{"_id":"599f34184f1c1b96528b49f9","slug":"death-of-husband-and-wife-from-swine-flu-kohram","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वाइन फ्लू से पति-पत्नी की मौत, कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाइन फ्लू से पति-पत्नी की मौत, कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 25 Aug 2017 02:13 AM IST
विज्ञापन
Swine Flu
संगमनगरी में स्वाइन फ्लू से पीड़ित पति-पत्नी की मौत हो गई। सेवानिवृत्त उपनिबंधक वीरेंद्र श्रीवास्तव (71) को बीमारी का पता ही नहीं चला और घर में ही उनकी जान चली गई। फिर उनकी पत्नी वरुणा की हालत बिगड़ गई। परिवारीजन गंभीर हालत में उन्हें मेदांता ले गए, जहां बृहस्पतिवार को उनका भी दम टूट गया। वहीं शहर में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की संख्या छह हो गई है। पीड़ितों में भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य अरुण अग्रवाल भी हैं। उन्हें किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ में भर्ती कराया गया है। स्वाइन फ्लू से दो मौत और पीड़ितों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है।
राजरूपपुर के रहने वाले वीरेंद्र श्रीवास्तव रजिस्ट्री विभाग में उपनिबंधक पद से सेवानिवृत्त थे। परिजनों के मुताबिक वीरेंद्र की अचानक तबीयत बिगड़ी तो उन्हें दवा दिलाई गई। दो दिन पहले उनकी मौत हो गई। वीरेंद्र का अंतिम संस्कार कर लोग घर पहुंचे तो वीरेंद्र की पत्नी वरुणा की हालत बिगड़ गई। उनकी बीमारी के लक्षण वीरेंद्र की तरह ही थे। परिजनों ने बीमार वरुणा को बेली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के दौरान ही वरुणा को स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की आशंका जताई। वरुणा की गंभीर हालत देखते हुए सलाह दी कि उन्हें लखनऊ या दिल्ली ले जाएं। आननफानन में परिजन वरुणा को दिल्ली ले गए। उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया। जहां बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। वरुणा का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से यहां लाया गया। साथ में उनके बेटे अमित, अतुल, अभिषेक और अन्य रिश्तेदार थे। घर के बाहर शोक जताने वालों की भीड़ जुटी थी। रोना- पीटना देखकर लोगों का कलेजा फट रहा था।
वहीं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अरुण अग्रवाल भी स्वाइन फ्लू से पीड़ित हैं। जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद उन्हें लखनऊ ले जाया गया। उन्हें किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के विशेष वार्ड में रखा गया है। स्वाइन फ्लू के 6 संदिग्ध पीड़ितों में तीन की जांच रिपोर्ट आई है, जिसमें एक मरीज को स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की पुष्टि की गई है। डेंगू के दो संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजरूपपुर के रहने वाले वीरेंद्र श्रीवास्तव रजिस्ट्री विभाग में उपनिबंधक पद से सेवानिवृत्त थे। परिजनों के मुताबिक वीरेंद्र की अचानक तबीयत बिगड़ी तो उन्हें दवा दिलाई गई। दो दिन पहले उनकी मौत हो गई। वीरेंद्र का अंतिम संस्कार कर लोग घर पहुंचे तो वीरेंद्र की पत्नी वरुणा की हालत बिगड़ गई। उनकी बीमारी के लक्षण वीरेंद्र की तरह ही थे। परिजनों ने बीमार वरुणा को बेली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के दौरान ही वरुणा को स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की आशंका जताई। वरुणा की गंभीर हालत देखते हुए सलाह दी कि उन्हें लखनऊ या दिल्ली ले जाएं। आननफानन में परिजन वरुणा को दिल्ली ले गए। उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया। जहां बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। वरुणा का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से यहां लाया गया। साथ में उनके बेटे अमित, अतुल, अभिषेक और अन्य रिश्तेदार थे। घर के बाहर शोक जताने वालों की भीड़ जुटी थी। रोना- पीटना देखकर लोगों का कलेजा फट रहा था।
विज्ञापन
वहीं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अरुण अग्रवाल भी स्वाइन फ्लू से पीड़ित हैं। जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद उन्हें लखनऊ ले जाया गया। उन्हें किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के विशेष वार्ड में रखा गया है। स्वाइन फ्लू के 6 संदिग्ध पीड़ितों में तीन की जांच रिपोर्ट आई है, जिसमें एक मरीज को स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की पुष्टि की गई है। डेंगू के दो संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं।
विज्ञापन