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बेटियां पढ़ लिख गई गई, बेटे बिजनेसमैन बन गए
बरेली।
Updated Sat, 08 Apr 2017 01:06 AM IST
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Daughters were written, son became businessman
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
समाज के श्रेष्ठि वर्ग कहे जाने वाले अग्रवाल समाज में बेटा बेटी का फर्क साफ दिख रहा है। बेटियां ज्यादा पढ़ लिख गई तो बेटे जल्दी ही बिजनेस में लग गए। बेटे अच्छा कमा खा रहे हैं लेकिन बेटियां कंपेटिविलिटी खोज रही हैं। जोड़ा खोजने जुटे लोगों में लड़की वालों के मुकाबले लड़के वाले दोगुने।
स्नेहा अग्रवाल अपनी मां के साथ इंटर पास भाई के लिए लड़की देखने आई थीं। तीन परिवार देखे। कुछ लोगों से बात की तो लड़कियों ने सोच विचार कर जवाब देने की बात कही। रवींद्र कुमार गोयल इंटर पास बेटे उदित के लिए रिश्ता देखने आए। इनका सरसों के तेल और क्राकरी का काम है। चार परिवारों से बात की। बीए, एमए या एमबीए लड़कियां मिलीं। बोले- हमें तो घरेलू लड़की चाहिए, जो परिवार को साथ लेकर चले।
अग्रवाल समाज के 22वें सामूहिक वैवाहिक परिचय सम्मेलन में समाज की लड़कियां- लड़के और उनके परिवार वाले रिश्ता करने के लिए जुटे थे। लड़कियां एमबीए, एमए और बीए पास बेटियों के लिए अपने कम पढ़े लिखे लड़कों की ओर से शादी के प्रस्ताव हैं। कारोबारी और संपन्न अग्रवाल समाज में भले ही लड़केज्यादा कमा रहे हों लेकिन पढ़ाई के मामले में काबिल लड़कियों को अपने सामने पाकर उनको भी ऐसा लग रहा था कि वह बिजनेस में पड़कर पिछड़ गए हैं। लड़कियां लड़कों पर भारी पड़ रही थीं।
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पोस्ट ऑफिस में कार्यरत विजय कुमार अपनी एमकॉम बेटियों के लिए दामाद ढूंढने निकले तो इंटर या बीए पास लड़के मिल पाए। बोले, लड़का अच्छा बिजनेस करता है तो चल जाएगा। एमबीए डिग्रीधारक आशीष अग्रवाल निजी कंपनी में ब्रांच मैनेजर हैं। अपने स्तर की दुल्हन चाहते हैं। पहले दिन पसंद की लड़की नहीं मिल पाई। बोले- अभी दो दिन बाकी हैं। हो सकता है कि पसंद की लड़की मिल जाए। प्रीति और सपना किसी वजह से हाईस्कूल से आगे नहीं पढ़ पाईं। दोनों अपने लिए ऐसा लड़का चाहती थीं कि वह कमाता हो और उनका ख्याल रखे। खास बात ये रही कि सम्मेलन में लड़कों की संख्या सौ थी, जबकि उनकी तुलना में लड़कियों की ओर से आए प्रस्तावों की संख्या आधी। ज्यादातर लड़कियों की ओर से उनके परिवार वाले ही रिश्ता देखने आए थे।
रामपुर बाग स्थित महाराजा अग्रसेन पार्क में शुक्रवार दोपहर 12 से शाम पांच बजे तक वैवाहिक परिचय सम्मेलन चला। चीफ इंजीनियर बिजली राजकुमार अग्रवाल ने महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर और दीप जलाकर सम्मेलन का आरंभ किया। मंच से युवक युवतियों का परिचय कराया गया। परिचय पुस्तिका ‘बंधन’ का विमोचन भी किया गया। आयोजन में अजय कुमार अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, उमानाथ अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, संजय गर्ग, महेंद्र अग्रवाल, उमेश अग्रवाल, मुरलीधर गोयल, प्रदीप अग्रवाल, रमेश चंद्र अग्रवाल, सुमित गोयल, आरती गुप्ता, डा. साधना अग्रवाल, डा. मीना सोधी और हर्ष अग्रवाल आदि की भूमिका रही।
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स्नेहा अग्रवाल अपनी मां के साथ इंटर पास भाई के लिए लड़की देखने आई थीं। तीन परिवार देखे। कुछ लोगों से बात की तो लड़कियों ने सोच विचार कर जवाब देने की बात कही। रवींद्र कुमार गोयल इंटर पास बेटे उदित के लिए रिश्ता देखने आए। इनका सरसों के तेल और क्राकरी का काम है। चार परिवारों से बात की। बीए, एमए या एमबीए लड़कियां मिलीं। बोले- हमें तो घरेलू लड़की चाहिए, जो परिवार को साथ लेकर चले।
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अग्रवाल समाज के 22वें सामूहिक वैवाहिक परिचय सम्मेलन में समाज की लड़कियां- लड़के और उनके परिवार वाले रिश्ता करने के लिए जुटे थे। लड़कियां एमबीए, एमए और बीए पास बेटियों के लिए अपने कम पढ़े लिखे लड़कों की ओर से शादी के प्रस्ताव हैं। कारोबारी और संपन्न अग्रवाल समाज में भले ही लड़केज्यादा कमा रहे हों लेकिन पढ़ाई के मामले में काबिल लड़कियों को अपने सामने पाकर उनको भी ऐसा लग रहा था कि वह बिजनेस में पड़कर पिछड़ गए हैं। लड़कियां लड़कों पर भारी पड़ रही थीं।
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पोस्ट ऑफिस में कार्यरत विजय कुमार अपनी एमकॉम बेटियों के लिए दामाद ढूंढने निकले तो इंटर या बीए पास लड़के मिल पाए। बोले, लड़का अच्छा बिजनेस करता है तो चल जाएगा। एमबीए डिग्रीधारक आशीष अग्रवाल निजी कंपनी में ब्रांच मैनेजर हैं। अपने स्तर की दुल्हन चाहते हैं। पहले दिन पसंद की लड़की नहीं मिल पाई। बोले- अभी दो दिन बाकी हैं। हो सकता है कि पसंद की लड़की मिल जाए। प्रीति और सपना किसी वजह से हाईस्कूल से आगे नहीं पढ़ पाईं। दोनों अपने लिए ऐसा लड़का चाहती थीं कि वह कमाता हो और उनका ख्याल रखे। खास बात ये रही कि सम्मेलन में लड़कों की संख्या सौ थी, जबकि उनकी तुलना में लड़कियों की ओर से आए प्रस्तावों की संख्या आधी। ज्यादातर लड़कियों की ओर से उनके परिवार वाले ही रिश्ता देखने आए थे।
रामपुर बाग स्थित महाराजा अग्रसेन पार्क में शुक्रवार दोपहर 12 से शाम पांच बजे तक वैवाहिक परिचय सम्मेलन चला। चीफ इंजीनियर बिजली राजकुमार अग्रवाल ने महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर और दीप जलाकर सम्मेलन का आरंभ किया। मंच से युवक युवतियों का परिचय कराया गया। परिचय पुस्तिका ‘बंधन’ का विमोचन भी किया गया। आयोजन में अजय कुमार अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, उमानाथ अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, संजय गर्ग, महेंद्र अग्रवाल, उमेश अग्रवाल, मुरलीधर गोयल, प्रदीप अग्रवाल, रमेश चंद्र अग्रवाल, सुमित गोयल, आरती गुप्ता, डा. साधना अग्रवाल, डा. मीना सोधी और हर्ष अग्रवाल आदि की भूमिका रही।