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उत्तराखंड की तर्ज पर बरेली में भी बनेगा सिडकुल
Updated Sun, 03 Sep 2017 01:43 AM IST
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उत्तराखंड की तर्ज पर बरेली में भी बनेगा सिडकुल
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बरेली।
उत्तर प्रदेश के वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार आने के बाद कानून व्यवस्था से लेकर हर मोर्चे पर माहौल बदल रहा है। सरकार इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के लिए माहौल बना रही है। उत्तराखंड की तर्ज पर यहां भी सरकार बड़े शहरों में सिडकुल बनाने की रूपरेखा बना चुकी है। सबसे पहला सिडकुल बरेली में बनेगा क्योंकि दिल्ली-लखनऊ के बीच में स्थित बरेली हर तरह सिडकुल बनाने के लिए उपयुक्त है। देश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) दर लगातार गिरने पर वित्तमंत्री ने उम्मीद जताई कि देश लगातार मजबूत हो रहा है। जब कभी बड़े बदलाव होते हैं तो जीडीपी एकदम से गिरती है, लेकिन उसी तरह अचानक उछाल भी मारती है।
सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि बरेली में हाईवे, रेल, बस यातायात की सुविधा होने के साथ यह शहर लखनऊ और दिल्ली के बीच में है। रहन-सहन सस्ता है। इसलिए यहां सिडकुल बनने की पूरी संभावनाएं हैं। सरकार इसके लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
वित्तमंत्री ने दावा किया कि मोदी और योगी सरकार जिस तेजी से काम कर रही हैं उसमें एक से दो साल के अंदर बरेली ही नहीं बल्कि यूपी की भी पहचान बदल जाएगी। किसान ऋण माफी पर अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जब किसानों के 36 हजार करोड़ की ऋण माफी के लिए सरकार ने आरबीआई और एसबीआई से लोन के लिए संपर्क किया तो दोनों बैंकों ने साफ कह दिया कि वह लोन माफ करने के लिए लोन नहीं देंगे। तब भाजपा सरकार ने बजट में जनता पर बिना कोई टैक्स लगाए बसपा-सपा सरकारों में होने वाली फिजूल खर्ची रोककर किसानों के ऋण माफ किए। किसानों के खाते में ऋण माफी का पैसा भेजा जाने लगा है। बिजली की दरें बढ़ने के सवाल पर बोले, ऊर्जा मंत्री निश्चित तौर पर ऐसा करने से पहले विचार करेंगे। वित्तमंत्री ने चेतावनी दी कि जनता का पैसा दबाने वाले बिल्डरों पर सरकार सख्त एक्शन लेगी। वार्ता में दुर्विजय सिंह शाक्य, उमेश कठेरिया, यतिन भाटिया, मोहित कपूर, अंकुश अग्रवाल, देवेंद्र जोशी आदि मौजूद थे।
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बरेली में सबसे पहले चलेगा प्लांट
बरेली। वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल बोले, शहरों में कूड़ा निस्तारण एक बड़ी समस्या है। इसलिए सरकार यूपी के प्रत्येक जिले में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाने पर काम कर रही है। इसमें भी बरेली में सबसे पहले प्लांट चलेगा। हालांकि उन्होंने प्लांट कहां, कब और कैसे चलेगा, इसकी विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया। कहा कि सपा सरकार में पांच साल नगर निगम ने बेकार में खो दिए। वरना कूड़ा निस्तारण का इंतजाम हो चुका होता। ट्रंचिंग ग्राउंड न मिलने के सवाल पर कहा कि इस बारे में बहुत कुछ तय हो चुका है, लेकिन अब वह पहले से नहीं बताएंगे। बरेली के कूड़ा निस्तारण से लेकर विकास को लेकर वह गंभीर हैं और भाजपा सरकार में यह होकर रहेगा। भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर के इस्तीफे के सवाल पर वित्तमंत्री ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
स्वाइन फ्लू से हुईं मौतों पर गंभीर हुए वित्तमंत्री
स्वाइन फ्लू से एक ही गांव में पांच मौतों की बात सुनकर वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल गंभीर हो गए। पहले सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला से मोबाइल पर स्वाइन फ्लू के मरीजों की जानकारी ली। सीएमओ ने बताया कि टेस्ट में 27 मरीजों को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई है। अस्पताल में सौ वैक्सीन हैं। इनको सामान्य लोगों को न लगाकर केवल खास एरिया में ही भेजा जा रहा है। एक ही गांव में पांच मौतें होने पर उन्होंने कहा कि आप वैक्सीन की डिमांड की कीजिए। जिन इलाकों में स्वाइन फ्लू के इंजेक्शन नहीं लगे हैं, वहां तुरंत इंजेक्शन लगवाइए। वित्तमंत्री ने डीएम से भी इस बारे में मोबाइल पर बात की। कहा कि वह इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह से भी बात करेंगे। स्वाइन फ्लू काबू में नहीं आना गंभीर बात है।
