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कर्जमाफी से मायूस युवा किसान फांसी पर झूला
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Wed, 05 Apr 2017 11:52 PM IST
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सुसाइड
- फोटो : bureau
बैंक कर्ज न चुका पाने से परेशान युवा किसान ने मंगलवार देर रात घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक किसानों को ऋण माफी के लिए तय की गई जोत के दायरे से खुद को बाहर पाकर उसने आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उप जिलाधिकारी ने घटना की जांच कराने को कहा है।
बांदा सदर तहसील की नगर पंचायत मटौंध के अचारन थोक मोहल्ला निवासी कुलदीप (36) पुत्र रामभजन सिंह ने पास 22 बीघे जमीन है। परिजनों ने बताया कि करीब पांच वर्षों पूर्व कुलदीप ने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की मटौंध ब्रांच से खेती के लिए साढ़े तीन लाख रुपये कर्ज लिया था। मृतक के भाई योगेंद्र ने बताया कि मंगलवार शाम सिर्फ लघु और सीमांत किसानों के कर्ज माफ किए जाने की खबर टीवी में देखने के बाद कुलदीप चिंताग्रस्त हो गया।
देर रात कुलदीप कमरे में सोने चला गया। बगल के कमरे में पत्नी बीना सिंह और तीन पुत्रियां सो रही थीं। रात में किसी समय कुलदीप खपरैल में रस्सी बांधकर फांसी पर झूल गया। सुबह शव लटकता मिला। पोस्टमार्टम हाउस में योगेंद्र ने बताया मटौंध में सिंचाई का कोई साधन नहीं है। कई वर्षों से सूखा और अन्य दैवी आपदाओं के चलते फसल नहीं हुई। कर्ज अदायगी के लिए बैंक लगातार दबाव बना रही थी।
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उपजिलाधिकारी सदर प्रहलाद सिंह ने बताया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों को भेजकर जांच कराएंगे। मृतक के आश्रितों को नियमानुसार मदद की कार्रवाई की जाएगी। मटौंध थानाध्यक्ष अनीता सिंह चौहान ने बताया कि उन्हें भी मृतक के कर्जदार होने की बात पता चली है। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के मैनेजर से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई। उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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बांदा सदर तहसील की नगर पंचायत मटौंध के अचारन थोक मोहल्ला निवासी कुलदीप (36) पुत्र रामभजन सिंह ने पास 22 बीघे जमीन है। परिजनों ने बताया कि करीब पांच वर्षों पूर्व कुलदीप ने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की मटौंध ब्रांच से खेती के लिए साढ़े तीन लाख रुपये कर्ज लिया था। मृतक के भाई योगेंद्र ने बताया कि मंगलवार शाम सिर्फ लघु और सीमांत किसानों के कर्ज माफ किए जाने की खबर टीवी में देखने के बाद कुलदीप चिंताग्रस्त हो गया।
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देर रात कुलदीप कमरे में सोने चला गया। बगल के कमरे में पत्नी बीना सिंह और तीन पुत्रियां सो रही थीं। रात में किसी समय कुलदीप खपरैल में रस्सी बांधकर फांसी पर झूल गया। सुबह शव लटकता मिला। पोस्टमार्टम हाउस में योगेंद्र ने बताया मटौंध में सिंचाई का कोई साधन नहीं है। कई वर्षों से सूखा और अन्य दैवी आपदाओं के चलते फसल नहीं हुई। कर्ज अदायगी के लिए बैंक लगातार दबाव बना रही थी।
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उपजिलाधिकारी सदर प्रहलाद सिंह ने बताया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों को भेजकर जांच कराएंगे। मृतक के आश्रितों को नियमानुसार मदद की कार्रवाई की जाएगी। मटौंध थानाध्यक्ष अनीता सिंह चौहान ने बताया कि उन्हें भी मृतक के कर्जदार होने की बात पता चली है। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के मैनेजर से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई। उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।