाइसेंस मांस का व्यापार किया तो रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। रविवार को भी पुलिस-प्रशासन के छापामारी के दौरान हड़कंप मचा रहा।
देर से पहुंची नगर पालिका की टीम, सीओ बिफरे
बदायूं। मांस की अवैध दुकानों और बूचड़खानों पर रविवार को छापामारी की खबर पहले ही नगर पालिका के अधिकारियों को दे दी गई थी। सिटी मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव और सीओ सिटी अभिषेक यादव फोर्स के साथ नगर पालिका की टीम से पहले मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने छापामारी और निरीक्षण कर लिया। इसके बाद नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। इस पर सीओ सिटी अभिषेक यादव ने गुस्सा जताया। नगर पालिका के कर्मचारियों को हिदायत दी कि ऐसे मामलों में आगे से लापरवाही न करें। ऐसा हुआ तो उनके खिलाफ भी लिखा जाएगा। इस मामले में ईओ लालचंद्र भारती का कहना है कि वह इस समय बाहर हैं। उन्होंने मौके पर पहुंचने के लिए निरीक्षक को कह दिया था। सोमवार को वापस आने के बाद वह यह देखेंगे कि किस स्तर पर लापरवाही हुई है।
विज्ञापन
बाउंड्री विहीन बूचड़खाने का चबूतरा ढहाया
उझानी। एसडीएम सदर जंगबहादुर यादव और कोतवाली पुलिस ने पालिका प्रशासन के साथ बाईपास पर बाउंड्री विहीन बूचड़खाने के चबूतरे को ढहा दिया। कई और स्थानों पर भी चेकिंग की गई, लेकिन कहीं पर भी कोई मामला पकड़ में नहीं आया। रविवार को दोपहर कोतवाली पहुंचे एसडीएम सदर जंगबहादुर यादव ने अवैध बूचड़खानों के बारे में जानकारी की। कोतवाली गोपीचंद्र यादव ओर पालिका के सफाई निरीक्षक के साथ बाईपास पर एसडीएम सदर ने इलाके के लोगों से बूचड़खाने के बारे में बात की। सफाई कर्मियों ने मौके पर मिले चबूतरे का ढहा दिया। बता दें कि बूचड़खाने की पहले से ही बाउंड्री नहीं थी।
बंद पड़ा बूचड़खाना, घरों में काटे जा रहे पशु
इस्लामनगर। कस्बे में नगर पालिका ने करीब 20 साल पहले बूचड़खाना बनवाया था। मांस के कारोबारियों ने इसमें कभी पशुओं का कटान नहीं किया। ज्यादातर मांस बेचने वाले अपने घरों पर ही पशुओं की हत्या कर मांस की बिक्री करते रहे। सूबे में नई सरकार बनने के बाद भी घरों में पशुओं की हत्या का सिलसिला जारी है। कस्बे में पुलिस ने अब तक मांस के अवैध कारोबार के खिलाफ उस सख्ती से नहीं की जिस सख्ती के साथ कार्रवाई होनी चाहिए थी।
विज्ञापन
- मीट मार्केट, खंडसारी मोहल्ले में चलाया गया अभियान
प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के आदेश पर पुलिस-प्रशासन मांस के अवैध कारोबार पर पूरी तरह से शिकंजा कसने में जुटा हुआ है। हालांकि, पुलिस-प्रशासन के यह वही अधिकारी हैं, जिनका ध्यान पिछली सरकार में कभी मांस के अवैध कारोबार की ओर नहीं गया। शनिवार को शहर समेत पूरे जिले में अवैध बूचड़खानों और मांस की दुकानों पर छापामारी करने के बाद रविवार को भी अधिकारियों ने छापामारी की। इस दौरान कहीं भी मांस की दुकानें खुली हुई नहीं मिलीं। कुछ स्थानों पर चिकन की दुकानें खुली थीं, उनको बंद करा दिया गया। मांस कारोबारियों को बिना लाइसेंस मांस का व्यापार करने पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने के लिए पुलिस ने चेताया है।
पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने शनिवार को शहर में मांस के कारोबार के लिए बदनाम मोहल्लों में छापामारी कर मांस की अवैध 95 दुकानों को बंद कराया था। नेहरू चौक स्थित मीट मार्केट को भी सील कर दिया गया। रविवार को सिटी मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव, सीओ सिटी अभिषेक यादव, इंस्पेक्टर कोतवाली लोकेंद्र सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ फिर से मीट मार्केट समेत मांस के कारोबार के लिए बदमनाम मोहल्लों में छापामारी की। इस दौरान कहीं पर भी मांस की दुकानें खुली हुई नहीं मिलीं। कुछ स्थानों पर चिकन की दुकानों को भी बंद करा दिया गया। मांस कारोबारियों को चेतावनी दी गई कि अगर बिना लाइसेंस मांस का व्यापार किया तो रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। रविवार को भी पुलिस-प्रशासन के छापामारी के दौरान हड़कंप मचा रहा।
विज्ञापन
देर से पहुंची नगर पालिका की टीम, सीओ बिफरे
बदायूं। मांस की अवैध दुकानों और बूचड़खानों पर रविवार को छापामारी की खबर पहले ही नगर पालिका के अधिकारियों को दे दी गई थी। सिटी मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव और सीओ सिटी अभिषेक यादव फोर्स के साथ नगर पालिका की टीम से पहले मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने छापामारी और निरीक्षण कर लिया। इसके बाद नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। इस पर सीओ सिटी अभिषेक यादव ने गुस्सा जताया। नगर पालिका के कर्मचारियों को हिदायत दी कि ऐसे मामलों में आगे से लापरवाही न करें। ऐसा हुआ तो उनके खिलाफ भी लिखा जाएगा। इस मामले में ईओ लालचंद्र भारती का कहना है कि वह इस समय बाहर हैं। उन्होंने मौके पर पहुंचने के लिए निरीक्षक को कह दिया था। सोमवार को वापस आने के बाद वह यह देखेंगे कि किस स्तर पर लापरवाही हुई है।
विज्ञापन
बाउंड्री विहीन बूचड़खाने का चबूतरा ढहाया
उझानी। एसडीएम सदर जंगबहादुर यादव और कोतवाली पुलिस ने पालिका प्रशासन के साथ बाईपास पर बाउंड्री विहीन बूचड़खाने के चबूतरे को ढहा दिया। कई और स्थानों पर भी चेकिंग की गई, लेकिन कहीं पर भी कोई मामला पकड़ में नहीं आया। रविवार को दोपहर कोतवाली पहुंचे एसडीएम सदर जंगबहादुर यादव ने अवैध बूचड़खानों के बारे में जानकारी की। कोतवाली गोपीचंद्र यादव ओर पालिका के सफाई निरीक्षक के साथ बाईपास पर एसडीएम सदर ने इलाके के लोगों से बूचड़खाने के बारे में बात की। सफाई कर्मियों ने मौके पर मिले चबूतरे का ढहा दिया। बता दें कि बूचड़खाने की पहले से ही बाउंड्री नहीं थी।
बंद पड़ा बूचड़खाना, घरों में काटे जा रहे पशु
इस्लामनगर। कस्बे में नगर पालिका ने करीब 20 साल पहले बूचड़खाना बनवाया था। मांस के कारोबारियों ने इसमें कभी पशुओं का कटान नहीं किया। ज्यादातर मांस बेचने वाले अपने घरों पर ही पशुओं की हत्या कर मांस की बिक्री करते रहे। सूबे में नई सरकार बनने के बाद भी घरों में पशुओं की हत्या का सिलसिला जारी है। कस्बे में पुलिस ने अब तक मांस के अवैध कारोबार के खिलाफ उस सख्ती से नहीं की जिस सख्ती के साथ कार्रवाई होनी चाहिए थी।