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उत्तर प्रदेश के वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार आने के बाद कानून व्यवस्था से लेकर हर मोर्चे पर माहौल बदल रहा है। सरकार इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के लिए माहौल बना रही है। उत्तराखंड की तर्ज पर यहां भी सरकार बड़े शहरों में सिडकुल बनाने की रूपरेखा बना चुकी है। सबसे पहला सिडकुल बरेली में बनेगा क्योंकि दिल्ली-लखनऊ के बीच में स्थित बरेली हर तरह सिडकुल बनाने के लिए उपयुक्त है। देश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) दर लगातार गिरने पर वित्तमंत्री ने उम्मीद जताई कि देश लगातार मजबूत हो रहा है। जब कभी बड़े बदलाव होते हैं तो जीडीपी एकदम से गिरती है, लेकिन उसी तरह अचानक उछाल भी मारती है।
सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि बरेली में हाईवे, रेल, बस यातायात की सुविधा होने के साथ यह शहर लखनऊ और दिल्ली के बीच में है। रहन-सहन सस्ता है। इसलिए यहां सिडकुल बनने की पूरी संभावनाएं हैं। सरकार इसके लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
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वित्तमंत्री ने दावा किया कि मोदी और योगी सरकार जिस तेजी से काम कर रही हैं उसमें एक से दो साल के अंदर बरेली ही नहीं बल्कि यूपी की भी पहचान बदल जाएगी। किसान ऋण माफी पर अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जब किसानों के 36 हजार करोड़ की ऋण माफी के लिए सरकार ने आरबीआई और एसबीआई से लोन के लिए संपर्क किया तो दोनों बैंकों ने साफ कह दिया कि वह लोन माफ करने के लिए लोन नहीं देंगे। तब भाजपा सरकार ने बजट में जनता पर बिना कोई टैक्स लगाए बसपा-सपा सरकारों में होने वाली फिजूल खर्ची रोककर किसानों के ऋण माफ किए। किसानों के खाते में ऋण माफी का पैसा भेजा जाने लगा है। बिजली की दरें बढ़ने के सवाल पर बोले, ऊर्जा मंत्री निश्चित तौर पर ऐसा करने से पहले विचार करेंगे। वित्तमंत्री ने चेतावनी दी कि जनता का पैसा दबाने वाले बिल्डरों पर सरकार सख्त एक्शन लेगी। वार्ता में दुर्विजय सिंह शाक्य, उमेश कठेरिया, यतिन भाटिया, मोहित कपूर, अंकुश अग्रवाल, देवेंद्र जोशी आदि मौजूद थे।
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बरेली में सबसे पहले चलेगा प्लांट
बरेली। वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल बोले, शहरों में कूड़ा निस्तारण एक बड़ी समस्या है। इसलिए सरकार यूपी के प्रत्येक जिले में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाने पर काम कर रही है। इसमें भी बरेली में सबसे पहले प्लांट चलेगा। हालांकि उन्होंने प्लांट कहां, कब और कैसे चलेगा, इसकी विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया। कहा कि सपा सरकार में पांच साल नगर निगम ने बेकार में खो दिए। वरना कूड़ा निस्तारण का इंतजाम हो चुका होता। ट्रंचिंग ग्राउंड न मिलने के सवाल पर कहा कि इस बारे में बहुत कुछ तय हो चुका है, लेकिन अब वह पहले से नहीं बताएंगे। बरेली के कूड़ा निस्तारण से लेकर विकास को लेकर वह गंभीर हैं और भाजपा सरकार में यह होकर रहेगा। भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर के इस्तीफे के सवाल पर वित्तमंत्री ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
स्वाइन फ्लू से हुईं मौतों पर गंभीर हुए वित्तमंत्री
स्वाइन फ्लू से एक ही गांव में पांच मौतों की बात सुनकर वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल गंभीर हो गए। पहले सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला से मोबाइल पर स्वाइन फ्लू के मरीजों की जानकारी ली। सीएमओ ने बताया कि टेस्ट में 27 मरीजों को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई है। अस्पताल में सौ वैक्सीन हैं। इनको सामान्य लोगों को न लगाकर केवल खास एरिया में ही भेजा जा रहा है। एक ही गांव में पांच मौतें होने पर उन्होंने कहा कि आप वैक्सीन की डिमांड की कीजिए। जिन इलाकों में स्वाइन फ्लू के इंजेक्शन नहीं लगे हैं, वहां तुरंत इंजेक्शन लगवाइए। वित्तमंत्री ने डीएम से भी इस बारे में मोबाइल पर बात की। कहा कि वह इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह से भी बात करेंगे। स्वाइन फ्लू काबू में नहीं आना गंभीर बात है।