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ब्लू व्हेल गेमः स्कूलों की आंख खुली, बच्चों को किया जा रहा आगाह
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 15 Sep 2017 02:48 PM IST
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blue whale
- फोटो : blue whale
ब्लू व्हेल गेम के खतरों ने स्कूलों की आंख खोल दी है। आगरा के कई स्कूलों में बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें इस गेम के खतरों से आगाह किया गया है। सलाह दी गई है कि इस गेम से दूर रहें।
कई स्कूलों ने तो अपनी कंप्यूटर क्लास में स्क्रीन पर समझाया है कि यह गेम क्या है और इसमें जान तक का खतरा क्यों है? हालांकि कई स्कूलों ने अभी तक बच्चों को जागरूक नहीं किया है।
होली पब्लिक स्कूल के चेयरमैन संजय तोमर ने बताया कि ब्लू व्हेल गेम्स के प्रति अभिभावकों को मेसेज भेजा जा रहा है कि वह विद्यार्थी की गतिविधि पर नजर रखें। इंटरनेट पर वह क्या कर रहा है, देखते रहें।
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जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ स्कूल का आईटी विभाग कक्षा चार और उससे ऊपर की कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को ब्लू व्हेल और उस जैसे खतरनाक इंटरनेट गेम्स के दुष्प्रभावों से अवगत करा रहा है। इनसे बचने की सलाह दे रहा है। किसी भी गेम में व्यक्तिगत जानकारी देने से भी मना किया जा रहा है।
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कई स्कूलों ने तो अपनी कंप्यूटर क्लास में स्क्रीन पर समझाया है कि यह गेम क्या है और इसमें जान तक का खतरा क्यों है? हालांकि कई स्कूलों ने अभी तक बच्चों को जागरूक नहीं किया है।
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होली पब्लिक स्कूल के चेयरमैन संजय तोमर ने बताया कि ब्लू व्हेल गेम्स के प्रति अभिभावकों को मेसेज भेजा जा रहा है कि वह विद्यार्थी की गतिविधि पर नजर रखें। इंटरनेट पर वह क्या कर रहा है, देखते रहें।
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जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ स्कूल का आईटी विभाग कक्षा चार और उससे ऊपर की कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को ब्लू व्हेल और उस जैसे खतरनाक इंटरनेट गेम्स के दुष्प्रभावों से अवगत करा रहा है। इनसे बचने की सलाह दे रहा है। किसी भी गेम में व्यक्तिगत जानकारी देने से भी मना किया जा रहा है।
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सरकार इस पर लगाए रोक
अभिभावकों का कहना है कि जब यह गेम इतना खतरनाक है और इसके चक्कर में आकर बच्चे जान तक दे चुके हैं, तो इसे चलने क्यों दिया रहा है। उन्होंने सरकार से इसे बंद कराने की मांग रखी है। कमला नगर की रीना बंसल का कहना है कि गेम के बारे में सुनकर ही डर लगता है। बच्चों को इससे आगाह किया है। सरकार को इसे बंद कर देना चाहिए। आवास विकास सेक्टर सात की रीनू शर्मा का कहना है कि सरकार गंभीर नहीं है, वरना अब तक इसे बंद करा देती।