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बाढ़ से पर्यटन उद्योग को झटका
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2016 09:48 PM IST
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बाढ़ से श्रावस्ती और बलरामपुर में पर्यटकों को भी खासी परेशानी हो रही है। बौद्घ परिपथ पर पानी भर जाने के चलते ठप हुए आवागमन से लुंबिनी तथा श्रावस्ती के बीच विदेशी बौद्घ पर्यटकों का आना बंद हो गया है। इससे होटल तथा अन्य कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बलरामपुर तथा श्रावस्ती के होटल विदेश पर्यटकों से खाली हैं। पूर्व में आए विदेशी पर्यटक भी गोंडा-फैजाबाद तथा बहराइच-लखनऊ के रास्तों पर वापस चले गए हैं। श्रावस्ती जनपद में राप्ती की बाढ़ ने काफी नुकसान किया है। इसका सीधा असर पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है।
बौद्ध सर्किट श्रावस्ती से लुम्बनी के रास्ते बस्ती सिद्धार्थ नगर एवं बलरामपुर में कई जगहों पर बौद्ध परिपथ कट जाने के कारण पर्यटक श्रावस्ती तक नहीं पहुंच पा रहे। लखनऊ के रास्ते श्रावस्ती आने वाले पर्यटक दूसरे शहरों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे मार पर्यटक उद्योग पर पड़ी है।
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श्रावस्ती के ज्यादातर होटल खाली पड़े हैं। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के पास काम नहीं है। एक टू स्टार होटल के मैनेजर एस एन दीक्षित एवं उत्तर प्रदेश टूरिज्म होटल के मैनेजर मो. इस्माइल का कहना है कि बाढ़ की सूचना के बाद श्रावस्ती में विदेशी पर्यटकों की आवक बंद हो गई। होटलों के साथ ही मठों एवं धर्मशालाओं में भी सन्नाटा है।
म्यांमार मोनेस्ट्री के प्रबंधक प्रदीप बौद्ध बताते हैं कि अगस्त में श्रीलंका में छुट्टी होने से माह की शुरूआत में पूरा श्रावस्ती वहां के पर्यटकों से गुलजार हो जाता था। इस बार बाढ़ के चलते पर्यटकों की ठप सी है। पर्यटन उद्योग को लाखों का नुकसान हुआ है। पर्यटकों का ऐसा ही सन्नाटा बलरामपुर में भी है।
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बलरामपुर तथा श्रावस्ती के होटल विदेश पर्यटकों से खाली हैं। पूर्व में आए विदेशी पर्यटक भी गोंडा-फैजाबाद तथा बहराइच-लखनऊ के रास्तों पर वापस चले गए हैं। श्रावस्ती जनपद में राप्ती की बाढ़ ने काफी नुकसान किया है। इसका सीधा असर पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है।
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बौद्ध सर्किट श्रावस्ती से लुम्बनी के रास्ते बस्ती सिद्धार्थ नगर एवं बलरामपुर में कई जगहों पर बौद्ध परिपथ कट जाने के कारण पर्यटक श्रावस्ती तक नहीं पहुंच पा रहे। लखनऊ के रास्ते श्रावस्ती आने वाले पर्यटक दूसरे शहरों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे मार पर्यटक उद्योग पर पड़ी है।
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श्रावस्ती के ज्यादातर होटल खाली पड़े हैं। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के पास काम नहीं है। एक टू स्टार होटल के मैनेजर एस एन दीक्षित एवं उत्तर प्रदेश टूरिज्म होटल के मैनेजर मो. इस्माइल का कहना है कि बाढ़ की सूचना के बाद श्रावस्ती में विदेशी पर्यटकों की आवक बंद हो गई। होटलों के साथ ही मठों एवं धर्मशालाओं में भी सन्नाटा है।
म्यांमार मोनेस्ट्री के प्रबंधक प्रदीप बौद्ध बताते हैं कि अगस्त में श्रीलंका में छुट्टी होने से माह की शुरूआत में पूरा श्रावस्ती वहां के पर्यटकों से गुलजार हो जाता था। इस बार बाढ़ के चलते पर्यटकों की ठप सी है। पर्यटन उद्योग को लाखों का नुकसान हुआ है। पर्यटकों का ऐसा ही सन्नाटा बलरामपुर में भी है।