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किसान सभा ने नहर विभाग पर दिया धरना
Updated Wed, 20 Sep 2017 12:23 AM IST
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अखिल भारतीय किसान सभा के किसानों ने मंगलवार को नहर विभाग कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिशासी अभियंता को एक पत्रक देकर सूखे की स्थिति से अवगत कराते हुए नहर में भरपूर पानी छोड़ने की मांग की।
सभा के जिलाध्यक्ष इंद्रदेव पाल ने कहा कि सरकार किसानों का हितैषी होने का दावा करती है। जब भी किसानों की बात आती है तो उनकी समस्याएं प्राथमिकता से हल करने का दम भरा जाता है लेकिन वास्तविकता इसके उलट है। उन्होंने कहा कि इस बरसात में बारिश नहीं होने से समस्या बढ़ गई है। लोगों की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि नहर विभाग जो किसानों की सिंचाई की समस्या को दूर करने के लिए बना है, वह उदासीन बना हुआ है। नहर में पानी नहीं है। बिजली न आने से नलकूप आदि भी नहीं चल पा रहे हैं। यदि फसल को पानी न मिला तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने नारेबाजी भी की और पत्रक के माध्यम से अधिशासी अभियंता को चेताया कि यदि अविलंब नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरना में कैलाशनाथ बिंद, मुरलीधर पाल, श्रीराम, बलिराम यादव, रमापति यादव, लालता प्रसाद, मिठाईलाल सरोज, पुल्लू यादव, फूलचंद, हृदयलाल, प्रेमबहादुर, रामचंद्र पटेल आदि लोग शामिल हुए।
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अखिल भारतीय किसान सभा के किसानों ने मंगलवार को नहर विभाग कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिशासी अभियंता को एक पत्रक देकर सूखे की स्थिति से अवगत कराते हुए नहर में भरपूर पानी छोड़ने की मांग की।
सभा के जिलाध्यक्ष इंद्रदेव पाल ने कहा कि सरकार किसानों का हितैषी होने का दावा करती है। जब भी किसानों की बात आती है तो उनकी समस्याएं प्राथमिकता से हल करने का दम भरा जाता है लेकिन वास्तविकता इसके उलट है। उन्होंने कहा कि इस बरसात में बारिश नहीं होने से समस्या बढ़ गई है। लोगों की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि नहर विभाग जो किसानों की सिंचाई की समस्या को दूर करने के लिए बना है, वह उदासीन बना हुआ है। नहर में पानी नहीं है। बिजली न आने से नलकूप आदि भी नहीं चल पा रहे हैं। यदि फसल को पानी न मिला तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने नारेबाजी भी की और पत्रक के माध्यम से अधिशासी अभियंता को चेताया कि यदि अविलंब नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरना में कैलाशनाथ बिंद, मुरलीधर पाल, श्रीराम, बलिराम यादव, रमापति यादव, लालता प्रसाद, मिठाईलाल सरोज, पुल्लू यादव, फूलचंद, हृदयलाल, प्रेमबहादुर, रामचंद्र पटेल आदि लोग शामिल हुए।
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