माइक्रोसॉफ्ट के इस कर्मचारी से नफरत नहीं करते स्टीव जॉब्स तो नहीं बनता आईफोन

आज हम आपको माइक्रोसॉफ्ट के एक ऐसे शख्स के बारे में बताएंगे जो नहीं होता तो आज दुनिया को आईफोन और आईपैड भी नहीं मिले होते। माइक्रोसॉफ्ट के इस शख्स से स्टीव जॉब्स इतनी नफरत करते थे कि उन्होंने इसी नफरत से आईफोन बना दिया।
इस बात का खुलासा एप्पल के पूर्व आईओएस चीफ स्कॉट फोरस्टॉल (Scott Forstall) ने हाल ही में एक इंटरव्यू में किया है। उन्होंने बताया कि आईपैड और आईफोन का निर्माण एक नफरत की बदौलत शुरू हुआ। माइक्रोसॉफ्ट के उस कर्मचारी से जब भी स्टीव जॉब्स की मुलाकात होती तो जॉब्स गुस्से में ही वापस लौटते।
कॉफी शॉप में आया टच स्क्रीन का आइडिया

स्कॉट ने माइक्रोसॉफ्ट वाले उस शख्स के नाम का खुलासा नहीं किया जिससे स्टीब जॉब पसंद नहीं करते थे। हालांकि उन्होंने इतना जरूर बताया कि वह शख्स स्टीव जॉब्स की वाइफ लॉरेन पावेल जॉब्स (Laurene Powell Jobs) के करीबी दोस्त का हसबैंड है।
इस कहानी में तब मोड़ आया जब एक माइक्रोसॉफ्ट के उस कर्मचारी ने 10वीं बार खुद को प्रोजेक्ट में व्यस्त बताते हुए जॉब्स के साथ डिनर करने से मना कर दिया कि माइक्रोसॉफ्ट अपने स्टाइलश कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर से दुनिया बदलने जा रहा है, जबकि एप्पल के पास इसका लाइसेंस नहीं है। इसी बात पर स्टीव जॉब्स चिढ़ गए और कहा कि वह साबित करके दिखाएंगे कि वास्तव में टैबलेट होता कैसा है। इस बात का जिक्र Walter Isaacson की बायोग्राफी में है।
इसके बाद ही स्टीव जॉब्स ने एप्पल की नींव रखी। उनका मानना था कि इंसान के पास 10 उंगलियां हैं जो 10 स्टाइलश का काम कर रही हैं। इसके बाद ही एप्पल ने टच स्क्रीन टैबलेट तैयार किया गया।
इसके बाद एक बार स्कॉट फोरस्टॉल और स्टीव जॉब्स एक कॉफी शॉप में थे। इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि लोग अपने फोन से खुश नहीं हैं। उसी समय उनके दिमाग में मल्टीटच प्रोजक्ट को फोन की साइज में ढालने का ख्याल आया। इस प्रोजेक्ट का नाम 'प्रॉजेक्ट पर्पल' रखा गया जो आगे चलकर आईफोन बना।