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जीएसटीः ये नियम भूले तो रिटर्न नहीं भर पाएंगे ट्रेडर्स
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 22 May 2017 08:13 PM IST
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अब तक केवल उत्पादनकर्ताओं को ही स्टॉक रजिस्टर रखना अनिवार्य था, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद ट्रेडर्स को भी स्टॉक रजिस्टर रखना होगा। जीएसटी रिटर्न तभी भरा जा सकेगा। सोमवार को आगरा में द इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स आफ इंडिया की आगरा शाखा के साथ वाणिज्य कर विभाग ने जीएसटी वर्कशॉप में यह जानकारी दी।
जयपुर हाउस स्थित वाणिज्य कर कार्यालय में हुई वर्कशॉप का शुभारंभ एडीशनल कमिश्नर पीके सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर सीपी मिश्रा, शलभ शर्मा तथा शाखा अध्यक्ष सीए रोहित दुआ ने किया। वर्कशॉप में बताया गया कि जो नए व्यापारी पंजीकृत होंगे, उनमें आधी फर्मों का निर्धारण राज्य सरकार और आधी का कर निर्धारण केंद्र सरकार करेगी।
चार्टर्ड एकाउंटेंट के सवाल के जवाब में बताया अगर एक ही पैकेट में अलग अलग जीएसटी रेट के साथ आइटम बेचे जा रहे हैं तो सबसे ज्यादा जीएसटी रेट के हिसाब से जीएसटी लगाया जाएगा। अचल संपत्ति बनाने पर आईटीसी नहीं मिलेगी। छोटे खर्चों स्टेशनरी, मरम्मत आदि पर आईटीसी मिलेगी, लेकिन अगर अपंजीकृत व्यापारी से यह सप्लाई ली गई है तो उस पर खरीदने वाले को टैक्स देना होगा। उन्होंने बताया कि आगरा में डेढ़ करोड़ टर्न ओवर से कम वाले व्यापारी ज्यादा है।
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जयपुर हाउस स्थित वाणिज्य कर कार्यालय में हुई वर्कशॉप का शुभारंभ एडीशनल कमिश्नर पीके सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर सीपी मिश्रा, शलभ शर्मा तथा शाखा अध्यक्ष सीए रोहित दुआ ने किया। वर्कशॉप में बताया गया कि जो नए व्यापारी पंजीकृत होंगे, उनमें आधी फर्मों का निर्धारण राज्य सरकार और आधी का कर निर्धारण केंद्र सरकार करेगी।
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चार्टर्ड एकाउंटेंट के सवाल के जवाब में बताया अगर एक ही पैकेट में अलग अलग जीएसटी रेट के साथ आइटम बेचे जा रहे हैं तो सबसे ज्यादा जीएसटी रेट के हिसाब से जीएसटी लगाया जाएगा। अचल संपत्ति बनाने पर आईटीसी नहीं मिलेगी। छोटे खर्चों स्टेशनरी, मरम्मत आदि पर आईटीसी मिलेगी, लेकिन अगर अपंजीकृत व्यापारी से यह सप्लाई ली गई है तो उस पर खरीदने वाले को टैक्स देना होगा। उन्होंने बताया कि आगरा में डेढ़ करोड़ टर्न ओवर से कम वाले व्यापारी ज्यादा है।
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