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भगवान राम-सीता पर टिप्पणी में एएमयू छात्र गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jun 2016 01:18 AM IST
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एएमयू
- फोटो : रुपेश
हिंदुओं के आराध्य भगवान श्रीराम व माता सीता पर अमर्यादित टिप्पणी के आरोपी एएमयू के विधि छात्र अब्दुल कादिर राही को उसके सहारनपुर स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया गया। रविवार तड़के हुई गिरफ्तारी के बाद उसे यहां लाया गया और लिखापढ़ी के बाद शाम को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया। अब पुलिस इस प्रकरण में ब्लागके संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी में है।
नगला पटवारी इलाके के रहने वाले परवेज खान द्वारा संचालित अखबार तीसरी जंग की वेबसाइट पर श्रीराम की कई पत्नियां थीं, वाल्मीकि रामायण के नाम से वेब पेज ब्लाग मौजूद है। इसमें अब्दुल कादिर ने लेख में भगवान राम व सीता को लेकर काफी अमर्यादित टिप्पणी की।
इस प्रकरण में अखिल भारत हिंदू महासभा से जुड़े सचिन शर्मा निवासी डोरी नगर ने तहरीर देकर गांधीपार्क में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जब अखबार संचालक परवेज खान से पूछताछ करने गई तो वह नहीं मिला, मगर लेखक अब्दुल कादिर राही के विषय में जानकारी जरूर मिली। एसओ गांधीपार्क संजय पांडेय के अनुसार खोजबीन के बाद अब्दुल कादिर राही निवासी मुगल माजरा कोतवाली देहात सहारनपुर को रविवार तड़के उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
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अब्दुल कादिर ने पूछताछ में स्वीकारा कि वह एएमयू से बीएएलएलबी का छात्र है और एएमयू के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता है। खुद के लेख पर मुकदमे की जानकारी के बाद वह अलीगढ़ से घर चला गया था। पुलिस उसे दुपहर में यहां ले आई और रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद जेल भेज दिया। अब्दुल कादिर मध्यम वर्गीय किसान परिवार से ताल्लुक रखता है और घर में सबसे बड़ा है। एसओ संजय पांडेय के अनुसार अब्दुल कादिर के बयान के अनुसार वह परवेज को मेल पर लेख भेजता था, जिन्हें परवेज अपनी मर्जी के अनुसार प्रकाशित करता था। इस आधार पर परवेज खान की भूमिका की जांच होगी और फिर कार्रवाई होगी।
परवेज पर पूर्व में रहे हैं मुकदमे
परवेज पर पूर्व में हत्या व अपहरण जैसे आपराधिक मुकदमे रहे हैं। हालांकि अदालत से वह अधिकांश मुकदमों में साक्ष्यों व गवाही के अभाव में बरी हुआ है। लंबे समय तक वह जेल में भी रहा है। जेल से रिहा होने व बरी होने के बाद उसने अपना खुद का समाचार पत्र प्रकाशित करना शुरू किया है।
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नगला पटवारी इलाके के रहने वाले परवेज खान द्वारा संचालित अखबार तीसरी जंग की वेबसाइट पर श्रीराम की कई पत्नियां थीं, वाल्मीकि रामायण के नाम से वेब पेज ब्लाग मौजूद है। इसमें अब्दुल कादिर ने लेख में भगवान राम व सीता को लेकर काफी अमर्यादित टिप्पणी की।
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इस प्रकरण में अखिल भारत हिंदू महासभा से जुड़े सचिन शर्मा निवासी डोरी नगर ने तहरीर देकर गांधीपार्क में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जब अखबार संचालक परवेज खान से पूछताछ करने गई तो वह नहीं मिला, मगर लेखक अब्दुल कादिर राही के विषय में जानकारी जरूर मिली। एसओ गांधीपार्क संजय पांडेय के अनुसार खोजबीन के बाद अब्दुल कादिर राही निवासी मुगल माजरा कोतवाली देहात सहारनपुर को रविवार तड़के उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
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अब्दुल कादिर ने पूछताछ में स्वीकारा कि वह एएमयू से बीएएलएलबी का छात्र है और एएमयू के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता है। खुद के लेख पर मुकदमे की जानकारी के बाद वह अलीगढ़ से घर चला गया था। पुलिस उसे दुपहर में यहां ले आई और रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद जेल भेज दिया। अब्दुल कादिर मध्यम वर्गीय किसान परिवार से ताल्लुक रखता है और घर में सबसे बड़ा है। एसओ संजय पांडेय के अनुसार अब्दुल कादिर के बयान के अनुसार वह परवेज को मेल पर लेख भेजता था, जिन्हें परवेज अपनी मर्जी के अनुसार प्रकाशित करता था। इस आधार पर परवेज खान की भूमिका की जांच होगी और फिर कार्रवाई होगी।
परवेज पर पूर्व में रहे हैं मुकदमे
परवेज पर पूर्व में हत्या व अपहरण जैसे आपराधिक मुकदमे रहे हैं। हालांकि अदालत से वह अधिकांश मुकदमों में साक्ष्यों व गवाही के अभाव में बरी हुआ है। लंबे समय तक वह जेल में भी रहा है। जेल से रिहा होने व बरी होने के बाद उसने अपना खुद का समाचार पत्र प्रकाशित करना शुरू किया है।