{"_id":"65-75825","slug":"Basti-75825-65","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनोरमा नदी की सफाई में उमड़े लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनोरमा नदी की सफाई में उमड़े लोग
Basti
Updated Sun, 10 Nov 2013 05:40 AM IST
विज्ञापन
हर्रैया। जल ही जीवन है का महत्व सभी को समझना होगा। बगैर जल के भूमंडल पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। नदियां हमारी सभ्यता और संस्कृति का केंद्र रही हैं। इनके रखरखाव व सुरक्षा किए जाने की जरूरत है।
यह बातें मनोरमा नदी के सफाई अभियान कार्यक्रम में लोक अधिकार मंच के संयोजक अनिल सिंह ने शुक्रवार को कस्बे के मनवर नदी के घाट की सफाई के बाद उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में नदियों का बड़ा महत्व है। जल की मूल स्रोत नदियों का जल बढ़ती आबादी व औद्योगिकीकरण के चलते प्रदूषित हो गया है। इससे मानव व जलीय जीवों के लिए संकट पैदा हो गया है। क्षेत्रीय लोगों की आस्था से जुड़ी मनोरमा नदी भी चीनी मिलों व आसपास के शहरों के कचड़े से प्रदूषित हो गई है। उन्होंने उद्योगों को तब तक बंद करने की मांग की जबतक की शोधन संयंत्र न लग जाए। शुक्रवार को क्षेत्र के मखौढ़ाघाट सेंदुरियाघाट मैरवा, टेढ़ाघाट, सरौना ज्ञानपुर सहित 11 घाटों की सफाई हुई। अभियान में लगभग चार सौ सफाईक र्मी लगाए गये थे। राम कुमार विक्रम सिंह, गजाधर सिंह अंगद सिंह अकादमी, हाजी मोहम्मद अमीन व नेशनल इंटर कालेज के छात्रों ने नदी सुरक्षा-जीवन रक्षा के नारे से लोगों में जागरूकता का संदेश दिया और सफाई में सहयोग किया। इस अवसर पर दिनेश चंद्र शुक्ला, कमलेंद्र प्रताप नरायन पांडेय, सभाजीत सिंह, संजय, सुभाष चंद्र त्रिपाठी, हरिकेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, राम गोपाल यादव, पंकज शर्मा, समर बहादुर, रत्नाकर सिंह, रामजी सोनी, राजेश श्रीवास्तव, फैयाज अहमद, देवेंद्र सिंह, श्याम नरायन सिंह, अवधेश कुमार त्रिपाठी, मोहम्मद खालिक, ध्रुव नरायन सिंह, झुल्ले सिंह, हरिपाल वर्मा, मंसूर खान, राज कुमार पांडेय आदि स्कूलाें के छात्र, शिक्षक और अन्य लोगों ने सफाई कर अपनी जिम्मेदारी निभाई।
विज्ञापन
यह बातें मनोरमा नदी के सफाई अभियान कार्यक्रम में लोक अधिकार मंच के संयोजक अनिल सिंह ने शुक्रवार को कस्बे के मनवर नदी के घाट की सफाई के बाद उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में नदियों का बड़ा महत्व है। जल की मूल स्रोत नदियों का जल बढ़ती आबादी व औद्योगिकीकरण के चलते प्रदूषित हो गया है। इससे मानव व जलीय जीवों के लिए संकट पैदा हो गया है। क्षेत्रीय लोगों की आस्था से जुड़ी मनोरमा नदी भी चीनी मिलों व आसपास के शहरों के कचड़े से प्रदूषित हो गई है। उन्होंने उद्योगों को तब तक बंद करने की मांग की जबतक की शोधन संयंत्र न लग जाए। शुक्रवार को क्षेत्र के मखौढ़ाघाट सेंदुरियाघाट मैरवा, टेढ़ाघाट, सरौना ज्ञानपुर सहित 11 घाटों की सफाई हुई। अभियान में लगभग चार सौ सफाईक र्मी लगाए गये थे। राम कुमार विक्रम सिंह, गजाधर सिंह अंगद सिंह अकादमी, हाजी मोहम्मद अमीन व नेशनल इंटर कालेज के छात्रों ने नदी सुरक्षा-जीवन रक्षा के नारे से लोगों में जागरूकता का संदेश दिया और सफाई में सहयोग किया। इस अवसर पर दिनेश चंद्र शुक्ला, कमलेंद्र प्रताप नरायन पांडेय, सभाजीत सिंह, संजय, सुभाष चंद्र त्रिपाठी, हरिकेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, राम गोपाल यादव, पंकज शर्मा, समर बहादुर, रत्नाकर सिंह, रामजी सोनी, राजेश श्रीवास्तव, फैयाज अहमद, देवेंद्र सिंह, श्याम नरायन सिंह, अवधेश कुमार त्रिपाठी, मोहम्मद खालिक, ध्रुव नरायन सिंह, झुल्ले सिंह, हरिपाल वर्मा, मंसूर खान, राज कुमार पांडेय आदि स्कूलाें के छात्र, शिक्षक और अन्य लोगों ने सफाई कर अपनी जिम्मेदारी निभाई।
विज्ञापन